जुलाई की शुरुआत में सोना-चांदी बाजार में उतार-चढ़ाव, सोना 1.4 लाख के आसपास और चांदी में भी बड़ी गिरावट

जुलाई की शुरुआत में सोना-चांदी बाजार में उतार-चढ़ाव, सोना 1.4 लाख के आसपास और चांदी में भी बड़ी गिरावट

जुलाई महीने के पहले कारोबारी दिन घरेलू बुलियन मार्केट में कमजोरी देखने को मिली। सोने और चांदी दोनों की कीमतों पर दबाव बना रहा। वायदा बाजार में सोने के भाव में तेज गिरावट दर्ज की गई, वहीं चांदी भी ऊंचे स्तरों से नीचे आई। निवेशकों की नजर अब अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों और आगे की कीमतों की दिशा पर बनी हुई है।

बीते कुछ समय में कीमती धातुओं में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। जून महीने के दौरान भी सोने और चांदी की कीमतों में नरमी रही थी। जुलाई की शुरुआत में भी कारोबारियों को मजबूती के संकेत नहीं मिले और शुरुआती सत्र में दोनों धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।

एमसीएक्स पर सोने की कीमत में गिरावट

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाले सोने का भाव पिछले कारोबारी सत्र में 1,42,531 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। नए कारोबारी दिन में यह गिरकर 1,41,634 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला।

शुरुआती कारोबार के दौरान सोने की कीमत में करीब 1,600 रुपये तक की गिरावट देखने को मिली और भाव 1,40,810 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक पहुंच गया। सुबह करीब 10:30 बजे सोना लगभग 1,335 रुपये की कमजोरी के साथ 1,41,196 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय संकेतों, डॉलर की चाल और निवेशकों की खरीदारी में कमी का असर घरेलू सोने की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।

चांदी में भी तेज गिरावट

सोने के साथ-साथ चांदी के कारोबार में भी दबाव नजर आया। एमसीएक्स पर सितंबर डिलीवरी वाली चांदी पिछले सत्र में 2,28,563 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। नए दिन में इसका भाव 2,25,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला।

कारोबार शुरू होने के बाद चांदी करीब 5,600 रुपये से ज्यादा टूटकर 2,22,901 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। सुबह 10:30 बजे चांदी लगभग 4,238 रुपये यानी करीब 1.85 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,24,325 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रही थी। चांदी में गिरावट का असर औद्योगिक मांग और वैश्विक बाजार की कमजोरी से भी जुड़ा माना जा रहा है।

स्थानीय सर्राफा बाजार में मिला-जुला रुख

देश के खुदरा सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में नरमी देखने को मिली। बाजार भाव के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में गिरावट दर्ज की गई और यह लगभग 1,40,780 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया।

वहीं 22 कैरेट सोने का भाव भी कम होकर करीब 1,29,050 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। आभूषण बनाने में इस्तेमाल होने वाले 18 कैरेट सोने की कीमत भी गिरावट के बाद लगभग 1,05,590 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रही। हालांकि चांदी के खुदरा बाजार में कुछ जगहों पर तेजी दिखाई दी और इसका भाव लगभग 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बताया गया।

बड़े शहरों में सोने के भाव

देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिला। दिल्ली और लखनऊ जैसे बाजारों में 24 कैरेट सोना करीब 1,40,930 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा। 22 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,29,200 रुपये और 18 कैरेट सोने का भाव करीब 1,05,740 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।

मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोना लगभग 1,40,780 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। पटना, इंदौर और भोपाल जैसे शहरों में भी कीमतें इसी दायरे में बनी रहीं। चेन्नई में सोने का भाव अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में थोड़ा ज्यादा रहा। यहां 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1,42,951 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज की गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोरी

वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी पर दबाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पॉट गोल्ड की कीमत में गिरावट आई और यह लगभग 3,981.69 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच गया।

अमेरिकी बाजार में गोल्ड फ्यूचर्स भी कमजोर रहा। अगस्त डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में करीब 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, स्पॉट सिल्वर भी गिरावट के साथ लगभग 58 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई।

क्यों गिर रही हैं कीमतें?

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती, निवेशकों की बदलती रणनीति और ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली जैसे कारणों से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है। सोना आमतौर पर आर्थिक अनिश्चितता के समय सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन जब बाजार में जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ती है तो निवेशक अन्य विकल्पों की ओर भी रुख करते हैं।

चांदी पर औद्योगिक मांग का भी असर पड़ता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और अन्य क्षेत्रों की मांग में बदलाव से इसकी कीमतों में तेजी या गिरावट देखने को मिल सकती है।

आगे बाजार की दिशा पर नजर

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की चाल अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर काफी निर्भर करेगी। ब्याज दरों से जुड़े फैसले, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक आर्थिक आंकड़े कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।

घरेलू निवेशकों के लिए यह समय बाजार की चाल को समझने और जल्दबाजी में फैसला लेने से बचने का माना जा रहा है। सोना-चांदी में निवेश करने वाले लोगों की नजर अब आने वाले कारोबारी सत्रों पर रहेगी।