पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान के खिलाफ चल रहा विरोध आंदोलन एक बार फिर चर्चा में है। आंदोलन से जुड़े नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के नियंत्रण से मुक्ति की मांग करते हुए लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर लगी बाड़ हटाने की बात कही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बाड़ के कारण सीमा के दोनों ओर रहने वाले लोगों के पुराने संपर्क और आवागमन के रास्ते बाधित हुए हैं। इसी के साथ भारत के पुंछ और मेंढर क्षेत्र के रास्ते दोबारा जुड़ने की मांग भी सामने आई है।
आंदोलन के नेता सरदार अमन खान की अपील पर मंडहोल गांव के करीब 25 हजार लोगों के समर्थन का दावा किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान पर PoK के लोगों के साथ भेदभाव करने और जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के बीच अब खाद्य सामग्री की उपलब्धता भी मुश्किल हो गई है।
LoC पर धरने की तैयारी
सरदार अमन खान ने आंदोलन के 110वें दिन समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि जल्द ही LoC के पास धरना आयोजित किया जाएगा। इस प्रदर्शन में तारबंदी हटाने की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनका उद्देश्य सीमा पर लगी बाधाओं को हटाकर PoK के उन इलाकों को पुराने संपर्क मार्गों से जोड़ना है, जिनका भारत के पुंछ-मेंढर क्षेत्र के साथ पहले से सामाजिक और आर्थिक संपर्क रहा है।
प्रदर्शनकारियों की मांग केवल बाड़ हटाने तक सीमित नहीं है। वे पाकिस्तान के प्रशासनिक और सैन्य नियंत्रण को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों को अपने संसाधनों, आवाजाही और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े फैसलों में अधिक अधिकार मिलना चाहिए।
आंदोलन से जुड़े दावों के अनुसार, मंडहोल और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इस मांग के समर्थन में सामने आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान से आजादी के नारे भी लगाए और अपने भविष्य को लेकर अलग रास्ता अपनाने की मांग की।
राशन की कमी का आरोप
आंदोलनकारियों ने पाकिस्तान पर PoK की आपूर्ति व्यवस्था को बाधित करने का आरोप लगाया है। सरदार अमन खान का कहना है कि क्षेत्र में तीन महीने से अधिक समय से राशन की आपूर्ति प्रभावित है। उनके मुताबिक, इसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है और कई परिवारों के सामने खाद्य सामग्री जुटाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
अमन खान ने अपने बयान में पुराने व्यापारिक और सामाजिक संपर्कों का उल्लेख करते हुए कहा कि PoK के कई लोग पहले मेंढर से राशन और दूसरी जरूरी वस्तुएं हासिल करते थे। उनके अनुसार, समय के साथ LoC पर बाड़ लगाए जाने से यह संपर्क खत्म हो गया और लोगों को अपनी जरूरतों के लिए पाकिस्तान के दूसरे हिस्सों पर निर्भर होना पड़ा।
आंदोलनकारियों का दावा है कि मौजूदा हालात में यदि लोग किसी दूसरे रास्ते से जरूरी सामान लाने की कोशिश करते हैं तो उन्हें सीमा पर रोक दिया जाता है। उनके अनुसार, पाकिस्तानी सुरक्षा बल कई बार सामान जब्त कर लेते हैं। इन आरोपों के कारण स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ने की बात कही जा रही है।
पाकिस्तान पर निर्भरता का मुद्दा
सरदार अमन खान ने अपने संबोधन में PoK की आर्थिक और सामाजिक स्थिति का मुद्दा उठाया। उनका आरोप है कि क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से पाकिस्तान पर निर्भर रहने के लिए मजबूर किया गया है। उनके मुताबिक, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और पड़ोसी भारतीय क्षेत्रों के साथ पुराने संपर्कों का इस्तेमाल करने के बजाय लोगों को पाकिस्तान की आपूर्ति व्यवस्था पर निर्भर बनाया गया।
आंदोलनकारी नेता ने दावा किया कि LoC की बाड़ ने केवल आवाजाही को ही प्रभावित नहीं किया, बल्कि सीमावर्ती परिवारों और समुदायों के बीच पुराने संबंधों पर भी असर डाला है। उनका कहना है कि सीमा के दोनों तरफ रहने वाले लोगों के बीच रिश्तेदारी, कारोबार और सामाजिक संपर्क रहे हैं, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में इन संपर्कों पर कई तरह की पाबंदियां हैं।
इसी वजह से प्रदर्शनकारी तारबंदी हटाने और पुंछ-मेंढर के जरिए पुराने संपर्कों को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। उनके मुताबिक, यह मांग क्षेत्र के लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों और स्थानीय हितों से जुड़ी हुई है।
आंदोलन के 110वें दिन सामने आया ऐलान
PoK में जारी विरोध के बीच 110वें दिन सरदार अमन खान की ओर से LoC पर प्रदर्शन की घोषणा की गई। उन्होंने समर्थकों से इस आंदोलन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। प्रस्तावित धरने में पाकिस्तान के नियंत्रण, सीमा पर बाड़ और स्थानीय लोगों की परेशानियों जैसे मुद्दों को उठाने की बात कही गई है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लगातार सामने रखेंगे और प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, उनका आंदोलन केवल तत्काल आर्थिक समस्याओं तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र के राजनीतिक भविष्य और लोगों के अधिकारों से भी जुड़ा हुआ है।
इस दौरान पाकिस्तान की सेना की भूमिका को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि विरोध को दबाने के लिए सुरक्षा बलों की कार्रवाई से स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।
पाकिस्तानी सेना पर लगाए गंभीर आरोप
सरदार अमन खान ने पाकिस्तानी सेना को लेकर भी तीखी टिप्पणियां कीं। उन्होंने दावा किया कि LoC पर गोलीबारी के दौरान जब तनाव बढ़ा था, तब सेना के जवान अपनी बैरकों में चले गए थे और स्थानीय लोगों ने मुश्किल परिस्थितियों में एक-दूसरे की मदद की थी।
अमन खान ने आरोप लगाया कि जिन स्थानीय लोगों ने कठिन समय में सैनिकों की सहायता की, वही लोग अब कथित तौर पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान की सैन्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि PoK के लोगों की समस्याओं का समाधान केवल प्रशासनिक कदमों से नहीं होगा।
उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों को अपनी सुरक्षा, आर्थिक स्थिति और राजनीतिक भविष्य को लेकर खुद अपनी आवाज उठाने का अधिकार होना चाहिए। आंदोलन के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ लगाए जा रहे नारों में इसी असंतोष को प्रमुखता से सामने रखा जा रहा है।
‘पाकिस्तान के कब्जे से मुक्ति’ की मांग
विरोध प्रदर्शन में शामिल लोग पाकिस्तान से अलग होने की मांग को भी प्रमुख मुद्दा बना रहे हैं। सरदार अमन खान का कहना है कि PoK के विकास और स्थानीय लोगों की खुशहाली के लिए पाकिस्तान के नियंत्रण से पूरी तरह बाहर निकलना जरूरी है।
आंदोलनकारियों के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था में क्षेत्र के लोगों को आर्थिक अवसरों, जरूरी सामान और आवागमन से संबंधित कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका दावा है कि इन समस्याओं को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं मिला।
इसी पृष्ठभूमि में भारत के साथ पुराने संपर्कों को दोबारा स्थापित करने की मांग सामने आई है। पुंछ और मेंढर का नाम लेते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि LoC पर लगी बाड़ उनके लिए एक बड़ी बाधा है। वे इसे हटाकर पुराने रास्तों को फिर से खोलने की मांग कर रहे हैं।
आगे बढ़ सकता है विरोध प्रदर्शन
आंदोलन के अगले चरण में LoC पर प्रस्तावित धरना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होते हैं तो इससे PoK में चल रहे विरोध को और अधिक सार्वजनिक रूप से सामने आने का मौका मिल सकता है। फिलहाल आंदोलनकारियों की ओर से बड़ी संख्या में लोगों के समर्थन का दावा किया गया है।
पूरे विवाद के केंद्र में तीन प्रमुख मुद्दे दिखाई दे रहे हैं—राशन और जरूरी सामान की कथित कमी, LoC पर लगी बाड़ और पाकिस्तान के प्रशासनिक नियंत्रण के खिलाफ असंतोष। प्रदर्शनकारी इन सभी मुद्दों को एक साथ जोड़कर अपनी मांगें उठा रहे हैं।
सरदार अमन खान ने समर्थकों से आंदोलन को जारी रखने की अपील की है। उनका कहना है कि PoK के लोगों को अपने भविष्य को लेकर फैसला करने और अपनी आवाज बुलंद करने का अधिकार मिलना चाहिए। वहीं, आंदोलनकारियों की ओर से भारत से दोबारा जुड़ने की मांग इस पूरे घटनाक्रम को सीमा और क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बना रही है।
फिलहाल प्रस्तावित LoC धरने पर सभी की नजर है। आने वाले दिनों में प्रदर्शन का स्वरूप और इसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी यह तय करेगी कि PoK में चल रहा यह आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।




