हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने फिल्म निर्देशक कुकू कोहली का निधन हो गया है। 77 वर्ष की उम्र में उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर है। कुकू कोहली लंबे समय से सिनेमा से जुड़े हुए थे और उन्होंने अपने करियर में कई चर्चित फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी पहचान ऐसे फिल्ममेकर के तौर पर रही, जिन्होंने कई कलाकारों को बड़े पर्दे पर मजबूत शुरुआत दिलाई। मशहूर अभिनेत्री अरुणा ईरानी से उन्होंने दूसरी शादी की थी।
बताया जा रहा है कि कुकू कोहली किसी गंभीर बीमारी से जूझ नहीं रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और उन्हें हार्ट अटैक आया। हालत गंभीर होने के बाद उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम ने परिवार, करीबी लोगों और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को सदमे में डाल दिया।
कुकू कोहली अपने पीछे पत्नी अरुणा ईरानी और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। फिल्मी दुनिया में उनका सफर कई दशक लंबा रहा। उन्होंने केवल निर्देशन तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि लेखक, स्क्रीनराइटर और एडिटर के रूप में भी काम किया। पर्दे के पीछे से शुरू हुआ उनका सफर धीरे-धीरे उन्हें हिंदी सिनेमा के चर्चित निर्देशकों की कतार में ले आया।
राज कपूर के असिस्टेंट के तौर पर शुरू हुआ सफर
फिल्मों की दुनिया में कुकू कोहली की शुरुआत बतौर निर्देशक नहीं हुई थी। उन्होंने महान फिल्ममेकर राज कपूर के साथ असिस्टेंट के रूप में काम करके फिल्म निर्माण की बारीकियां सीखीं। इस दौरान उन्हें फिल्म बनाने के अलग-अलग पहलुओं को करीब से समझने का मौका मिला। यही अनुभव आगे चलकर उनके निर्देशन करियर की नींव बना।
कुकू कोहली का जन्म पेशावर में हुआ था। फिल्म इंडस्ट्री में तीन दशक से ज्यादा समय बिताने के दौरान उन्होंने अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया। निर्देशन में आने से पहले वह फिल्म निर्माण की प्रक्रिया से अच्छी तरह परिचित हो चुके थे। इसी अनुभव का असर बाद में उनकी फिल्मों में भी देखने को मिला।
उनके करियर की एक अहम उपलब्धि फिल्म ‘बेताब’ से जुड़ी रही। वह इस फिल्म में सेकंड यूनिट डायरेक्टर के तौर पर जुड़े थे। सनी देओल और अमृता सिंह की यह फिल्म दोनों कलाकारों के करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई। फिल्म को दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला और यह गोल्डन जुबली फिल्म बनी। ‘बेताब’ ने सनी देओल और अमृता सिंह को बड़े स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके बाद कुकू कोहली फिल्म ‘अर्जुन’ से भी जुड़े। इस फिल्म में सनी देओल और डिंपल कपाड़िया मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया और सिल्वर जुबली का दर्जा हासिल किया। इन फिल्मों के साथ कुकू कोहली का अनुभव लगातार बढ़ता गया और जल्द ही उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में खुद अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया।
‘फूल और कांटे’ ने अजय देवगन को बनाया स्टार
कुकू कोहली के निर्देशन करियर की सबसे खास फिल्मों में ‘फूल और कांटे’ का नाम सबसे ऊपर आता है। इसी फिल्म के जरिए उन्होंने बतौर निर्देशक अपनी शुरुआत की थी। फिल्म की खास बात यह भी थी कि इससे अजय देवगन और अभिनेत्री मधु ने हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया था।
‘फूल और कांटे’ दर्शकों को खूब पसंद आई और बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल करने में कामयाब रही। फिल्म ने डायमंड जुबली का दर्जा हासिल किया। अजय देवगन के लिए यह फिल्म उनके करियर की मजबूत शुरुआत साबित हुई। पहली ही फिल्म में उनकी पहचान बन गई और आगे चलकर वह हिंदी सिनेमा के बड़े सितारों में शामिल हुए।
कुकू कोहली के निर्देशन की खासियत यह रही कि उन्होंने अलग-अलग दौर के लोकप्रिय कलाकारों के साथ काम किया। उनकी फिल्मों में एक्शन, ड्रामा और मनोरंजन का मेल देखने को मिलता था। उन्होंने ऐसे समय में कई फिल्में बनाईं, जब हिंदी सिनेमा में बड़े स्टार्स और मसाला फिल्मों का खासा प्रभाव था।
अक्षय कुमार, अजय देवगन और गोविंदा जैसे सितारों के साथ किया काम
कुकू कोहली की फिल्मोग्राफी में कई बड़े नाम शामिल रहे। उन्होंने धर्मेंद्र के साथ ‘कोहराम’ बनाई। इसके अलावा अजय देवगन, अक्षय कुमार, करिश्मा कपूर और नगमा स्टारर ‘सुहाग’ का निर्देशन भी उन्होंने किया। ‘सुहाग’ को भी दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली और फिल्म गोल्डन जुबली साबित हुई।
उनकी निर्देशित फिल्मों में ‘हकीकत’ भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस फिल्म में अजय देवगन और तब्बू ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं। फिल्म को फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में कई श्रेणियों में नामांकन मिला था। इनमें बेस्ट डायरेक्टर का नामांकन भी शामिल था। कुकू कोहली को इस फिल्म के निर्देशन के लिए स्क्रीन अवॉर्ड्स में भी बेस्ट डायरेक्टर की श्रेणी में नामांकित किया गया था।
उन्होंने अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना के साथ ‘जुल्मी’ का निर्देशन किया। इसके बाद गोविंदा की फिल्म ‘अनाड़ी नंबर 1’ भी उनके निर्देशन में बनी। इस फिल्म में गोविंदा ने डबल रोल निभाया था। कुकू कोहली की फिल्मों की सूची यहीं खत्म नहीं होती। उन्होंने ‘ये दिल आशिकाना’ का भी निर्देशन किया, जो अपने संगीत के कारण भी चर्चा में रही।
‘ये दिल आशिकाना’ के साथ संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण की इंडस्ट्री में वापसी भी हुई थी। इस तरह कुकू कोहली का करियर केवल स्टार कलाकारों के साथ काम करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनकी फिल्मों के संगीत ने भी दर्शकों के बीच जगह बनाई।
आखिरी फिल्म ‘वो तेरा नाम था’
लंबे करियर के बाद कुकू कोहली ने निर्देशन की दुनिया में अपनी आखिरी फिल्म ‘वो तेरा नाम था’ बनाई। इसमें अर्जन बाजवा और कांची कौल प्रमुख भूमिकाओं में थे। इसके बाद उन्होंने निर्देशन से दूरी बना ली। हालांकि, फिल्म इंडस्ट्री में उनके योगदान और उनके साथ काम करने वाले कलाकारों के करियर में उनकी भूमिका की चर्चा बनी रही।
कुकू कोहली का करियर इस मायने में भी खास रहा कि उन्होंने कई ऐसे कलाकारों के साथ काम किया, जिन्होंने आगे चलकर हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। खासकर अजय देवगन की पहली फिल्म का निर्देशन करना उनके करियर की सबसे यादगार उपलब्धियों में से एक रहा।
अरुणा ईरानी से 1990 में की थी दूसरी शादी
निजी जिंदगी की बात करें तो कुकू कोहली ने 1990 में अभिनेत्री अरुणा ईरानी से दूसरी शादी की थी। दोनों लंबे समय तक साथ रहे। अरुणा ईरानी हिंदी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री हैं और उन्होंने फिल्मों के अलावा टेलीविजन पर भी लंबे समय तक काम किया है।
कुकू कोहली और अरुणा ईरानी की अपनी कोई संतान नहीं थी। कुकू कोहली की पहली शादी रीटा कोहली से हुई थी। पहली शादी से उनकी दो बेटियां पूजा कोहली और करिश्मा कोहली हैं। दोनों का जुड़ाव भी फिल्म जगत से रहा है।
करिश्मा कोहली ने निर्देशन के क्षेत्र में काम किया है। उन्होंने कबीर खान की चर्चित फिल्मों ‘एक था टाइगर’ और ‘बजरंगी भाईजान’ में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। इसके अलावा वह नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘द फेम गेम’ के निर्देशन से भी जुड़ी रहीं और इसे को-डायरेक्ट किया।
इस तरह कुकू कोहली का फिल्मी सफर केवल उनकी अपनी फिल्मों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनका परिवार भी सिनेमा से जुड़ा रहा। उन्होंने राज कपूर के असिस्टेंट के रूप में अपने करियर की शुरुआत की, सेकंड यूनिट डायरेक्टर के तौर पर काम किया और बाद में बतौर निर्देशक कई सफल फिल्में दीं।
कुकू कोहली का अचानक निधन फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी क्षति है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे होने की कोई जानकारी सामने नहीं आई थी और अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उनका अस्पताल में निधन हो जाना परिवार और करीबियों के लिए बेहद दुखद है। 77 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले कुकू कोहली अपने पीछे फिल्मों की ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जिसमें ‘फूल और कांटे’, ‘सुहाग’, ‘हकीकत’, ‘जुल्मी’ और ‘ये दिल आशिकाना’ जैसी चर्चित फिल्में शामिल हैं। हिंदी सिनेमा में उनके योगदान और कई कलाकारों के करियर को शुरुआती मंच देने के लिए उन्हें लंबे समय तक याद किया जाएगा।




