चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन का स्वरूप पूरी तरह बदलने की दिशा में अब सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू होने जा रहा है। केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन के व्यापक पुनर्विकास कार्य को गति देते हुए अब प्लेटफॉर्मों पर स्थायी आधुनिक छत (थ्रू रूफ) का निर्माण किया जाएगा। इस निर्माण कार्य के कारण आने वाले कुछ सप्ताह तक यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि इस दौरान कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया जाएगा। कुछ ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया जा सकता है, कुछ को बीच रास्ते से ही संचालित किया जाएगा, जबकि कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द भी किया जा सकता है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन के पुनर्विकास का यह चरण तकनीकी दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। थ्रू रूफ बनने के बाद पूरे प्लेटफॉर्म पर एक समान आधुनिक छत उपलब्ध होगी, जिससे यात्रियों को बारिश, धूप और अन्य मौसम संबंधी परेशानियों से काफी राहत मिलेगी। हालांकि, इस सुविधा के लिए कुछ समय तक यात्रियों को संचालन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
आरएलडीए ने भेजा प्रस्ताव, मंजूरी मिलते ही शुरू होगा निर्माण
रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (आरएलडीए) ने प्लेटफॉर्मों को चरणबद्ध तरीके से बंद कर निर्माण कार्य शुरू करने का प्रस्ताव अंबाला रेल मंडल को भेज दिया है। मंडल से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण एजेंसी तुरंत काम शुरू कर देगी। रेलवे प्रशासन का लक्ष्य है कि निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कर स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाए।
सूत्रों के अनुसार निर्माण कार्य को इस तरह से योजनाबद्ध किया गया है कि स्टेशन पूरी तरह बंद न करना पड़े और सीमित संसाधनों के साथ भी ट्रेन संचालन जारी रखा जा सके। इसके लिए प्लेटफॉर्मों को अलग-अलग चरणों में बंद किया जाएगा।
पहले चरण में बंद होंगे प्लेटफॉर्म नंबर 5 और 6
निर्माण कार्य की शुरुआत पंचकूला की ओर स्थित हिस्से से की जाएगी। सबसे पहले प्लेटफॉर्म नंबर 5 और 6 पर काम शुरू होगा। इन दोनों प्लेटफॉर्मों को कुछ दिनों के लिए पूरी तरह बंद रखा जाएगा। इस दौरान प्लेटफॉर्म नंबर 1, 2, 3 और 4 से ट्रेनों का संचालन जारी रहेगा, लेकिन ट्रेनों की समय-सारिणी और प्लेटफॉर्म आवंटन में लगातार बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि प्लेटफॉर्म नंबर 5 और 6 का कार्य पूरा होने के बाद निर्माण एजेंसी प्लेटफॉर्म नंबर 3 और 4 पर काम शुरू करेगी। अंतिम चरण में प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 2 पर थ्रू रूफ का निर्माण किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को इस तरह तैयार किया गया है कि एक साथ सभी प्लेटफॉर्म बंद न हों और यात्रियों को न्यूनतम परेशानी हो।
ट्रेनों के संचालन में होगा बड़ा बदलाव
निर्माण कार्य के दौरान सबसे अधिक असर ट्रेन संचालन पर पड़ने की संभावना है। रेलवे प्रशासन विभिन्न विकल्पों पर काम कर रहा है ताकि ट्रेनों का संचालन पूरी तरह प्रभावित न हो। इसके तहत कई ट्रेनों का मार्ग बदला जा सकता है। कुछ ट्रेनें दूसरे स्टेशनों के रास्ते चलाई जा सकती हैं, जबकि कुछ ट्रेनों का संचालन अंबाला तक सीमित किया जा सकता है।
इसके अलावा, कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द करने की भी संभावना जताई जा रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित ट्रेनों की अंतिम सूची निर्माण कार्य शुरू होने से पहले जारी कर दी जाएगी ताकि यात्रियों को समय रहते जानकारी मिल सके और वे अपनी यात्रा की वैकल्पिक योजना बना सकें।
यात्रियों को पहले से करनी होगी यात्रा की योजना
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस अवश्य जांच लें। प्लेटफॉर्म परिवर्तन, समय में बदलाव या ट्रेन के रूट में संशोधन जैसी सूचनाएं समय-समय पर जारी की जाएंगी। यात्रियों को रेलवे के आधिकारिक सूचना माध्यमों के जरिए लगातार अपडेट देखने की सलाह दी गई है।
विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट बुक करने के बाद भी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करते रहने की आवश्यकता होगी, क्योंकि निर्माण कार्य के दौरान परिस्थितियों के अनुसार संचालन योजना में बदलाव संभव है।
30 से 40 दिनों में पूरा होगा निर्माण कार्य
रेलवे अधिकारियों का अनुमान है कि प्रत्येक चरण का कार्य निर्धारित समय में पूरा किया जाएगा। प्लेटफॉर्म नंबर 5 और 6 पर थ्रू रूफ लगाने में लगभग 10 से 12 दिन का समय लग सकता है। इसके बाद अन्य प्लेटफॉर्मों पर भी इसी प्रकार कार्य किया जाएगा। यदि मौसम और तकनीकी परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो सभी छह प्लेटफॉर्मों पर स्थायी छत का निर्माण लगभग 30 से 40 दिनों में पूरा हो सकता है।
निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यात्रियों की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग, दिशा-निर्देश बोर्ड और अतिरिक्त रेलवे स्टाफ की भी तैनाती की जाएगी।
स्टेशन को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पहले से ही अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बड़े स्तर पर विकसित किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत स्टेशन परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। थ्रू रूफ बनने के बाद पूरे प्लेटफॉर्म पर एक समान कवर उपलब्ध होगा, जिससे यात्रियों को किसी भी मौसम में प्लेटफॉर्म पर खड़े रहने में परेशानी नहीं होगी।
इसके अलावा स्टेशन परिसर में यात्री सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा रहा है। आधुनिक प्रतीक्षालय, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, डिजिटल सूचना प्रणाली, दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं, उन्नत प्रवेश और निकास मार्ग, बेहतर यातायात प्रबंधन और आकर्षक वास्तुशिल्प स्टेशन को नया स्वरूप देंगे। रेलवे का उद्देश्य चंडीगढ़ स्टेशन को उत्तर भारत के प्रमुख आधुनिक रेलवे स्टेशनों में शामिल करना है।
कुछ समय की परेशानी, लंबे समय का लाभ
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को अस्थायी असुविधा जरूर होगी, लेकिन इसका लाभ आने वाले कई वर्षों तक मिलेगा। स्थायी छत बनने से बारिश के दौरान प्लेटफॉर्म पर पानी जमा होने की समस्या कम होगी, गर्मियों में तेज धूप से राहत मिलेगी और यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं आरामदायक वातावरण मिलेगा।
रेलवे प्रशासन का मानना है कि पुनर्विकास कार्य पूरा होने के बाद चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन न केवल सुविधाओं के मामले में बेहतर होगा, बल्कि आधुनिक डिजाइन और बेहतर यात्री अनुभव के कारण देश के प्रमुख स्टेशनों की श्रेणी में भी अपनी अलग पहचान बनाएगा। फिलहाल यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अगले कुछ सप्ताह तक यात्रा से पहले ट्रेन संचालन से जुड़ी हर नई सूचना पर नजर रखें, क्योंकि निर्माण कार्य के चलते समय-सारिणी और प्लेटफॉर्म व्यवस्था में लगातार बदलाव हो सकते हैं।


