भारतीय शेयर बाजार में सितंबर का आखिरी सप्ताह आईपीओ के लिहाज से काफी व्यस्त रहने वाला है। 22 सितंबर से 28 सितंबर के बीच कुल छह कंपनियां अपना इनिशियल पब्लिक ऑफर यानी IPO लेकर आ रही हैं। इन इश्यूज के जरिए कंपनियों की कुल मिलाकर करीब ₹3,825 करोड़ जुटाने की योजना है। इनमें कुछ कंपनियां पूरी रकम नए शेयर जारी करके हासिल करेंगी, जबकि कुछ इश्यू में फ्रेश इश्यू के साथ मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर फॉर सेल यानी OFS भी शामिल होगा।
आने वाले सप्ताह में IPO बाजार में एलीवेट कैंपस, वारमोरा ग्रैनिटो, ए-वन स्टील्स इंडिया, अरमी इन्फोटेक, स्वस्तिक इंफ्रा और एड्रॉइट इंडस्ट्रीज इंडिया के नाम प्रमुख रहेंगे। इनमें ज्यादातर इश्यू 23 सितंबर को खुलेंगे। कंपनियों ने IPO से जुटाई जाने वाली पूंजी के इस्तेमाल के लिए अलग-अलग योजनाएं बनाई हैं। इसमें कारोबार का विस्तार, नई परियोजनाओं पर खर्च, पूंजीगत व्यय, कर्ज का भुगतान और रोजमर्रा की कारोबारी जरूरतों के लिए वर्किंग कैपिटल जुटाना शामिल है।
एलीवेट कैंपस का इश्यू सबसे बड़ा
इस सप्ताह आने वाले छह IPO में सबसे बड़ा इश्यू एलीवेट कैंपस का है। कंपनी बाजार से ₹2,100 करोड़ जुटाने जा रही है। यह इश्यू 23 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 25 सितंबर को बंद हो जाएगा। कंपनी ने IPO के लिए प्रति शेयर ₹343 से ₹362 का प्राइस बैंड निर्धारित किया है।
एलीवेट कैंपस में हिलहाउस इन्वेस्टमेंट का निवेश है। कंपनी का यह इश्यू पूरी तरह फ्रेश इश्यू के रूप में पेश किया जा रहा है। यानी IPO में नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे और इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से OFS का हिस्सा नहीं है।
इश्यू के बाद शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 30 सितंबर के आसपास होने की उम्मीद जताई जा रही है। IPO के जरिए जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल कंपनी अपनी कारोबारी योजनाओं और भविष्य के विस्तार से जुड़े उद्देश्यों के लिए कर सकती है।
वारमोरा ग्रैनिटो 22 सितंबर को खुलेगा
IPO की इस कतार में वारमोरा ग्रैनिटो का इश्यू सबसे पहले खुलने वाला है। कंपनी का ₹708 करोड़ का IPO 22 सितंबर से 24 सितंबर तक निवेशकों के लिए उपलब्ध रहेगा। इसके लिए प्राइस बैंड ₹140 से ₹148 प्रति शेयर तय किया गया है।
वारमोरा ग्रैनिटो के इश्यू में फ्रेश इश्यू और OFS दोनों शामिल हैं। कंपनी करीब ₹320 करोड़ के नए शेयर जारी करेगी। इसके अलावा मौजूदा निवेशक कात्सुरा इन्वेस्टमेंट्स लगभग ₹388 करोड़ मूल्य के 2.62 करोड़ शेयरों की बिक्री OFS के माध्यम से करेंगे।
इस तरह इस इश्यू में जुटने वाली रकम का एक हिस्सा कंपनी के पास जाएगा, जबकि OFS के तहत बेचे जाने वाले शेयरों से प्राप्त राशि संबंधित मौजूदा शेयरधारक को मिलेगी। निवेशकों के लिए यह अंतर समझना जरूरी है, क्योंकि फ्रेश इश्यू और OFS का कंपनी की बैलेंस शीट पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है।
ए-वन स्टील्स इंडिया का IPO 24 सितंबर को
ए-वन स्टील्स इंडिया भी अगले सप्ताह प्राथमिक बाजार में दस्तक देगी। कंपनी ने IPO के जरिए ₹405 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसका सब्सक्रिप्शन 24 सितंबर को शुरू होगा और 28 सितंबर तक चलेगा।
कंपनी ने शेयरों के लिए ₹385 से ₹405 का प्राइस बैंड तय किया है। इस इश्यू में करीब ₹355 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल है। इसके अलावा प्रमोटर्स लगभग ₹50 करोड़ तक के शेयर OFS के जरिए बेचेंगे।
ए-वन स्टील्स इंडिया के IPO में इसलिए निवेशकों को फ्रेश इश्यू और प्रमोटर OFS दोनों का हिस्सा देखने को मिलेगा। नए शेयर जारी होने से कंपनी को पूंजी प्राप्त होगी, जबकि OFS के जरिए होने वाली बिक्री से मिलने वाली रकम प्रमोटर्स के पास जाएगी।
अरमी इन्फोटेक जुटाएगी ₹300 करोड़
अरमी इन्फोटेक का पब्लिक इश्यू भी 23 सितंबर को खुलेगा। कंपनी ने IPO का आकार ₹300 करोड़ रखा है। निवेशक इसमें 23 सितंबर से 25 सितंबर तक बोली लगा सकेंगे। कंपनी ने IPO के लिए ₹350 से ₹375 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। खास बात यह है कि अरमी इन्फोटेक का पूरा इश्यू फ्रेश इक्विटी शेयरों का है। इसमें OFS का कोई हिस्सा नहीं रखा गया है।
इसका मतलब है कि IPO के तहत जारी होने वाले नए शेयरों से मिलने वाली पूंजी कंपनी के पास जाएगी। कंपनी इस राशि का इस्तेमाल अपनी कारोबारी जरूरतों और विस्तार से जुड़े लक्ष्यों के लिए करेगी।
स्वस्तिक इंफ्रा का ₹161 करोड़ का इश्यू
इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े EPC सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम करने वाली स्वस्तिक इंफ्रा भी इस सप्ताह IPO बाजार में उतरेगी। कंपनी का इश्यू 23 सितंबर से 25 सितंबर तक खुला रहेगा। स्वस्तिक इंफ्रा इस IPO के जरिए ₹161 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी ने प्रति शेयर ₹175 से ₹185 का प्राइस बैंड तय किया है। कंपनी से जुड़े कारोबार में पावर डिस्ट्रीब्यूशन और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए EPC सेवाएं शामिल हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के लिए पूंजी जुटाना परियोजनाओं के विस्तार और कारोबारी गतिविधियों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में इस इश्यू पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।
एड्रॉइट इंडस्ट्रीज इंडिया का IPO भी 23 सितंबर से
छह कंपनियों की सूची में एड्रॉइट इंडस्ट्रीज इंडिया भी शामिल है। कंपनी 23 सितंबर को अपना IPO खोलेगी और 25 सितंबर तक इसमें सब्सक्रिप्शन लिया जा सकेगा।
एड्रॉइट इंडस्ट्रीज इंडिया के इश्यू का आकार ₹151 करोड़ है। कंपनी ने IPO के लिए ₹126 से ₹134 प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया है। कंपनी के मुताबिक, इश्यू के जरिए जुटाई जाने वाली रकम का इस्तेमाल कारोबारी आवश्यकताओं और कंपनी से जुड़े निर्धारित उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इस तरह 23 सितंबर को एक साथ कई IPO खुलने के कारण उस दिन प्राथमिक बाजार में निवेशकों की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
सितंबर में पहले से ही IPO बाजार में तेजी
इन छह नए इश्यू के आने से पहले ही सितंबर 2026 में IPO गतिविधियां तेज रही हैं। अब तक इस महीने 17 पब्लिक इश्यू बाजार में आ चुके हैं। यानी महीने के शुरुआती हिस्से में ही कंपनियों ने प्राथमिक बाजार के जरिए बड़ी मात्रा में पूंजी जुटाने की कोशिश की है।
इसके अलावा NSE का मेगा IPO और टेक्सटाइल निर्माता सोनासिलेक्शन इंडिया का इश्यू भी फिलहाल सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध है। इन इश्यूज के साथ सितंबर के आखिरी सप्ताह में आने वाले छह नए IPO प्राथमिक बाजार में गतिविधि को और बढ़ा सकते हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, इन छह नए IPO के बाद 2026 में अब तक IPO के जरिए बाजार में उतरने वाली कंपनियों की संख्या बढ़कर 87 हो जाएगी। इसमें अकेले अगस्त 2026 में आए 23 IPO भी शामिल हैं। इससे पता चलता है कि इस साल कंपनियों के लिए शेयर बाजार के जरिए पूंजी जुटाना एक महत्वपूर्ण माध्यम बना हुआ है।
IPO में फ्रेश इश्यू और OFS में क्या अंतर है?
IPO में निवेश करने से पहले यह समझना जरूरी है कि किसी इश्यू में फ्रेश इश्यू कितना है और OFS कितना। दोनों के जरिए शेयर बाजार में शेयर पेश किए जाते हैं, लेकिन दोनों से मिलने वाली रकम का लाभ अलग-अलग पक्षों को मिलता है।
फ्रेश इश्यू में कंपनी नए इक्विटी शेयर जारी करती है। निवेशकों से प्राप्त पैसा सीधे कंपनी के खाते में जाता है। कंपनी इस रकम का इस्तेमाल विस्तार, नई परियोजनाओं, मशीनरी और अन्य कैपिटल एक्सपेंडिचर, कर्ज कम करने या वर्किंग कैपिटल जैसी जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकती है।
दूसरी तरफ, OFS यानी Offer for Sale में कंपनी के मौजूदा शेयरधारक, प्रमोटर या अन्य निवेशक अपने पहले से मौजूद शेयरों को बाजार में बेचते हैं। इस बिक्री से प्राप्त रकम कंपनी के खाते में नहीं जाती, बल्कि शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारक को मिलती है।
यही वजह है कि किसी IPO को समझते समय केवल कुल इश्यू साइज देखना पर्याप्त नहीं होता। निवेशकों के लिए यह देखना भी महत्वपूर्ण होता है कि उसमें कितनी राशि फ्रेश इश्यू से आ रही है और कितना हिस्सा OFS के जरिए बेचा जा रहा है।
निवेशकों की नजर प्राइस बैंड और इश्यू संरचना पर
आने वाले छह IPO में कंपनियों के प्राइस बैंड और इश्यू स्ट्रक्चर अलग-अलग हैं। एलीवेट कैंपस ने ₹343-362, वारमोरा ग्रैनिटो ने ₹140-148, ए-वन स्टील्स इंडिया ने ₹385-405, अरमी इन्फोटेक ने ₹350-375, स्वस्तिक इंफ्रा ने ₹175-185 और एड्रॉइट इंडस्ट्रीज इंडिया ने ₹126-134 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
इन सभी इश्यूज की तारीखें भी एक जैसी नहीं हैं। वारमोरा ग्रैनिटो का IPO 22 सितंबर को शुरू होगा, जबकि एलीवेट कैंपस, अरमी इन्फोटेक, स्वस्तिक इंफ्रा और एड्रॉइट इंडस्ट्रीज इंडिया के इश्यू 23 सितंबर से खुलेंगे। ए-वन स्टील्स इंडिया का IPO 24 सितंबर को शुरू होगा।
इस तरह 22 से 28 सितंबर के बीच प्राथमिक बाजार में निवेशकों के पास कई नए इश्यू उपलब्ध होंगे। हालांकि किसी भी IPO में निवेश से पहले कंपनी का कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन, जोखिम, IPO का उद्देश्य और ऑफर डॉक्यूमेंट में दी गई जानकारी को समझना जरूरी होता है।
(Photo: AI Generated)




