आग में फंसने पर कैसे जाती है जान? जानिए मौत की असली वजह और बचाव के जरूरी उपाय

आग में फंसने पर कैसे जाती है जान? जानिए मौत की असली वजह और बचाव के जरूरी उपाय

दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण होटल अग्निकांड ने एक बार फिर आग से होने वाले हादसों की भयावहता को सामने ला दिया है। इस दुर्घटना में 21 लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा कि आग लगने की स्थिति में इंसान की मौत आखिर किस वजह से होती है और इसमें कितना समय लग सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आग से होने वाली मौत केवल शरीर के जलने के कारण नहीं होती। कई मामलों में लोगों की जान धुएं और जहरीली गैसों के कारण पहले ही चली जाती है। आग लगने पर निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी गैसें शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा को तेजी से कम कर देती हैं, जिससे व्यक्ति बेहोश हो सकता है।

अगर आग किसी बंद जगह पर लगी हो और वहां धुआं भर जाए, तो कुछ ही मिनटों में सांस लेना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति 2 से 5 मिनट के भीतर बेहोशी की हालत में पहुंच सकता है। वहीं, तेज लपटों और अत्यधिक गर्मी के बीच फंसे लोगों के लिए खतरा और बढ़ जाता है, जहां मौत 10 से 20 मिनट के भीतर भी हो सकती है। हालांकि यह समय परिस्थितियों के अनुसार बदल सकता है।

आग की चपेट में आने पर शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है। त्वचा और ऊतक (टिशू) क्षतिग्रस्त होने लगते हैं, जबकि गर्म हवा और धुएं के कारण श्वसन तंत्र पर भी गंभीर असर पड़ता है। कई बार फेफड़ों की नलियां सूज जाती हैं, जिससे ऑक्सीजन शरीर तक नहीं पहुंच पाती और अंग काम करना बंद कर सकते हैं।

चिकित्सकों के मुताबिक गंभीर रूप से झुलसने वाले मरीजों को असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है। ऐसे मरीजों के इलाज में लंबा समय लग सकता है और कई बार बार-बार सर्जरी की जरूरत भी पड़ती है। यही कारण है कि आग से जुड़ी घटनाओं को सबसे दर्दनाक दुर्घटनाओं में गिना जाता है।

देश में हर साल बड़ी संख्या में लोग आग लगने की घटनाओं का शिकार होते हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े भी इस खतरे की गंभीरता को दर्शाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सही समय पर चेतावनी और त्वरित बचाव से कई जानें बचाई जा सकती हैं।

आग से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए इमारतों में स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म, अग्निशमन उपकरण और सुरक्षित इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था बेहद जरूरी है। साथ ही लोगों को आग लगने की स्थिति में बचाव और निकासी के तरीकों की जानकारी होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

(Photo : AI Generated)