कॉरपोरेट जगत में हलचल: GST काउंसिल की बैठक टली, BYJU’S की संपत्तियों पर रोक और Tata Technologies में बड़ी शेयर बिक्री

कॉरपोरेट जगत में हलचल: GST काउंसिल की बैठक टली, BYJU’S की संपत्तियों पर रोक और Tata Technologies में बड़ी शेयर बिक्री

व्यापार और कॉरपोरेट जगत में आने वाले दिनों में कई अहम घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। एक तरफ वस्तु एवं सेवा कर यानी GST काउंसिल की प्रस्तावित बैठक की तारीख में बदलाव किया गया है, वहीं दूसरी ओर कर्ज के दबाव से जूझ रही एजुटेक कंपनी BYJU’S से जुड़ी संपत्तियों की बिक्री पर न्यायिक रोक लग गई है। इसके अलावा Tata Technologies के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी पैट्रिक रेमन मैकगोल्ड्रिक ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच दिया है। इन तीनों घटनाओं का सीधा संबंध कारोबार, निवेश, नियमन और कॉरपोरेट प्रशासन से है।

GST काउंसिल की बैठक अब 7 अक्टूबर को

GST से जुड़े कारोबारियों और कंपनियों के लिए अक्टूबर का पहला सप्ताह महत्वपूर्ण रहने वाला है। GST काउंसिल की 12 सितंबर को प्रस्तावित बैठक अब 7 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, बैठक की तारीख में बदलाव का प्रमुख कारण दिल्ली में होने वाला BRICS शिखर सम्मेलन है। यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को प्रस्तावित है, जिसके चलते प्रशासनिक स्तर पर व्यस्तता को देखते हुए GST काउंसिल की बैठक को आगे बढ़ाया गया है।

यह GST काउंसिल की 57वीं बैठक होगी। बैठक से पहले अधिकारियों के स्तर पर 5 और 6 अक्टूबर को विचार-विमर्श किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न GST संबंधी मुद्दों पर चर्चा करके उन प्रस्तावों को अंतिम रूप देने की कोशिश की जाएगी, जिन्हें बाद में काउंसिल के सामने रखा जा सकता है।

GST काउंसिल की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करती हैं। इसमें राज्यों के वित्त मंत्री भी शामिल होते हैं। केंद्र और राज्यों के प्रतिनिधियों वाला यह मंच GST से जुड़े महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों पर विचार करता है। ऐसे में आगामी बैठक को कारोबार जगत के लिए काफी अहम माना जा रहा है।

बड़े कारोबारियों के GST रजिस्ट्रेशन पर हो सकता है फैसला

आगामी बैठक में कारोबारियों के लिए GST से संबंधित प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर चर्चा होने की संभावना है। खास तौर पर बड़े कारोबारियों के GST रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को सरल बनाने का मुद्दा महत्वपूर्ण हो सकता है।

जानकारी के मुताबिक, ऐसे कारोबारी जिनका हर महीने 2.5 लाख रुपये से अधिक का टैक्स क्रेडिट आगे बढ़ता है, उनके लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने पर विचार किया जा सकता है। मौजूदा व्यवस्था में कारोबारियों को कई तरह की औपचारिकताओं और सत्यापन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। यदि प्रक्रिया को आसान बनाने पर सहमति बनती है तो इसका फायदा बड़े कारोबारियों के साथ-साथ GST व्यवस्था को संभालने वाले अधिकारियों को भी मिल सकता है।

बैठक में GST रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया में बदलाव का मुद्दा भी उठ सकता है। इसमें ऑटोमेशन की भूमिका बढ़ाने पर विचार होने की संभावना है। तकनीक आधारित प्रक्रिया से रजिस्ट्रेशन को रद्द करने से जुड़े काम को अधिक व्यवस्थित और तेज बनाने की कोशिश की जा सकती है।

GST काउंसिल की बैठक एक साल से अधिक समय के अंतराल के बाद हो रही है। इसलिए कारोबार जगत की नजर इस बैठक पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में अधिकारियों की बैठकों के दौरान प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा होगी और इसके बाद काउंसिल के सामने अंतिम एजेंडा रखा जाएगा।

BYJU’S से जुड़ी कंपनी की संपत्तियों की नीलामी पर रोक

उधर, संकट में फंसी एजुटेक कंपनी BYJU’S से जुड़े मामले में राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण यानी NCLT ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। न्यायाधिकरण ने K-3 Education से संबंधित संपत्तियों की नीलामी पर फिलहाल रोक लगा दी है।

K-3 Education, BYJU’S की मूल कंपनी Think and Learn Private Limited की सहायक कंपनी है। कंपनी की वित्तीय स्थिति और संपत्तियों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी मामले में लगभग 150 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को महज 16 करोड़ रुपये में बेचने के आरोप लगाए गए थे।

इन आरोपों के बीच K-3 Education के Resolution Professional यानी RP और Critical Solutions की तरफ से NCLT में याचिका दायर की गई थी। याचिका में संपत्तियों के स्वामित्व और उनसे जुड़े अधिकारों की पुष्टि होने तक उन्हें सुरक्षित रखने की मांग की गई थी।

मामले की सुनवाई के बाद न्यायाधिकरण ने संपत्तियों के निपटान पर अस्थायी रोक लगाने का निर्देश दिया है। यह रोक आगामी 21 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगी। साथ ही संबंधित पक्षों को मौजूदा स्थिति बनाए रखने यानी यथास्थिति कायम रखने का निर्देश दिया गया है।

150 करोड़ की संपत्ति को 16 करोड़ में बेचने का आरोप

K-3 Education से जुड़े मामले में सबसे अहम मुद्दा संपत्तियों के मूल्य और प्रस्तावित बिक्री से संबंधित है। आरोप है कि करीब 150 करोड़ रुपये की संपत्तियों को लगभग 16 करोड़ रुपये में बेचने की कोशिश की जा रही थी। संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व और मूल्य को लेकर सवाल उठने के बाद मामला न्यायाधिकरण तक पहुंचा।

Resolution Professional की ओर से संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई थी। इसी आधार पर नीलामी प्रक्रिया को रोकने की मांग की गई। NCLT के ताजा आदेश के बाद फिलहाल इन संपत्तियों के संबंध में किसी तरह का निपटान नहीं किया जा सकेगा।

21 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में मामले से जुड़े पक्ष अपना पक्ष रख सकते हैं। इसके बाद न्यायाधिकरण आगे की दिशा तय कर सकता है। तब तक संपत्तियों को मौजूदा स्थिति में बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।

BYJU’S से संबंधित यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी काफी समय से वित्तीय और कानूनी विवादों का सामना कर रही है। ऐसे में उससे जुड़ी सहायक कंपनियों की संपत्तियों पर होने वाली किसी भी कार्रवाई का असर मामले की आगे की प्रक्रिया पर पड़ सकता है।

Tata Technologies के पूर्व CEO ने बेचे शेयर

कॉरपोरेट बाजार से जुड़ी तीसरी बड़ी खबर Tata Technologies से सामने आई है। कंपनी के पूर्व CEO और Managing Director पैट्रिक रेमन मैकगोल्ड्रिक ने खुले बाजार में शेयरों की बिक्री की है। इस लेनदेन के जरिए उन्होंने लगभग 165 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे हैं।

BSE पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मैकगोल्ड्रिक ने शुक्रवार को चार अलग-अलग चरणों में कुल 21 लाख शेयरों की बिक्री की। इन शेयरों की बिक्री औसतन 785 रुपये प्रति शेयर की दर पर की गई। इस हिसाब से पूरे लेनदेन का मूल्य करीब 164.85 करोड़ रुपये रहा।

बेचे गए शेयर Tata Technologies में लगभग 0.51 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर बताए गए हैं। इस बिक्री के बाद कंपनी में मैकगोल्ड्रिक की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय कमी आई है।

हिस्सेदारी 1.13% से घटकर 0.62% हुई

शेयरों की बिक्री से पहले Tata Technologies में पैट्रिक रेमन मैकगोल्ड्रिक की हिस्सेदारी करीब 1.13 प्रतिशत थी। 21 लाख शेयरों के इस लेनदेन के बाद उनकी हिस्सेदारी घटकर लगभग 0.62 प्रतिशत रह गई है।

Tata Technologies पुणे स्थित वैश्विक उत्पाद इंजीनियरिंग और डिजिटल सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी है। कंपनी ऑटोमोटिव, एयरोस्पेस और औद्योगिक क्षेत्रों सहित विभिन्न क्षेत्रों में इंजीनियरिंग और डिजिटल समाधान उपलब्ध कराती है।

किसी पूर्व शीर्ष अधिकारी द्वारा बड़ी मात्रा में शेयरों की बिक्री बाजार के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है। हालांकि केवल शेयर बिक्री के आधार पर कंपनी के भविष्य या कारोबारी प्रदर्शन को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होता। ऐसे लेनदेन कई व्यक्तिगत या वित्तीय कारणों से भी किए जा सकते हैं।

मैकगोल्ड्रिक द्वारा की गई बिक्री के बाद कंपनी में उनकी व्यक्तिगत हिस्सेदारी पहले की तुलना में काफी कम हो गई है। खुले बाजार में हुए इस सौदे का कुल मूल्य लगभग 165 करोड़ रुपये रहा।

तीनों घटनाक्रम कारोबार जगत के लिए क्यों अहम?

इन तीनों घटनाओं को अलग-अलग नजरिए से देखा जाए तो इनका महत्व अलग है। GST काउंसिल की बैठक में कर व्यवस्था और कारोबारियों से जुड़ी प्रक्रियाओं में संभावित बदलावों पर चर्चा हो सकती है। यदि बड़े कारोबारियों के GST रजिस्ट्रेशन को आसान बनाने और रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया को ऑटोमेट करने जैसे प्रस्ताव आगे बढ़ते हैं, तो इसका असर व्यापार करने की प्रक्रिया पर पड़ सकता है।

दूसरी तरफ, BYJU’S से जुड़ी K-3 Education की संपत्तियों की नीलामी पर NCLT की रोक कॉरपोरेट संपत्तियों के निपटान और उनके स्वामित्व से जुड़े विवादों को रेखांकित करती है। 21 सितंबर की सुनवाई इस मामले में अगला महत्वपूर्ण पड़ाव होगी।

वहीं Tata Technologies में पूर्व CEO की करीब 165 करोड़ रुपये की शेयर बिक्री शेयर बाजार और निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण कॉरपोरेट लेनदेन है। इस सौदे के बाद उनकी हिस्सेदारी 0.62 प्रतिशत रह गई है।

सितंबर और अक्टूबर की शुरुआत में कॉरपोरेट और व्यापार जगत में कई महत्वपूर्ण गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। GST काउंसिल की बैठक जहां कर व्यवस्था से जुड़े फैसलों के लिहाज से अहम होगी, वहीं BYJU’S से संबंधित न्यायिक कार्रवाई और Tata Technologies में बड़े शेयर लेनदेन भी बाजार और कारोबारी हलकों में चर्चा का विषय बने रहेंगे।