टाइम्स स्क्वायर में दिखा योग का वैश्विक असर: हजारों लोगों ने एक साथ किए आसन, भारत की संस्कृति का दुनिया में संदेश

टाइम्स स्क्वायर में दिखा योग का वैश्विक असर: हजारों लोगों ने एक साथ किए आसन, भारत की संस्कृति का दुनिया में संदेश

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर का मशहूर टाइम्स स्क्वायर योग और ध्यान के रंग में डूब गया। दुनिया के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल इस जगह पर हजारों लोगों ने एक साथ योग किया और शांति, स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया। इस आयोजन में 12 हजार से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें अलग-अलग देशों के नागरिकों के साथ भारतीय समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

टाइम्स स्क्वायर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में योग, ध्यान और प्राणायाम के जरिए लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने सुबह से ही इस कार्यक्रम में भाग लिया और खुले आसमान के नीचे योगासन किए। आयोजकों के मुताबिक, इस बार कार्यक्रम के लिए 12 हजार से ज्यादा लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध योग गुरु डॉ. एचआर नागेंद्र रहे। बेंगलुरु स्थित एस-व्यासा यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग गुरु के रूप में भी पहचाना जाता है। उन्होंने योग सत्र का नेतृत्व किया और लोगों को योग के महत्व के बारे में बताया।

डॉ. नागेंद्र ने कहा कि योग सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और सोच के बीच संतुलन बनाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव आते हैं, लेकिन नियमित योग और सही प्राणायाम से व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय रह सकता है। उन्होंने कहा कि योग एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है, जो व्यक्ति को अपने शरीर और मानसिक क्षमता को समझने में मदद करता है। योग के जरिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ और लंबी उम्र के लिए योग’ रखी गई थी। इसी संदेश के साथ दुनिया के कई हिस्सों में योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। न्यूयॉर्क का टाइम्स स्क्वायर आयोजन भी इसी अभियान का हिस्सा रहा, जहां हजारों लोगों ने एक साथ योग कर दुनिया को स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान न्यूयॉर्क स्थित भारतीय कॉन्सुलेट में भी विशेष ध्यान सत्र का आयोजन किया गया। इसमें योग गुरु एचआर नागेंद्र ने लोगों को ध्यान और मानसिक शांति के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को सिर्फ शरीर से नहीं बल्कि मन, प्राण, भक्ति और बुद्धि के स्तर पर भी मजबूत बनाता है।

भारत के कॉन्सुल जनरल बिनय प्रधान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका में योग की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यहां बढ़ती संख्या में योग केंद्र खुल रहे हैं और लोग योग को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि योग भारत की ऐसी विरासत है, जिसे पूरी दुनिया ने अपनाया है। आज योग किसी एक देश या संस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य और शांति का माध्यम बन चुका है।

उत्तर अमेरिका राजस्थान एसोसिएशन (RANA) के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्ताव के बाद संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी थी। प्रेम भंडारी ने बताया कि पिछले कई वर्षों से संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय और अमेरिकी संसद परिसर कैपिटल हिल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर भी योग कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि योग अब दुनिया के 190 से अधिक देशों में मनाया जाने वाला बड़ा आंदोलन बन चुका है।

टाइम्स स्क्वायर में होने वाला यह योग कार्यक्रम भी वर्षों में काफी बड़ा हो गया है। इसकी शुरुआत साल 2003 में केवल तीन लोगों के साथ हुई थी। धीरे-धीरे लोगों की भागीदारी बढ़ती गई और आज यह दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक योग आयोजनों में शामिल हो चुका है। अब इस आयोजन में पूरे दिन कई योग सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिनमें अलग-अलग उम्र और देशों के लोग हिस्सा लेते हैं। प्रतिभागियों का कहना है कि टाइम्स स्क्वायर जैसी तेज रफ्तार और शोर-शराबे वाली जगह पर योग करना अपने आप में एक अलग अनुभव है।

एक प्रतिभागी ने कहा कि दुनिया के सबसे व्यस्त स्थानों में से एक पर हजारों लोगों के साथ योग करना बेहद खास महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि यहां अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के लोग एक साथ आए और योग के जरिए एकता और सकारात्मकता का संदेश दिया। एक अन्य प्रतिभागी ने बताया कि आमतौर पर टाइम्स स्क्वायर को भीड़, ट्रैफिक और चमकदार रोशनी के लिए जाना जाता है, लेकिन योग के दौरान इस जगह का माहौल पूरी तरह बदल गया। लोगों को कुछ समय के लिए शांति और स्थिरता का अनुभव हुआ।

इस कार्यक्रम में कई देशों के राजनयिकों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत के लोगों, योग संस्थानों और आध्यात्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों की भी इसमें बड़ी भागीदारी रही। कार्यक्रम में संयुक्त अरब अमीरात, सर्बिया, नेपाल, रोमानिया और मलेशिया समेत कई देशों के राजनयिक और प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। आयोजकों ने कहा कि योग केवल स्वास्थ्य से जुड़ा अभ्यास नहीं है, बल्कि यह विभिन्न देशों और संस्कृतियों को जोड़ने का माध्यम भी बन रहा है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत साल 2014 में हुई थी, जब संयुक्त राष्ट्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव पर 21 जून को योग दिवस घोषित किया था। इसके बाद हर साल दुनिया भर में योग से जुड़े बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। आज योग भारत की पहचान के साथ-साथ वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का हिस्सा बन चुका है। न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में हुआ यह आयोजन इसी बात का उदाहरण है कि योग ने सीमाओं को पार कर पूरी दुनिया में अपनी जगह बना ली है।