भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशिया कप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। दुबई में खेले गए पहले सेमीफाइनल में टीम इंडिया ने बांग्लादेश को 40 रन से शिकस्त देकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 149 रन बनाए थे। जवाब में बांग्लादेश की टीम निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 109 रन ही बना सकी।
भारत की इस जीत में बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों का योगदान रहा। शेफाली वर्मा ने मुश्किल परिस्थितियों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों पर 64 रन बनाए। दूसरी तरफ गेंद से दीप्ति शर्मा ने शानदार प्रदर्शन किया और चार ओवर में सिर्फ 26 रन देकर तीन महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। आखिरी ओवरों में नंदनी शर्मा ने भी दो विकेट निकालकर बांग्लादेश की बची हुई उम्मीदें खत्म कर दीं।
इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने एशिया कप के फाइनल में 10वीं बार प्रवेश किया है। भारत अब तक वनडे फॉर्मेट में चार बार फाइनल खेल चुका है और चारों मौकों पर चैंपियन बना है। टी-20 फॉर्मेट में यह भारत का छठा फाइनल होगा। टीम ने 2012, 2016 और 2022 में टी-20 एशिया कप का खिताब जीता था। वहीं 2018 और 2024 में भारतीय टीम को उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा था।
149 रन के बचाव में गेंदबाजों ने दिखाया दम
भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती 149 रन के स्कोर को बचाना था। पिच पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं था और ऐसे में टीम इंडिया के गेंदबाजों ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही बांग्लादेशी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
दीप्ति शर्मा ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने चार ओवर का पूरा कोटा डालते हुए 26 रन दिए और तीन विकेट झटके। उनकी सटीक लाइन और लेंथ के सामने बांग्लादेश की बल्लेबाज लगातार दबाव में नजर आईं।
दीप्ति के अलावा नंदनी शर्मा ने भी अहम भूमिका निभाई। पारी के आखिरी ओवर में उन्होंने दो विकेट हासिल किए। श्री चरणी और प्रेमा रावत को भी एक-एक सफलता मिली। भारतीय गेंदबाजों की इस संयुक्त कोशिश का नतीजा यह रहा कि बांग्लादेश की टीम 150 रन के लक्ष्य से काफी दूर रह गई।
बांग्लादेश की पारी में दिलारा अख्तर ने 21 रन बनाए। कप्तान निगर सुल्ताना 19 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि शोभना मोस्तरी ने 18 रन का योगदान दिया। शोरना अख्तर ने नाबाद 22 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका। लगातार विकेट गिरने की वजह से बांग्लादेश की रन गति भी नहीं बढ़ पाई।
लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश की शुरुआत रही दबाव में
150 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेशी टीम को शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। टीम को तेजी से रन बनाने की जरूरत थी, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने बल्लेबाजों को बड़े शॉट लगाने के ज्यादा मौके नहीं दिए।
बांग्लादेश की बल्लेबाजी में कोई भी खिलाड़ी बड़ी पारी नहीं खेल सका। दिलारा अख्तर ने 21 रन बनाकर कुछ देर तक पारी को संभालने की कोशिश की। कप्तान निगर सुल्ताना भी 19 रन से आगे नहीं बढ़ सकीं। शोभना मोस्तरी ने 18 रन बनाए, जबकि शोरना अख्तर ने 22 रन बनाकर नाबाद रहते हुए संघर्ष जारी रखा।
हालांकि लक्ष्य तक पहुंचने के लिए बांग्लादेश को लगातार बड़े ओवरों की जरूरत थी, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने ऐसा होने नहीं दिया। विकेटों के बीच साझेदारी नहीं बन पाने के कारण बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 109 रन ही बना सकी और भारत ने मुकाबला 40 रन से अपने नाम कर लिया।
स्मृति जल्दी आउट, शेफाली ने संभाली पारी
इससे पहले भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही थी। टॉस गंवाने के बाद भारत को पहले बल्लेबाजी करनी पड़ी और पारी के दूसरे ओवर में ही स्मृति मंधाना का विकेट गिर गया। मंधाना सिर्फ 2 रन बनाकर कैच आउट हो गईं।
शुरुआती झटके के बाद शेफाली वर्मा ने पारी को संभालने का जिम्मा उठाया। उन्होंने प्रतिका रावल के साथ मिलकर भारतीय पारी को गति दी। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 44 गेंदों में 50 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारत को शुरुआती नुकसान से उबरने का मौका दिया।
प्रतिका रावल ने 24 गेंदों पर 20 रन बनाए। उनकी पारी में एक चौका और एक छक्का शामिल रहा। साझेदारी टूटने के बाद भारतीय टीम को फिर से तेजी से रन बनाने की जरूरत थी।
शेफाली ने खेली मैच बदलने वाली पारी
प्रतिका के आउट होने के बाद शेफाली वर्मा ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी। उन्होंने बांग्लादेशी गेंदबाजों पर दबाव बनाने के लिए लगातार बाउंड्री लगाईं। शेफाली ने 40 गेंदों का सामना करते हुए 64 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली।
उनके बल्ले से सात चौके और तीन छक्के निकले। शेफाली की इस पारी ने भारत को प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। वह टीम के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ा रही थीं और इसी वजह से भारत शुरुआती विकेट गंवाने के बावजूद मजबूत स्थिति में पहुंच सका।
शेफाली के आउट होने के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभालने का काम किया। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 27 गेंदों पर 33 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को अंतिम ओवरों के लिए अच्छी स्थिति में पहुंचा दिया।
हरमनप्रीत ने अंत तक संभाला मोर्चा
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने इस मुकाबले में एक छोर मजबूती से संभाले रखा। शेफाली के जाने के बाद उन्होंने ऋचा घोष के साथ मिलकर रन गति को बनाए रखने की कोशिश की। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 28 गेंदों में 36 रन जोड़े।
ऋचा घोष ने 21 गेंदों पर 16 रन बनाए। उनकी पारी में दो छक्के शामिल रहे। ऋचा के आउट होने के बाद दीप्ति शर्मा बल्लेबाजी के लिए आईं और उन्होंने भी कप्तान का अच्छा साथ दिया।
हरमनप्रीत और दीप्ति के बीच पांचवें विकेट के लिए केवल आठ गेंदों में 21 रन की तेज साझेदारी हुई। इससे भारतीय टीम अंतिम ओवरों में जरूरी रन जुटाने में सफल रही। कप्तान ने 28 गेंदों पर नाबाद 24 रन बनाए। उनकी पारी में दो छक्के शामिल रहे।
भारत ने इस तरह 20 ओवर पूरे होने तक 6 विकेट पर 149 रन का स्कोर खड़ा किया। मैच की परिस्थितियों को देखते हुए यह ऐसा स्कोर था जिसे बचाने के लिए गेंदबाजों को अनुशासित प्रदर्शन करना जरूरी था।
बांग्लादेश की ओर से सुल्ताना खातून सफल गेंदबाज
भारतीय पारी के दौरान बांग्लादेश की तरफ से सुल्ताना खातून सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने तीन ओवर में 30 रन देकर दो विकेट लिए। मारुफा अख्तर, नाहिदा अख्तर और राबिया खान को भी एक-एक सफलता मिली।
हालांकि बांग्लादेशी गेंदबाजों ने समय-समय पर भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया, लेकिन शेफाली और हरमनप्रीत की पारियों ने भारत को पर्याप्त रन जुटाने में मदद की। खासकर शेफाली की तेज पारी ने स्कोर को एक ऐसे स्तर तक पहुंचाया, जहां भारतीय गेंदबाज विपक्षी टीम पर दबाव बना सकते थे।
13 सितंबर को खिताब के लिए उतरेगा भारत
सेमीफाइनल जीतने के बाद अब भारतीय टीम की नजर एशिया कप की ट्रॉफी पर है। फाइनल मुकाबला 13 सितंबर को दुबई में रात 8 बजे से खेला जाएगा। भारत के सामने दूसरे सेमीफाइनल में जीत हासिल करने वाली टीम होगी।
दूसरे सेमीफाइनल में 11 सितंबर को श्रीलंका और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होंगी। इस मुकाबले के नतीजे के बाद यह तय होगा कि फाइनल में भारत का सामना किस टीम से होगा।
भारत के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने एक बार फिर बड़े मुकाबले में दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन किया। बल्लेबाजी में शेफाली वर्मा ने आक्रामक अंदाज दिखाया, जबकि कप्तान हरमनप्रीत ने पारी को अंत तक संभाले रखा। इसके बाद गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा ने विपक्षी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।
149 रन का स्कोर देखने में बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने अपनी रणनीति को शानदार तरीके से लागू किया। बांग्लादेश को 109 रन पर रोककर भारत ने 40 रन से मुकाबला जीत लिया। अब टीम के सामने खिताब से सिर्फ एक कदम की दूरी है और 13 सितंबर को होने वाला फाइनल यह तय करेगा कि भारतीय महिला टीम एक बार फिर एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम कर पाती है या नहीं।




