हिमाचल में राशन उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत, डिपुओं में जल्द पहुंचेगी चीनी; इस महीने मिलेगा पूरा कोटा

हिमाचल में राशन उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत, डिपुओं में जल्द पहुंचेगी चीनी; इस महीने मिलेगा पूरा कोटा

शिमला। हिमाचल प्रदेश के लाखों राशनकार्ड धारकों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले कुछ समय से सस्ते राशन डिपो पर चीनी की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण जिन उपभोक्ताओं को अपने मासिक कोटे का इंतजार करना पड़ रहा था, उन्हें अब जल्द राहत मिलने वाली है। प्रदेश सरकार और राज्य नागरिक आपूर्ति निगम की ओर से किए गए इंतजामों के बाद चीनी की सप्लाई दोबारा पटरी पर लौटने लगी है। हरियाणा की चीनी मिलों से बड़ी मात्रा में चीनी की खेप हिमाचल पहुंचनी शुरू हो गई है और जल्द ही सभी जिलों के उचित मूल्य की दुकानों तक इसकी आपूर्ति कर दी जाएगी।

चीनी की उपलब्धता बढ़ने के साथ ही इस महीने का लंबित कोटा भी राशनकार्ड धारकों को वितरित किया जाएगा। इससे प्रदेश के लाखों परिवारों को बार-बार राशन डिपो के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और नियमित रूप से मिलने वाली आवश्यक खाद्य सामग्री फिर से समय पर उपलब्ध हो सकेगी।

पिछले कुछ सप्ताह से प्रदेश के कई हिस्सों में राशन डिपो पर चीनी उपलब्ध न होने के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई जगह लोग निर्धारित तिथि पर राशन लेने पहुंचे, लेकिन चीनी का स्टॉक खत्म होने या आपूर्ति नहीं पहुंचने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बन गई थी, क्योंकि वे घरेलू जरूरतों के लिए सरकारी सब्सिडी पर मिलने वाली चीनी पर काफी हद तक निर्भर रहते हैं।

स्थिति को देखते हुए राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ने आवश्यक कदम उठाए और प्रदेश की जरूरत के अनुरूप हरियाणा की चीनी मिलों से बड़े स्तर पर चीनी खरीदने का फैसला लिया। निगम ने 16 जुलाई को करीब 37,955 क्विंटल चीनी की आपूर्ति के लिए आधिकारिक ऑर्डर जारी किया। इसके बाद आपूर्ति प्रक्रिया में तेजी आई और अगले ही दिन 2,911 क्विंटल चीनी हिमाचल प्रदेश के विभिन्न थोक गोदामों तक पहुंच गई।

सरकार का कहना है कि यह केवल शुरुआती खेप है और आने वाले दिनों में लगातार अतिरिक्त स्टॉक प्रदेश में पहुंचता रहेगा। अधिकारियों के अनुसार आपूर्ति पूरी तरह सामान्य होने के बाद सभी जिलों में उपलब्धता सुनिश्चित कर दी जाएगी, ताकि किसी भी उपभोक्ता को राशन से वंचित न रहना पड़े।

राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक राजेश्वर गोयल ने बताया कि चीनी की सप्लाई शुरू हो चुकी है और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अगले दो दिनों के भीतर लगभग 9 हजार क्विंटल अतिरिक्त चीनी प्रदेश के गोदामों तक पहुंच जाएगी। इसके बाद जिला स्तर पर स्टॉक का वितरण शुरू होगा और उचित मूल्य की दुकानों तक चीनी पहुंचा दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि निगम का प्रयास है कि प्रदेश के सभी जिलों में समान रूप से चीनी उपलब्ध करवाई जाए, ताकि कहीं भी कृत्रिम कमी की स्थिति न बने। विभाग लगातार सप्लाई पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त ऑर्डर भी जारी किए जा सकते हैं।

प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत लाखों परिवारों को हर महीने आवश्यक खाद्य वस्तुएं रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाती हैं। इनमें चीनी भी प्रमुख वस्तु है। महंगाई के इस दौर में सरकारी डिपो से मिलने वाली सस्ती चीनी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के घरेलू बजट को काफी राहत देती है।

वर्तमान समय में खुले बाजार में चीनी की कीमत लगभग 52 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुकी है। इसके मुकाबले सरकार अलग-अलग श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को भारी सब्सिडी देकर चीनी उपलब्ध करवा रही है।

सबसे अधिक लाभ बीपीएल और अंत्योदय परिवारों को मिल रहा है। इन परिवारों को डिपो में चीनी केवल 13 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से दी जाती है। यानी बाजार मूल्य की तुलना में उन्हें लगभग 39 रुपये प्रति किलो की सीधी राहत मिल रही है।

एपीएल परिवारों के लिए चीनी की कीमत 33 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित है। इस श्रेणी के उपभोक्ताओं को भी खुले बाजार की तुलना में करीब 19 रुपये प्रति किलो कम कीमत पर चीनी उपलब्ध करवाई जाती है। वहीं टैक्सपेयर श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को 48 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से चीनी उपलब्ध कराई जाती है, जो बाजार मूल्य से कम है।

सरकार की यह व्यवस्था विशेष रूप से उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है जिनकी मासिक आय सीमित है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच खाद्य पदार्थों की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ता है। ऐसे में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से मिलने वाली सब्सिडी लोगों को आर्थिक राहत प्रदान करती है।

चीनी की आपूर्ति सामान्य होने से अब राशन डिपो संचालकों को भी राहत मिलेगी। पिछले दिनों कई डिपो संचालकों को उपभोक्ताओं की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि उनके पास वितरण के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध नहीं था। अब नए स्टॉक के पहुंचने के बाद वितरण प्रक्रिया सामान्य हो जाएगी और लंबित कोटे का भी निपटारा किया जा सकेगा।

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए परिवहन और भंडारण व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जैसे-जैसे नई खेप प्रदेश में पहुंचेगी, उसे बिना देरी किए जिला गोदामों और वहां से उचित मूल्य की दुकानों तक भेजा जाएगा। इससे वितरण में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।

प्रदेश सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। राशन डिपो के माध्यम से गेहूं, चावल, दालें, खाद्य तेल और चीनी जैसी आवश्यक वस्तुएं रियायती दरों पर उपलब्ध कराकर सरकार लाखों परिवारों को राहत प्रदान कर रही है। चीनी की नियमित आपूर्ति बहाल होने से इस व्यवस्था पर उपभोक्ताओं का भरोसा भी और मजबूत होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आवश्यक खाद्य वस्तुओं की समय पर आपूर्ति बनी रहती है तो इससे न केवल आम लोगों को राहत मिलती है, बल्कि खुले बाजार में कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ता है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण माध्यम मानी जाती है।

फिलहाल प्रदेश के लाखों राशनकार्ड धारकों की निगाहें अपने-अपने राशन डिपो पर टिकी हैं। सरकार की ओर से भरोसा दिलाया गया है कि इस महीने का चीनी कोटा सभी पात्र उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जाएगा। हरियाणा से लगातार पहुंच रही नई खेप के बाद आने वाले दिनों में प्रदेश के सभी जिलों में चीनी की उपलब्धता सामान्य होने की उम्मीद है। इससे लंबे समय से चली आ रही किल्लत खत्म होगी और उपभोक्ताओं को रियायती दरों पर समय से चीनी मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।