भारतीय एथलेटिक्स के लिए एशियन रिले चैंपियनशिप 2026 यादगार साबित हुई। प्रतियोगिता में भारत की महिला 4×100 मीटर रिले टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल रेस में भारतीय धाविकाओं ने चीन जैसी मजबूत टीम को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया। भारतीय टीम ने 43.85 सेकंड का समय निकालकर सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और पूरे टूर्नामेंट में देश का नाम रोशन किया।
इस चैंपियनशिप में भारत ने कुल तीन पदक जीते। इनमें एक गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहा। महिला 4×100 मीटर रिले में मिली जीत भारत के अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। टीम की शानदार टाइमिंग, बेहतरीन तालमेल और आखिरी चरण में तेज रफ्तार ने उसे चैंपियन बना दिया।
फाइनल मुकाबले में भारत और चीन के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। हालांकि भारतीय टीम ने शुरुआत से ही अपनी पकड़ बनाए रखी और रेस के अंतिम हिस्से में शानदार फिनिश करते हुए बाजी मार ली। चीन की टीम 44.09 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रही और उसे सिल्वर मेडल मिला। वहीं थाईलैंड ने 44.11 सेकंड में रेस पूरी कर ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
भारत की गोल्ड जीतने वाली महिला रिले टीम में श्रावणी नंदा, एसएस स्नेहा, सुदेष्णा शिवंकर और तमन्ना शामिल थीं। चारों खिलाड़ियों ने पूरे मुकाबले के दौरान बेहतरीन समन्वय दिखाया। खासतौर पर बैटन बदलने की तकनीक और आखिरी चरण में स्पीड बनाए रखने की क्षमता ने भारतीय टीम को बाकी टीमों से आगे रखा।
टीम को इस सफलता तक पहुंचाने में कोचिंग और रणनीति की भी अहम भूमिका रही। रिलायंस फाउंडेशन के कोच मार्टिन ओवेन्स के मार्गदर्शन में भारतीय खिलाड़ियों ने रेस प्लान को पूरी तरह लागू किया। सही रणनीति और खिलाड़ियों के आत्मविश्वास ने भारत को एशिया की शीर्ष टीमों में खड़ा कर दिया।
तमन्ना और स्नेहा का शानदार प्रदर्शन, दो-दो पदक किए अपने नाम
इस प्रतियोगिता में भारतीय एथलीट तमन्ना और एसएस स्नेहा का प्रदर्शन खास तौर पर चर्चा में रहा। दोनों खिलाड़ियों ने दो-दो पदक जीतकर अपने अभियान को सफल बनाया। महिला 4×100 मीटर रिले में गोल्ड मेडल जीतने से पहले दोनों ने मिक्स्ड 4×100 मीटर रिले स्पर्धा में भी भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। मिक्स्ड 4×100 मीटर रिले टीम में तमन्ना और स्नेहा के साथ अनिमेष कुजूर और प्रणव गुरव शामिल थे। भारतीय टीम ने इस मुकाबले में 41.27 सेकंड का समय दर्ज किया और तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक जीता। इस स्पर्धा में थाईलैंड ने 41.14 सेकंड के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि चीन की टीम 41.29 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रही।
इस प्रदर्शन से साफ हुआ कि भारतीय रिले टीमों ने इस चैंपियनशिप में केवल एक इवेंट तक सीमित सफलता नहीं हासिल की, बल्कि अलग-अलग रिले स्पर्धाओं में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की।
मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले में भारत ने जीता सिल्वर मेडल
भारत को प्रतियोगिता का दूसरा बड़ा पदक मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले स्पर्धा में मिला। भारतीय टीम ने इस रेस में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। टीम में थीर्थेश पी शेट्टी, एमआर पूवम्मा, भारत श्रीधर और नीरू पाठक शामिल थे।
भारतीय चौकड़ी ने 3 मिनट 17.06 सेकंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया। हालांकि गोल्ड मेडल भारत के हाथ से निकल गया और वियतनाम की टीम ने बाजी मारते हुए पहला स्थान हासिल किया। इसके बावजूद भारतीय टीम का प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा और उसने प्रतियोगिता में भारत के पदकों की संख्या बढ़ाई।
मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले में खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही अच्छी गति बनाए रखी। टीम के सभी सदस्यों ने अपने-अपने हिस्से की जिम्मेदारी को बखूबी निभाया और भारत को पोडियम तक पहुंचाया।
4×400 मीटर रिले में नहीं मिला पदक, चौथे और पांचवें स्थान पर रहीं भारतीय टीमें
रिले चैंपियनशिप के स्प्रिंट इवेंट्स में शानदार सफलता हासिल करने के बाद भारत को 4×400 मीटर रिले मुकाबलों में थोड़ी निराशा झेलनी पड़ी। महिला 4×400 मीटर रिले में भारतीय टीम पदक से चूक गई और चौथे स्थान पर रही। महिला टीम में एमआर पूवम्मा, रशदीप कौर, अनसा बाबू और सलोनी नागर शामिल थीं। भारतीय टीम ने 3:34.88 सेकंड का समय दर्ज किया, लेकिन यह प्रदर्शन उसे पोडियम तक नहीं पहुंचा सका। इस स्पर्धा में वियतनाम की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3:31.16 सेकंड के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता।
वहीं पुरुषों की 4×400 मीटर रिले में भी भारतीय टीम को सफलता नहीं मिल सकी। पुरुष टीम में थीर्थेश पी शेट्टी, अविनाश कुमार, सूरज अलगर राजा और भारत श्रीधर शामिल थे। भारतीय टीम ने 3:05.33 सेकंड का समय निकाला और पांचवें स्थान पर रही। पुरुषों की इस स्पर्धा में भी वियतनाम का दबदबा देखने को मिला। वियतनामी टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया और प्रतियोगिता में अपनी मजबूत स्थिति साबित की।
भारत के लिए बढ़ता आत्मविश्वास, रिले टीमों ने दिखाई नई उम्मीद
एशियन रिले चैंपियनशिप 2026 में भारत का प्रदर्शन आने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। खासतौर पर महिला 4×100 मीटर रिले टीम की जीत ने भारतीय एथलेटिक्स में नई उम्मीद जगाई है। भारत ने इस प्रतियोगिता में दिखाया कि उसकी रिले टीमें अब एशिया की शीर्ष टीमों को चुनौती देने की क्षमता रखती हैं। खिलाड़ियों के बीच तालमेल, बेहतर प्रशिक्षण और लगातार सुधार ने भारतीय टीमों को मजबूत बनाया है।
महिला 4×100 मीटर रिले में गोल्ड, मिक्स्ड 4×400 मीटर में सिल्वर और मिक्स्ड 4×100 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल के साथ भारत ने कुल तीन पदक हासिल किए। यह प्रदर्शन बताता है कि भारतीय एथलीट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं।
आने वाले टूर्नामेंटों में भी इन खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। खासतौर पर श्रावणी नंदा, स्नेहा, तमन्ना और उनकी टीम के अन्य सदस्यों ने जिस तरह दबाव के बीच प्रदर्शन किया है, वह भारतीय रिले टीमों के भविष्य के लिए एक मजबूत संकेत है।




