चंडीगढ़ नगर निगम में जल्द होगी नई भर्ती, 276 पद भरने को मिली मंजूरी; कर्मचारियों की भारी कमी दूर करने की तैयारी

चंडीगढ़ नगर निगम में जल्द होगी नई भर्ती, 276 पद भरने को मिली मंजूरी; कर्मचारियों की भारी कमी दूर करने की तैयारी

चंडीगढ़। नगर निगम चंडीगढ़ में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। शहर में सफाई, अग्निशमन, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवाओं पर लगातार बढ़ रहे दबाव के बीच अब 276 पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने नगर निगम के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही निगम प्रशासन ने भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारियां तेज कर दी हैं।

मंजूरी मिलने के बाद नगर निगम अब किसी प्रतिष्ठित सरकारी एजेंसी के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया पूरी कराएगा। भर्ती के दौरान केंद्र और चंडीगढ़ प्रशासन की आरक्षण नीति का पूरी तरह पालन किया जाएगा। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और नियमों के अनुरूप संपन्न कराई जाए।

नगर निगम के अधिकारियों का मानना है कि यह भर्ती केवल रिक्त पदों को भरने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि शहर की मूलभूत सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में भी अहम कदम साबित होगी। लंबे समय से कर्मचारियों की कमी के कारण कई विभागों में कामकाज प्रभावित हो रहा है और मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी का बोझ बढ़ गया है।

नगर निगम के बजट दस्तावेज बताते हैं कि निगम में कुल 5,611 स्वीकृत पद हैं, लेकिन इनमें से 3,767 पद वर्तमान में खाली हैं। यानी निगम के लगभग 60 प्रतिशत से अधिक पद रिक्त पड़े हैं। इतने बड़े स्तर पर रिक्तियां होने के कारण कई विभाग न्यूनतम स्टाफ के सहारे काम कर रहे हैं, जिसका असर सीधे तौर पर शहर की नागरिक सुविधाओं पर पड़ रहा है।

सबसे अधिक दबाव इंजीनियरिंग, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज, स्वास्थ्य, प्रवर्तन (इन्फोर्समेंट), प्रशासन और तकनीकी शाखाओं पर देखा जा रहा है। कई स्थानों पर नियमित कर्मचारियों की कमी को संविदा कर्मियों या अस्थायी व्यवस्था के माध्यम से पूरा किया जा रहा है, लेकिन बढ़ती आबादी और शहर के विस्तार को देखते हुए यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं मानी जा रही।

इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने विभिन्न श्रेणियों के पदों पर सीधी भर्ती का प्रस्ताव तैयार किया था, जिसे अब प्रशासक की मंजूरी मिलने के बाद आगे बढ़ाया जाएगा।

भर्ती प्रक्रिया के तहत सबसे अधिक 118 क्लर्क नियुक्त किए जाएंगे। निगम प्रशासन का मानना है कि कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी के कारण फाइलों का निपटारा, नागरिकों के आवेदन, टैक्स संबंधी कार्य और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं। नए क्लर्कों की नियुक्ति से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

इसके अलावा 79 फायरमैन की भर्ती भी की जाएगी। शहर में ऊंची इमारतों, व्यावसायिक परिसरों और आबादी के विस्तार के साथ अग्निशमन सेवाओं की जिम्मेदारी लगातार बढ़ी है। ऐसे में फायर विभाग में अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नगर निगम 33 ड्राइवरों की भी भर्ती करेगा। ये कर्मचारी अग्निशमन वाहनों, सफाई वाहनों और अन्य निगम वाहनों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इंजीनियरिंग शाखा को मजबूत करने के लिए 20 जूनियर इंजीनियर और दो सब-डिविजनल इंजीनियर (एसडीई) के पद भरे जाएंगे। शहर में सड़क निर्माण, सीवरेज, जलापूर्ति, भवन रखरखाव और अन्य विकास कार्यों की निगरानी के लिए तकनीकी अधिकारियों की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही है।

प्रवर्तन शाखा में पांच इन्फोर्समेंट सब-इंस्पेक्टर नियुक्त किए जाएंगे। ये अधिकारी अवैध निर्माण, अतिक्रमण हटाने, नगर निगम नियमों के पालन और अन्य प्रवर्तन संबंधी गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इसके अलावा चार ड्राफ्ट्समैन, चार स्टेनो टाइपिस्ट और तीन मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर के पद भी भरे जाएंगे। कुछ लेखा और तकनीकी श्रेणी के पदों को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया गया है, ताकि विभिन्न विभागों में आवश्यक विशेषज्ञता उपलब्ध कराई जा सके।

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए जल्द ही किसी सरकारी संस्था या प्रतिष्ठित भर्ती एजेंसी का चयन किया जाएगा। एजेंसी के चयन के बाद विस्तृत भर्ती विज्ञापन जारी होगा, जिसमें योग्यता, आयु सीमा, आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा और चयन संबंधी सभी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

इससे पहले वर्ष 2021 में नगर निगम ने लगभग 170 स्थायी पदों पर भर्ती के लिए पंजाब विश्वविद्यालय को एजेंसी नियुक्त किया था। उस समय पूरी भर्ती प्रक्रिया को पूरा होने में एक वर्ष से अधिक का समय लगा था। इस बार निगम का प्रयास रहेगा कि चयन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और व्यवस्थित तरीके से पूरी की जाए, ताकि विभागों में जल्द कर्मचारियों की नियुक्ति हो सके।

नगर निगम प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों की कमी का असर केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव शहर की दैनिक सेवाओं पर भी पड़ रहा है। सफाई व्यवस्था, सड़क रखरखाव, भवन अनुमति, संपत्ति कर, जलापूर्ति, सीवरेज, अग्निशमन सेवाएं और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य सीमित संसाधनों के साथ संचालित किए जा रहे हैं।

कई विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां संभालनी पड़ रही हैं। इससे कार्यों के निपटारे में देरी होती है और नागरिकों को भी विभिन्न सेवाओं के लिए अधिक इंतजार करना पड़ता है। नई भर्ती के बाद इन समस्याओं में काफी हद तक सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि चंडीगढ़ जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में नगर निगम के पास पर्याप्त मानव संसाधन होना बेहद जरूरी है। शहर की आबादी लगातार बढ़ रही है, नए आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र विकसित हो रहे हैं तथा नागरिक सुविधाओं का दायरा भी विस्तृत हो रहा है। ऐसे में कर्मचारियों की कमी विकास कार्यों की गति को प्रभावित कर सकती है।

नई नियुक्तियों से न केवल निगम की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि विभिन्न विभागों में जवाबदेही भी मजबूत होगी। नियमित कर्मचारियों की उपलब्धता से सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और नागरिकों की शिकायतों का निपटारा भी पहले की तुलना में अधिक तेजी से किया जा सकेगा।

नगर निगम प्रशासन का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर दिया जाएगा। चयन प्रक्रिया में योग्यता और निर्धारित नियमों को प्राथमिकता दी जाएगी। आरक्षण से जुड़े सभी प्रावधानों का भी सख्ती से पालन किया जाएगा।

अब प्रशासक से मंजूरी मिलने के बाद निगम प्रशासन की अगली जिम्मेदारी भर्ती एजेंसी का चयन करना और प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना है। भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद हजारों युवाओं को आवेदन करने का अवसर मिलेगा।

कुल मिलाकर नगर निगम चंडीगढ़ में 276 पदों पर प्रस्तावित सीधी भर्ती को शहर की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहे विभागों को राहत मिलने के साथ-साथ नागरिक सेवाओं में भी सुधार की उम्मीद है। यदि भर्ती प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी हो जाती है तो आने वाले महीनों में नगर निगम के विभिन्न विभागों में कार्यक्षमता बढ़ेगी और शहरवासियों को बेहतर एवं अधिक प्रभावी सेवाएं मिल सकेंगी।