इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम भारत में दोबारा उपलब्ध हो गया है। करीब एक हफ्ते तक चली रोक के बाद अब यूजर्स इस एप को फिर से इस्तेमाल कर पा रहे हैं। नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) से जुड़े फर्जी पेपर और कथित लीक सामग्री के प्रसार को लेकर सरकार ने टेलीग्राम और उसकी वेब सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया था। यह रोक 22 जून तक लागू थी।
NEET की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित होने के बाद सरकार की ओर से लगाया गया अस्थायी ब्लॉक खत्म हो गया। इसके बाद 23 जून की सुबह से टेलीग्राम गूगल प्ले स्टोर पर फिर दिखाई देने लगा। हालांकि शुरुआत में कई यूजर्स को एप डाउनलोड करने, लॉगिन करने और अकाउंट एक्सेस करने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
कुछ यूजर्स ने शिकायत की कि एप डाउनलोड होने के बाद भी साइन अप प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही थी। वहीं कई लोगों को चैट खोलने और मैसेज भेजने में दिक्कत आई। यह समस्या कुछ मामलों में जियो और एयरटेल नेटवर्क इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के सामने भी आई। दूसरी ओर, आईफोन यूजर्स के लिए कुछ समय तक एप स्टोर पर टेलीग्राम उपलब्ध नहीं था। हालांकि बाद में टेलीग्राम ने अपने आधिकारिक अपडेट में बताया कि भारत में उसकी सभी सेवाएं सामान्य रूप से बहाल कर दी गई हैं। कंपनी ने संकेत दिया कि यूजर्स अब पहले की तरह प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं।
30 जून तक नहीं बदले जा सकेंगे भेजे गए मैसेज
भारत में टेलीग्राम की वापसी जरूर हो गई है, लेकिन यूजर्स को फिलहाल एक फीचर का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। सरकार के निर्देश के बाद टेलीग्राम पर मैसेज एडिट करने की सुविधा 30 जून तक बंद रखी जाएगी। इसका मतलब है कि कोई भी यूजर पहले से भेजे गए मैसेज में बदलाव नहीं कर पाएगा। सामान्य तौर पर टेलीग्राम अपने यूजर्स को भेजे गए संदेशों को एडिट करने की सुविधा देता है, लेकिन फिलहाल इस फीचर पर रोक लगाई गई है।
सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि किसी भी तरह के आपत्तिजनक या गलत कंटेंट में बाद में बदलाव कर जांच प्रक्रिया को प्रभावित न किया जा सके।
NEET पेपर विवाद के बाद आया था एक्शन
टेलीग्राम पर कार्रवाई की वजह NEET परीक्षा से जुड़ा विवाद था। सरकार का कहना था कि प्लेटफॉर्म पर परीक्षा से संबंधित नकली पेपर, लीक सामग्री और भ्रामक जानकारी तेजी से फैलाई जा रही थी। आरोप था कि टेलीग्राम ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा पाया। बड़े स्तर पर बनाए जाने वाले ग्रुप और चैनलों के जरिए कंटेंट तेजी से फैलने की वजह से सरकार ने इसे परीक्षा की निष्पक्षता के लिए खतरा माना।
इसी कारण केंद्र सरकार ने टेलीग्राम और उससे जुड़ी वेब सेवाओं को 22 जून तक पूरी तरह ब्लॉक करने का फैसला लिया। यह प्रतिबंध NEET री-एग्जाम के दौरान भी जारी रखा गया ताकि परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित रखा जा सके। अधिकारियों के अनुसार 21 जून को आयोजित दोबारा परीक्षा के दौरान किसी बड़ी गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली।
टेलीग्राम ने कोर्ट में दी थी चुनौती
सरकार के फैसले के खिलाफ टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कंपनी का कहना था कि प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया में जरूरी कानूनी नियमों का पालन नहीं किया गया।हालांकि अदालत ने सरकार के कदम को सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है और अगर किसी प्लेटफॉर्म के जरिए परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियां फैल रही हैं तो सरकार को कार्रवाई करने का अधिकार है। अदालत ने टेलीग्राम की उस दलील को स्वीकार नहीं किया जिसमें कंपनी ने प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।
टेलीग्राम पर कार्रवाई, लेकिन WhatsApp पर क्यों नहीं?
टेलीग्राम और WhatsApp दोनों मैसेजिंग प्लेटफॉर्म हैं, लेकिन दोनों के काम करने के तरीके में बड़ा अंतर है। सरकार का मानना है कि टेलीग्राम पर बड़े समूहों और चैनलों के कारण गलत जानकारी तेजी से फैल सकती है। टेलीग्राम में यूजर कई बार अपने मोबाइल नंबर को सार्वजनिक किए बिना केवल यूजरनेम के जरिए पहचान बना सकता है। इससे किसी व्यक्ति की पहचान करना मुश्किल हो सकता है।
वहीं WhatsApp में अकाउंट बनाने के लिए मोबाइल नंबर जरूरी होता है। इसके अलावा कंपनी भारतीय नियमों के तहत काम करती है और जरूरत पड़ने पर जांच एजेंसियों को जानकारी देने की व्यवस्था मौजूद है। टेलीग्राम में बड़े ग्रुप और चैनल बनाए जा सकते हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग एक साथ जुड़ सकते हैं। इसी वजह से अधिकारियों का मानना है कि यहां किसी भी तरह का कंटेंट बहुत तेजी से फैल सकता है। इसके मुकाबले WhatsApp ग्रुप की सीमा तय है और प्लेटफॉर्म पर निगरानी और शिकायत व्यवस्था अलग तरीके से काम करती है।
टेलीग्राम यूजर्स के लिए आगे क्या?
अब जबकि भारत में टेलीग्राम फिर से शुरू हो गया है, यूजर्स सामान्य चैटिंग, फाइल शेयरिंग और अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे। हालांकि 30 जून तक मैसेज एडिटिंग फीचर बंद रहेगा। सरकार और कंपनी के बीच आगे भी नियमों और निगरानी को लेकर बातचीत जारी रह सकती है। NEET विवाद के बाद यह मामला केवल एक एप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कंटेंट मॉडरेशन और जवाबदेही को लेकर बड़ी चर्चा शुरू हो गई है।
फिलहाल टेलीग्राम भारत में वापस आ चुका है, लेकिन सरकार की सख्ती और डिजिटल प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी को लेकर बहस जारी है।




