जंतर-मंतर पर फिर आंदोलन की तैयारी, अभिजीत दीपके बोले- जल्द शुरू होगा ‘सीजन 2’; CJP ने देशभर में लिसनिंग टूर का किया ऐलान

जंतर-मंतर पर फिर आंदोलन की तैयारी, अभिजीत दीपके बोले- जल्द शुरू होगा ‘सीजन 2’; CJP ने देशभर में लिसनिंग टूर का किया ऐलान

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर सड़क पर उतरने के संकेत दिए हैं। पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने बुधवार को कहा कि संगठन जल्द ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन शुरू कर सकता है। उन्होंने इसे ‘जंतर-मंतर सीजन 2’ नाम दिया है। दीपके के मुताबिक, पार्टी के कार्यकर्ताओं और वॉलेंटियर्स की बैठक के लिए दिल्ली में जगह उपलब्ध कराने में भी मुश्किलें आईं।

अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि उनकी टीम ने बुधवार को दिल्ली में वॉलेंटियर्स की एक बैठक आयोजित करने के लिए हॉल तलाशने की कोशिश की थी, लेकिन कई जगहों से उन्हें जगह देने से इनकार कर दिया गया। उनका दावा है कि हॉल संचालकों ने इसके पीछे ‘ऊपर से दबाव’ होने की बात कही।

दीपके ने इस स्थिति के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, BJP की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर किसी प्रतिक्रिया का यहां उल्लेख नहीं है। CJP फाउंडर ने कहा कि इस तरह की कथित कोशिशों से उनका आंदोलन रुकने वाला नहीं है और पार्टी अपने अगले चरण की तैयारी जारी रखेगी।

37 दिन के धरने के बाद अब दोबारा प्रदर्शन की तैयारी

कॉकरोच जनता पार्टी इससे पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले को लेकर लंबा धरना दे चुकी है। पार्टी और उसके समर्थकों ने करीब 37 दिनों तक प्रदर्शन किया था। आंदोलन के दौरान शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया था।

यह धरना 25 जुलाई को खत्म हुआ था। उस समय पार्टी की ओर से दावा किया गया था कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और आंदोलन से जुड़ी मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया। इसके बाद अब संगठन ने फिर से जंतर-मंतर लौटने की बात कही है।

अभिजीत दीपके का कहना है कि अगर पार्टी को अपनी गतिविधियों के लिए जगह उपलब्ध कराने में बाधाओं का सामना करना पड़ता है, तो इससे आंदोलन की दिशा नहीं बदलेगी। उनके मुताबिक, CJP आगे भी अपने मुद्दों को जनता के बीच ले जाने और सरकार के सामने रखने का काम जारी रखेगी।

दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा CJP का अगला अभियान

CJP के चीफ स्पोक्सपर्सन सौरव दास ने भी पार्टी की आगे की रणनीति के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि संगठन अब देश के अलग-अलग हिस्सों में ‘लिसनिंग टूर’ शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

इस अभियान का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों से बातचीत करना और उनकी समस्याओं को समझना बताया गया है। पार्टी का कहना है कि वह सिर्फ दिल्ली में आंदोलन करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि देशभर में लोगों से संपर्क कर शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर उनकी राय जानना चाहती है।

सौरव दास के अनुसार, CJP एक व्यापक कैंपेन भी चलाएगी। स्वतंत्रता दिवस के बाद शिक्षा से जुड़े विषयों को पार्टी के एजेंडे में प्राथमिकता देने की बात कही गई है। इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में CJP शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी गतिविधियां बढ़ा सकती है।

पार्टी की रणनीति में सड़क पर आंदोलन के साथ-साथ लोगों से सीधे संवाद को भी अहम स्थान दिया जा रहा है। ‘लिसनिंग टूर’ के जरिए CJP यह समझने की कोशिश करेगी कि अलग-अलग राज्यों में छात्रों और युवाओं के सामने शिक्षा के क्षेत्र में किस तरह की समस्याएं हैं।

एक टिप्पणी से शुरू हुई थी कॉकरोच जनता पार्टी की कहानी

कॉकरोच जनता पार्टी के गठन की कहानी भी काफी अलग रही है। इसकी शुरुआत सुप्रीम कोर्ट में हुई एक टिप्पणी के बाद हुई थी।

15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने बेरोजगार युवाओं से जुड़ी टिप्पणी की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से करते हुए कहा था कि ऐसे युवा बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं।

इस टिप्पणी के बाद अभिजीत दीपके ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से सोशल मीडिया पर एक प्लेटफॉर्म बनाने का फैसला किया। 16 मई की रात करीब 12 बजे इस नाम से सोशल मीडिया अकाउंट और वेबसाइट तैयार की गई। इसके बाद संगठन ने लोगों को अपने साथ जोड़ने की मुहिम शुरू कर दी।

X पर एक गूगल फॉर्म भी साझा किया गया था। इसमें ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम वाली तस्वीर के साथ लोगों से इस नए प्लेटफॉर्म से जुड़ने की अपील की गई थी। देखते ही देखते सोशल मीडिया पर इस पहल को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

कुछ ही दिनों में बढ़ने लगे फॉलोअर्स

पार्टी की शुरुआत के बाद 17 से 20 मई के बीच इसके सोशल मीडिया फॉलोअर्स की संख्या लगातार बढ़ने का दावा किया गया। संगठन ने युवाओं और अन्य लोगों को अपने साथ जोड़ने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया।

हालांकि, 21 मई को पार्टी का सोशल मीडिया अकाउंट बंद हो गया। इसके बाद उसी दिन ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से एक नया अकाउंट बनाए जाने की बात सामने आई। यानी शुरुआती डिजिटल बाधा के बाद भी संगठन ने अपनी ऑनलाइन गतिविधियां जारी रखीं।

इसके अगले ही दिन, 22 मई को CJP ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठा दी। इसके साथ ही पार्टी ने शिक्षा व्यवस्था और NEET से जुड़े मुद्दों को अपने प्रमुख राजनीतिक एजेंडे में शामिल कर लिया।

ऑनलाइन पिटीशन से आंदोलन को मिला विस्तार

CJP ने अपने अभियान को आगे बढ़ाते हुए 24 मई को अपनी वेबसाइट पर एक ऑनलाइन पिटीशन भी जारी की। इस पिटीशन का मुख्य मुद्दा तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा था।

पार्टी का दावा है कि इस ऑनलाइन अभियान में करीब 10 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इसके बाद CJP ने अपने आंदोलन को डिजिटल प्लेटफॉर्म से निकालकर जमीन पर लाने की दिशा में कदम बढ़ाया और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया।

दिल्ली का जंतर-मंतर लंबे समय से राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों के विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है। CJP ने भी इसी स्थान को अपने आंदोलन के लिए चुना। NEET पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार कई दिनों तक धरना चलता रहा।

अब आगे क्या करेगी CJP?

25 जुलाई को 37 दिन का धरना खत्म होने के बाद यह माना जा रहा था कि CJP फिलहाल अपने आंदोलन को विराम देगी। लेकिन अभिजीत दीपके के ताजा बयान से संकेत मिल रहा है कि संगठन फिर से सक्रिय होने जा रहा है।

‘जंतर-मंतर सीजन 2’ के ऐलान के साथ पार्टी ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि उसका आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। दूसरी ओर, ‘लिसनिंग टूर’ की योजना बताती है कि संगठन दिल्ली से बाहर भी अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

अब CJP के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने आंदोलन को लगातार बनाए रखने और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को व्यापक जनसमर्थन दिलाने की होगी। पार्टी का दावा है कि वह किसी दबाव के कारण पीछे नहीं हटेगी और छात्रों तथा युवाओं से जुड़े सवालों को उठाती रहेगी।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जंतर-मंतर पर अगला प्रदर्शन किस तारीख से शुरू होगा और उसका स्वरूप क्या होगा। लेकिन अभिजीत दीपके के बयान के बाद इतना जरूर साफ है कि कॉकरोच जनता पार्टी एक बार फिर दिल्ली में अपनी राजनीतिक और आंदोलनकारी गतिविधियां तेज करने की तैयारी में है।