इंग्लैंड ने भारत से छीनी वनडे सीरीज, रोहित शर्मा का 138 रन का शतक भी नहीं आया काम

इंग्लैंड ने भारत से छीनी वनडे सीरीज, रोहित शर्मा का 138 रन का शतक भी नहीं आया काम

भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज का निर्णायक मुकाबला आखिरकार मेजबान टीम के नाम रहा। लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए तीसरे और अंतिम वनडे में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 27 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने सीरीज भी 2-1 से अपने कब्जे में कर ली। मुकाबले में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने बेहतरीन शतक लगाया और अंत तक टीम की उम्मीदों को जिंदा रखा, लेकिन दूसरे बल्लेबाजों से पर्याप्त सहयोग नहीं मिलने के कारण भारत लक्ष्य से पीछे रह गया।

निर्णायक मुकाबले में इंग्लैंड ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और भारतीय गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बनाना शुरू कर दिया। इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का शानदार मिश्रण दिखाते हुए पहले विकेट के लिए बड़ी साझेदारी की। बेन डकेट और जैकब बेथेल ने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और तेजी से रन जुटाते रहे। दोनों बल्लेबाजों ने 192 रन की साझेदारी कर इंग्लैंड को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

बेन डकेट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 135 गेंदों में 141 रन बनाए। उनकी पारी में कई आकर्षक चौके और दमदार शॉट देखने को मिले। दूसरी ओर जैकब बेथेल ने भी शानदार लय में बल्लेबाजी करते हुए 91 रन बनाए। दोनों की साझेदारी ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की लय पूरी तरह बिगाड़ दी। शुरुआती सफलता नहीं मिलने के कारण भारत पूरे मैच में दबाव में नजर आया।

जब सलामी जोड़ी टूटी तब तक इंग्लैंड मजबूत आधार तैयार कर चुका था। इसके बाद अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने भी जिम्मेदारी संभाली और 74 रन की उपयोगी पारी खेली। वहीं कप्तान जोस बटलर अंत तक नाबाद रहे और केवल 41 रन बनाकर भी तेजी से रन जोड़ते हुए टीम के स्कोर को नई ऊंचाई तक पहुंचाया। रूट और बटलर ने अंतिम ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए आखिरी 19 गेंदों में 63 रन जोड़ दिए, जिसकी बदौलत इंग्लैंड ने निर्धारित 50 ओवर में तीन विकेट खोकर 387 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।

यह स्कोर भारत के खिलाफ वनडे क्रिकेट में इंग्लैंड का अब तक का सबसे बड़ा टीम स्कोर भी बन गया। भारतीय गेंदबाज पूरे मुकाबले में संघर्ष करते दिखाई दिए। प्रसिद्ध कृष्णा ने दो विकेट हासिल किए, जबकि प्रिंस यादव को एक सफलता मिली। बाकी गेंदबाज विकेट निकालने के साथ-साथ रन रोकने में भी सफल नहीं हो सके, जिसका खामियाजा टीम को अंत में भुगतना पड़ा।

388 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआत शानदार की। कप्तान रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने पहले विकेट के लिए 147 रन जोड़कर मुकाबले को पूरी तरह रोमांचक बना दिया। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआत में जोखिम कम लिया और खराब गेंदों का पूरा फायदा उठाया। इंग्लैंड के गेंदबाज शुरुआती ओवरों में विकेट के लिए तरसते रहे।

शुभमन गिल ने 78 गेंदों में 77 रन की बेहतरीन पारी खेली। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी के दौरान कई आकर्षक शॉट लगाए और रोहित शर्मा का भरपूर साथ निभाया। हालांकि बड़ी पारी खेलने से पहले उनका विकेट गिर गया, जिससे इंग्लैंड को मैच में वापसी का मौका मिल गया।

गिल के आउट होने के बाद रोहित शर्मा ने विराट कोहली के साथ पारी को आगे बढ़ाया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 113 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। रोहित शुरुआत से ही शानदार लय में दिखाई दिए और मैदान के चारों ओर बेहतरीन शॉट लगाए। उन्होंने केवल 111 गेंदों में 138 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 17 चौके और पांच शानदार छक्के निकले। लंबे समय बाद वनडे क्रिकेट में रोहित का यह आक्रामक अंदाज देखने को मिला और उन्होंने अकेले दम पर लक्ष्य का पीछा करने की पूरी कोशिश की।

विराट कोहली ने भी अहम समय पर जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने 60 गेंदों में 74 रन बनाए। अपनी पारी में विराट ने चार चौके और तीन छक्के लगाए। रोहित और विराट की साझेदारी ने एक समय ऐसा माहौल बना दिया था कि भारत इस बड़े लक्ष्य को हासिल कर सकता है। दोनों बल्लेबाजों ने इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाकर मुकाबले को आखिरी चरण तक जीवंत रखा।

हालांकि दोनों अनुभवी बल्लेबाजों के आउट होने के बाद भारतीय मध्यक्रम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और रन गति भी प्रभावित हुई। निचले क्रम के बल्लेबाज अंत तक संघर्ष करते रहे, लेकिन आवश्यक रन गति बनाए रखना आसान नहीं रहा। आखिरकार भारत की पूरी टीम निर्धारित 50 ओवर में 360 रन ही बना सकी और मुकाबला 27 रन से हार गई।

इंग्लैंड की ओर से गेंदबाजी में सैम करन सबसे सफल रहे। उन्होंने चार महत्वपूर्ण विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी। उन्होंने दबाव के समय विकेट निकालकर मैच का रुख अपनी टीम की ओर मोड़ दिया। इसके अलावा अन्य गेंदबाजों ने भी सही समय पर कसी हुई गेंदबाजी कर भारत को लक्ष्य तक पहुंचने से रोक दिया।

ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए जैकब बेथेल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने पहले बल्ले से 91 रन बनाए और बाद में गेंदबाजी करते हुए एक महत्वपूर्ण विकेट भी हासिल किया। उनकी हरफनमौला भूमिका ने इंग्लैंड की जीत में बड़ी भूमिका निभाई।

अगर पूरी सीरीज की बात करें तो भारत ने पहले वनडे में छह विकेट से जीत दर्ज कर शानदार शुरुआत की थी। इसके बाद दूसरा मुकाबला इंग्लैंड ने चार विकेट से जीतकर सीरीज बराबर कर दी। ऐसे में तीसरा मैच निर्णायक बन गया, जिसमें मेजबान टीम ने दबाव के बावजूद बेहतर प्रदर्शन करते हुए सीरीज अपने नाम कर ली।

यह दौरा भारत के लिए निराशाजनक साबित हुआ क्योंकि इससे पहले खेली गई टी-20 सीरीज में भी इंग्लैंड ने भारतीय टीम को 4-0 से हराया था। वहीं इंग्लैंड दौरे पर पहुंचने से पहले आयरलैंड ने भी भारत को टी-20 सीरीज में 2-0 से मात दी थी। लगातार मिली हारों ने भारतीय टीम के प्रदर्शन और रणनीति पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

हालांकि इस हार के बीच रोहित शर्मा की शानदार बल्लेबाजी भारतीय टीम के लिए सकारात्मक पहलू रही। उन्होंने कठिन लक्ष्य का पीछा करते हुए जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता के साथ बल्लेबाजी की, उसने भारतीय प्रशंसकों को लंबे समय बाद उनकी क्लासिक पारी देखने का मौका दिया। दूसरी ओर इंग्लैंड ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में संतुलित प्रदर्शन करते हुए साबित किया कि निर्णायक मुकाबलों में दबाव झेलने की उनकी क्षमता काफी मजबूत है।

अब भारतीय टीम की नजर आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों पर होगी, जहां उसे अपनी गेंदबाजी और मध्यक्रम की कमजोरियों को दूर करने की चुनौती रहेगी। वहीं इंग्लैंड इस शानदार जीत से मिले आत्मविश्वास के साथ आगे की सीरीज में उतरने की तैयारी करेगा।