बांग्लादेश दौरे के लिए ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम घोषित, कमिंस-हैजलवुड और लियोन की वापसी से मजबूत हुआ स्क्वॉड

बांग्लादेश दौरे के लिए ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम घोषित, कमिंस-हैजलवुड और लियोन की वापसी से मजबूत हुआ स्क्वॉड

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ने अगले महीने बांग्लादेश के खिलाफ खेली जाने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए अपने 13 सदस्यीय दल का ऐलान कर दिया है। इस टीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि लंबे समय बाद कप्तान पैट कमिंस, तेज गेंदबाज जोश हैजलवुड और अनुभवी ऑफ स्पिनर नाथन लियोन एक साथ टेस्ट टीम में लौटे हैं। चोटों की वजह से हाल के मुकाबलों से बाहर रहने वाले इन तीनों खिलाड़ियों की वापसी ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को पहले से कहीं ज्यादा संतुलित और मजबूत बना दिया है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इन अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम को बांग्लादेश के खिलाफ बड़ी बढ़त दिला सकती है।

ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच यह टेस्ट सीरीज अगस्त में खेली जाएगी। पहला मुकाबला 13 अगस्त से 17 अगस्त तक डार्विन में आयोजित होगा, जबकि दूसरा और अंतिम टेस्ट 22 अगस्त से 26 अगस्त के बीच मैके में खेला जाएगा। दोनों मुकाबले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के लिहाज से भी काफी अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि हर जीत टीमों की अंकतालिका पर सीधा असर डालती है।

फिलहाल विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की मौजूदा अंकतालिका में ऑस्ट्रेलिया शानदार स्थिति में बना हुआ है। टीम ने अब तक खेले गए आठ मुकाबलों में सात जीत दर्ज की हैं और उसके खाते में 87.50 प्रतिशत अंक हैं। इसी वजह से ऑस्ट्रेलिया अंकतालिका में शीर्ष स्थान पर कायम है। ऐसे में बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली यह सीरीज उसके लिए अपनी बढ़त को और मजबूत करने का अवसर भी होगी।

टीम चयन के दौरान सबसे अधिक चर्चा कप्तान पैट कमिंस की वापसी को लेकर हुई। कमिंस पीठ की चोट के कारण लंबे समय तक मैदान से दूर रहे थे। चोट के चलते वे एशेज सीरीज में भी केवल एक टेस्ट मैच ही खेल सके थे। मेडिकल टीम की निगरानी में लगातार रिहैबिलिटेशन पूरा करने के बाद अब उन्हें पूरी तरह फिट घोषित कर दिया गया है। कप्तान के रूप में उनकी वापसी से ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी के साथ-साथ नेतृत्व को भी मजबूती मिलेगी।

तेज गेंदबाज जोश हैजलवुड भी फिट होकर टीम में लौट आए हैं। एड़ी और हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण वे पिछले दौरे से पूरी तरह बाहर रहे थे। ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि हैजलवुड अपनी सटीक लाइन और लेंथ के दम पर विरोधी बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी करेंगे। उनकी वापसी से तेज गेंदबाजी आक्रमण और अधिक खतरनाक नजर आ रहा है।

ऑफ स्पिनर नाथन लियोन की वापसी भी टीम के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं मानी जा रही। एडिलेड टेस्ट के दौरान उन्हें हैमस्ट्रिंग में गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद सर्जरी करानी पड़ी। लंबे समय तक रिकवरी प्रक्रिया से गुजरने के बाद अब लियोन फिर से चयन के लिए उपलब्ध हैं। एशियाई परिस्थितियों में उनका अनुभव ऑस्ट्रेलिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि स्पिन गेंदबाजों की भूमिका यहां हमेशा निर्णायक रहती है।

इन तीनों सीनियर खिलाड़ियों की वापसी का असर टीम चयन पर भी देखने को मिला। तेज गेंदबाज माइकल नेसर और ब्रेंडन डॉगेट को इस बार अंतिम टीम में जगह नहीं मिल सकी। चयनकर्ताओं का कहना है कि मौजूदा संयोजन को देखते हुए यही सबसे संतुलित टीम है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सीरीज के दौरान किसी अतिरिक्त खिलाड़ी की जरूरत महसूस होती है तो स्क्वॉड में और खिलाड़ियों को शामिल किया जा सकता है।

ऑस्ट्रेलियाई चयन समिति ने बल्लेबाजी क्रम में ज्यादा बदलाव नहीं किए हैं। अनुभवी ओपनर उस्मान ख्वाजा के संन्यास लेने के बावजूद शीर्ष क्रम में नया चेहरा शामिल नहीं किया गया। टीम प्रबंधन ने ट्रैविस हेड पर भरोसा कायम रखते हुए उन्हें ओपनिंग की जिम्मेदारी देने का फैसला किया है। उनके साथ जेक वेदराल्ड को एक और अवसर दिया गया है ताकि वे खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरी तरह स्थापित कर सकें।

मार्नस लाबुशेन को लेकर भी काफी चर्चा रही, क्योंकि हाल के मुकाबलों में उनका प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा था। इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा बनाए रखा है। टीम का मानना है कि लाबुशेन जैसे बल्लेबाज किसी भी समय अपनी लय हासिल कर सकते हैं और बड़े स्कोर बनाकर मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। इसलिए उन्हें टीम से बाहर करने के बजाय लगातार मौके देने का फैसला लिया गया है।

मध्यक्रम में अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ टीम की सबसे बड़ी ताकत बने रहेंगे। उनके साथ ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन भी प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने की दौड़ में हैं। ग्रीन गेंद और बल्ले दोनों से योगदान देने की क्षमता रखते हैं, जिससे टीम का संतुलन बेहतर होता है। वहीं ब्यू वेबस्टर भी एक उपयोगी ऑलराउंड विकल्प के रूप में टीम का हिस्सा हैं।

तेज गेंदबाजी विभाग में पैट कमिंस और जोश हैजलवुड के अलावा मिचेल स्टार्क तथा स्कॉट बोलैंड भी शामिल हैं। स्टार्क अपनी तेज रफ्तार और स्विंग के लिए जाने जाते हैं, जबकि बोलैंड ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करके टीम में अपनी जगह मजबूत की है। चार अनुभवी गेंदबाजों की मौजूदगी से ऑस्ट्रेलिया का पेस अटैक दुनिया के सबसे मजबूत आक्रमणों में गिना जा रहा है।

विकेटकीपर की जिम्मेदारी एलेक्स कैरी निभाएंगे, जबकि जोश इंग्लिस भी टीम में शामिल हैं। इंग्लिस को मध्यक्रम में बल्लेबाजी का विकल्प माना जा रहा है। टीम प्रबंधन के पास आवश्यकता पड़ने पर बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करने के लिए पर्याप्त विकल्प मौजूद हैं, जिससे परिस्थितियों के अनुसार रणनीति तैयार करना आसान होगा।

बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली यह टेस्ट सीरीज दोनों टीमों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक ओर ऑस्ट्रेलिया अपनी जीत की लय बरकरार रखते हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में शीर्ष स्थान को मजबूत करना चाहेगा, वहीं दूसरी ओर बांग्लादेश अपने घरेलू परिस्थितियों के अनुभव और स्पिन गेंदबाजी के दम पर मजबूत चुनौती देने की कोशिश करेगा। हालांकि ऑस्ट्रेलिया के पास अनुभव, संतुलन और गहराई के लिहाज से बेहद मजबूत टीम मौजूद है।

ऑस्ट्रेलियाई टीम में अनुभव और युवा खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण दिखाई देता है। कप्तान कमिंस, स्मिथ, स्टार्क, हैजलवुड और लियोन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ग्रीन, वेबस्टर और इंग्लिस जैसे खिलाड़ी नई ऊर्जा लेकर आए हैं। यही संतुलन टीम को लगातार सफलता दिलाने में मदद कर रहा है।

सीरीज शुरू होने से पहले क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें इस बात पर भी रहेंगी कि चोट से वापसी करने वाले खिलाड़ी किस तरह का प्रदर्शन करते हैं। खास तौर पर कमिंस, हैजलवुड और लियोन की फिटनेस और लय ऑस्ट्रेलिया के अभियान में अहम भूमिका निभाएगी। यदि ये खिलाड़ी अपने पुराने प्रदर्शन को दोहरा पाने में सफल रहते हैं तो बांग्लादेश के लिए ऑस्ट्रेलिया को रोकना आसान नहीं होगा।