वर्ल्ड कप में बड़ा उलटफेर: उरुग्वे का सफर खत्म, स्पेन ने जीत के साथ किया नॉकआउट में प्रवेश; फ्रांस-बेल्जियम भी आगे

वर्ल्ड कप में बड़ा उलटफेर: उरुग्वे का सफर खत्म, स्पेन ने जीत के साथ किया नॉकआउट में प्रवेश; फ्रांस-बेल्जियम भी आगे

फुटबॉल वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में कई बड़े मुकाबलों के बाद अब नॉकआउट राउंड की तस्वीर साफ होने लगी है। टूर्नामेंट की दो बार की विजेता उरुग्वे का सफर इस बार उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा और टीम लीग स्टेज से ही बाहर हो गई। स्पेन के खिलाफ खेले गए अहम मुकाबले में उसे 1-0 से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ स्पेन ने ग्रुप-एच में शीर्ष स्थान हासिल कर अगले दौर में जगह बना ली।

उरुग्वे के लिए यह टूर्नामेंट बेहद निराशाजनक रहा। टीम तीनों मुकाबलों में जीत दर्ज नहीं कर सकी और एक भी मैच में पूरी लय में नजर नहीं आई। फीफा रैंकिंग में 19वें स्थान पर मौजूद उरुग्वे इस वर्ल्ड कप से बाहर होने वाली सबसे ऊंची रैंकिंग वाली टीम बन गई है।

स्पेन और उरुग्वे के बीच मुकाबला शुरुआत से ही कड़ा रहा। दोनों टीमों ने डिफेंस पर ज्यादा ध्यान दिया और पहले हाफ में लंबे समय तक कोई गोल नहीं हो सका। हालांकि, मैच के 42वें मिनट में स्पेन के एलेक्स बाएना ने शानदार प्रयास करते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। उरुग्वे के अनुभवी गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा इस शॉट को रोकने में नाकाम रहे और यही गोल मैच का निर्णायक पल साबित हुआ।

मुस्लेरा के लिए यह मुकाबला यादगार नहीं रहा। टूर्नामेंट में यह उनकी तीसरी बड़ी गलती मानी जा रही है। 40 साल के गोलकीपर ने हाफ टाइम के दौरान खुद को मैदान से बाहर करने का अनुरोध किया, जिसके बाद दूसरे हाफ में सर्जियो रोचेट ने गोलकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली।

स्पेन की जीत के बावजूद टीम के लिए एक चिंता भी सामने आई। मिडफील्डर यरेमी पीनो मैच के दौरान चोटिल हो गए। उनकी कॉलर बोन में फ्रैक्चर की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते उनके पूरे टूर्नामेंट से बाहर होने की संभावना है। वहीं, उरुग्वे के मिडफील्डर मैनुअल उगार्ते भी घुटने की चोट के कारण स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर गए।

मैच के आखिरी समय में उरुग्वे को एक और झटका लगा। इंजरी टाइम में अगस्टिन कानोब्बियो को स्पेन के डिफेंडर पाउ कुबार्सी पर खतरनाक टैकल करने के कारण रेड कार्ड दिखाया गया।

हार के बाद उरुग्वे के कोच मार्सेलो बिएल्सा ने टीम के प्रदर्शन की जिम्मेदारी खुद ली। उन्होंने कहा कि इस समय कोई बहाना नहीं दिया जा सकता और खराब नतीजों के लिए वह खुद जिम्मेदार हैं। बिएल्सा ने माना कि उनके पास शानदार खिलाड़ियों की टीम थी, लेकिन वह उनसे बेहतर प्रदर्शन नहीं करवा सके।

दूसरी ओर, स्पेन अब आत्मविश्वास के साथ अगले दौर में पहुंच चुका है। ग्रुप-एच में टॉप करने के बाद उसका सामना राउंड ऑफ-32 में ग्रुप-जे की उपविजेता टीम से होगा। संभावित रूप से यह मुकाबला ऑस्ट्रिया या अल्जीरिया में से किसी एक टीम के खिलाफ हो सकता है।

केप वर्डे ने रचा इतिहास, सबसे छोटा देश बना नॉकआउट टीम

वर्ल्ड कप में केप वर्डे ने भी इतिहास रच दिया। टीम पहली बार नॉकआउट चरण में पहुंची और ऐसा करने वाला दुनिया का सबसे छोटा देश बन गया। ग्रुप मुकाबलों के बाद केप वर्डे ने तीन अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहते हुए अगले दौर में जगह बनाई।

केप वर्डे ने अपने आखिरी ग्रुप मैच में सऊदी अरब के खिलाफ गोल रहित ड्रॉ खेला। हालांकि मुकाबला बिना गोल के खत्म हुआ, लेकिन टीम के लिए यह परिणाम काफी अहम साबित हुआ। इस प्रदर्शन के दम पर उसने टूर्नामेंट में अपनी जगह पक्की कर ली।

फ्रांस का दमदार प्रदर्शन, नॉर्वे भी पहुंचा अगले दौर में

ग्रुप-आई में दो बार की वर्ल्ड चैंपियन फ्रांस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप स्थान हासिल किया। फ्रांस ने अपने सबसे चर्चित मुकाबले में नॉर्वे को 4-1 से हराया। यह मैच स्टार खिलाड़ियों एर्लिंग हालैंड और किलियन एमबाप्पे की टक्कर के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन मुकाबले में फ्रांस के उस्मान डेम्बेले सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे।

डेम्बेले ने अकेले दम पर शानदार प्रदर्शन किया और मैच में तीन गोल दागे। उन्होंने 7वें, 20वें और 32वें मिनट में लगातार गोल कर नॉर्वे की मुश्किलें बढ़ा दीं। इसके बाद डिजायर दुए ने इंजरी टाइम के चौथे मिनट में चौथा गोल कर फ्रांस की बड़ी जीत तय कर दी। नॉर्वे को हार जरूर मिली, लेकिन टीम ने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहकर नॉकआउट राउंड के लिए क्वालिफाई कर लिया। फ्रांस की आक्रामक शैली और खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने टूर्नामेंट में उसकी दावेदारी को और मजबूत कर दिया है।

सेनेगल की बड़ी जीत, गोल डिफरेंस से मिली जगह

ग्रुप-आई के एक अन्य मुकाबले में सेनेगल ने शानदार खेल दिखाते हुए ईराक को 5-0 से करारी शिकस्त दी। इस बड़ी जीत ने उसे गोल डिफरेंस में फायदा पहुंचाया। सेनेगल ने अंकों और गोल अंतर के आधार पर तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों में टॉप-5 में जगह बनाई और नॉकआउट राउंड का टिकट हासिल कर लिया। सेनेगल की यह जीत टूर्नामेंट में उसकी मजबूती को दिखाती है। टीम ने पूरे मुकाबले में आक्रामक फुटबॉल खेली और विपक्षी टीम को कोई मौका नहीं दिया।

बेल्जियम की वापसी, न्यूजीलैंड का सफर समाप्त

ग्रुप-जी में बेल्जियम ने भी शानदार वापसी करते हुए नॉकआउट में प्रवेश किया। शुरुआत के दो मैचों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करने वाली बेल्जियम टीम ने आखिरी मुकाबले में न्यूजीलैंड को 5-1 से हराकर ग्रुप में पहला स्थान हासिल किया। बेल्जियम के लिए यह जीत बेहद जरूरी थी क्योंकि शुरुआती मुकाबलों में टीम ने मिस्र के साथ 1-1 का ड्रॉ खेला था और ईरान के खिलाफ मैच गोल रहित बराबरी पर खत्म हुआ था। लेकिन अंतिम मुकाबले में मिली बड़ी जीत ने पूरा समीकरण बदल दिया।

बेल्जियम की ओर से लिएंड्रो ट्रॉसार्ड ने दो गोल किए। इसके अलावा केविन डी ब्रूयने, रोमेलु लुकाकू और एलेक्सिस सालेमेकर्स ने एक-एक गोल दागा। न्यूजीलैंड के लिए एलिजाह जस्ट ने एकमात्र गोल किया, लेकिन टीम हार से नहीं बच सकी और उसका वर्ल्ड कप अभियान खत्म हो गया। वहीं, मिस्र ने ईरान के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलकर ग्रुप-जी में दूसरे स्थान पर रहते हुए अगले दौर में जगह बनाई। ईरान को अब दूसरे मुकाबलों के नतीजों पर निर्भर रहना होगा।

कुल मिलाकर वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में कई बड़े उलटफेर देखने को मिले हैं। जहां उरुग्वे जैसी दिग्गज टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई, वहीं केप वर्डे जैसी छोटी टीम ने इतिहास बना दिया। अब नॉकआउट राउंड में दुनिया की बड़ी फुटबॉल ताकतों के बीच मुकाबले और ज्यादा रोमांचक होने की उम्मीद है।