आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप-2026 में न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम ने आखिरकार अपनी पहली जीत दर्ज कर ली है। शुक्रवार देर रात खेले गए बेहद रोमांचक मुकाबले में मौजूदा चैंपियन न्यूजीलैंड ने आयरलैंड को सिर्फ चार रनों के करीबी अंतर से मात दी। एक समय ऐसा लग रहा था कि मुकाबला पूरी तरह आयरलैंड के पक्ष में चला गया है, लेकिन आखिरी कुछ ओवरों में कीवी गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए अपनी टीम को जीत दिला दी। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को भी जिंदा रखा है।
मैच में न्यूजीलैंड की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही थी। बल्लेबाजों के संघर्ष के बावजूद टीम ने किसी तरह 140 रनों का स्कोर खड़ा किया। जवाब में उतरी आयरलैंड की टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए जबरदस्त संघर्ष दिखाया और एक समय जीत की दहलीज पर खड़ी नजर आ रही थी। कप्तान गेबी लुइस और ओर्ला प्रेंडेरगास्ट की शानदार साझेदारी ने आयरलैंड को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था, लेकिन आखिरी समय में न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने दबाव बनाकर मुकाबले का रुख बदल दिया।
आयरलैंड की शानदार शुरुआत, लेकिन आखिरी में पलटा मैच
140 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आयरलैंड टीम को शुरुआत में झटका जरूर लगा, लेकिन इसके बाद कप्तान गेबी लुइस और ओर्ला प्रेंडेरगास्ट ने पारी को संभाल लिया। दूसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर एमी हंटर महज दो रन बनाकर आउट हो गई थीं। इसके बाद दोनों बल्लेबाजों ने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाया।
लुइस और प्रेंडेरगास्ट ने दूसरे विकेट के लिए 110 रनों की बड़ी साझेदारी कर न्यूजीलैंड को दबाव में डाल दिया। दोनों बल्लेबाजों ने कीवी गेंदबाजों के खिलाफ शानदार शॉट लगाए और आयरलैंड को जीत के काफी करीब पहुंचा दिया। इस साझेदारी के दौरान ऐसा लग रहा था कि आयरलैंड आसानी से मुकाबला अपने नाम कर लेगा।
लेकिन न्यूजीलैंड की ऑलराउंडर मेली कर ने 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर ओर्ला प्रेंडेरगास्ट को आउट कर मैच में अपनी टीम की वापसी करा दी। प्रेंडेरगास्ट ने 53 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौकों और एक छक्के की मदद से 59 रन बनाए। उनका विकेट गिरना आयरलैंड के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।
इसके बाद समीकरण बदल गए। आयरलैंड को आखिरी दो ओवरों में जीत के लिए 25 रनों की जरूरत थी। दबाव बढ़ने के बीच न्यूजीलैंड की गेंदबाज रोजमेरी माइर ने 19वें ओवर की चौथी गेंद पर कप्तान गेबी लुइस को पवेलियन भेज दिया। लुइस ने 53 गेंदों में छह चौकों की मदद से 58 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति तक पहुंचाया था।
लुइस के आउट होने के बाद आयरलैंड के निचले क्रम के बल्लेबाजों ने कोशिश जरूर की, लेकिन लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके। लिआ पॉल और एमी लिटिल ने आखिरी गेंद तक संघर्ष किया, लेकिन न्यूजीलैंड ने संयम बनाए रखा और चार रनों से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी रही कमजोर
इससे पहले टॉस के बाद बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड टीम के लिए शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम की सलामी बल्लेबाज जॉर्जिया प्लिमर पहले ही ओवर की आखिरी गेंद पर आउट हो गईं। उनके जल्दी आउट होने के बाद न्यूजीलैंड की पारी लय हासिल नहीं कर सकी।
आयरलैंड के गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा और नियमित अंतराल पर विकेट हासिल किए। न्यूजीलैंड की बल्लेबाज खुलकर रन बनाने में संघर्ष करती नजर आईं। बड़े शॉट लगाने की कोशिश में कई बल्लेबाज अपना विकेट गंवा बैठीं, जिसके कारण टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी।
न्यूजीलैंड की ओर से इजी शार्प ने सबसे ज्यादा रन बनाए। उन्होंने 28 गेंदों में चार चौकों की मदद से 36 रनों की उपयोगी पारी खेली। उनकी पारी ने टीम को संभालने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा ब्रुक हॉलिडे ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने 37 गेंदों पर 34 रन बनाए और पारी को स्थिरता देने की कोशिश की।
कप्तान मेली कर ने भी मुश्किल समय में जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने 24 गेंदों में चार चौकों की मदद से 30 रन बनाए। हालांकि इन छोटी-छोटी पारियों के बावजूद न्यूजीलैंड की टीम तेजी से रन नहीं बना सकी और 20 ओवरों में छह विकेट खोकर 140 रन ही बना पाई।
आयरलैंड की गेंदबाजी ने रोकी रफ्तार
आयरलैंड के गेंदबाजों ने पूरे मुकाबले में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। शुरुआत से ही विकेट हासिल करने की रणनीति सफल रही और उन्होंने कीवी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। लगातार गिरते विकेटों की वजह से न्यूजीलैंड बड़ा स्कोर बनाने से चूक गया।
हालांकि आयरलैंड की टीम बल्लेबाजी में शानदार स्थिति में होने के बावजूद जीत हासिल नहीं कर पाई। कप्तान गेबी लुइस और प्रेंडेरगास्ट की मेहनत आखिरी समय में बेकार चली गई। दोनों बल्लेबाजों ने टीम को जीत के करीब पहुंचा दिया था, लेकिन अंतिम ओवरों में न्यूजीलैंड के अनुभव और दबाव झेलने की क्षमता ने अंतर पैदा कर दिया।
सेमीफाइनल की रेस में न्यूजीलैंड की वापसी
इस जीत से न्यूजीलैंड को टूर्नामेंट में काफी राहत मिली है। शुरुआती मुकाबलों में प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहने के बाद टीम पर दबाव बढ़ गया था। अब आयरलैंड के खिलाफ मिली यह जीत उसके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली साबित होगी।
मौजूदा चैंपियन न्यूजीलैंड जानती है कि आगे के मुकाबले उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। टीम को सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए आने वाले मैचों में भी इसी तरह का प्रदर्शन दोहराना होगा। वहीं आयरलैंड के लिए यह हार निराशाजनक रही, क्योंकि टीम ने लगभग पूरा मुकाबला अपने नियंत्रण में रखा था।
महिला टी20 क्रिकेट में एक बार फिर साबित हुआ कि आखिरी गेंद तक मुकाबला बदल सकता है। आयरलैंड जीत के बेहद करीब पहुंचने के बावजूद चार रन से पीछे रह गया, जबकि न्यूजीलैंड ने मुश्किल हालात में धैर्य दिखाकर टूर्नामेंट में अपनी उम्मीदों को कायम रखा।



