बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत को छह साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन इस मामले को लेकर चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। इसकी वजह सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति का हालिया वीडियो है, जिसमें उन्होंने अपने भाई के पोस्टमार्टम से जुड़ी ऐसी जानकारी साझा करने का दावा किया है, जिसने पुराने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। श्वेता ने कहा कि उन्हें हाल ही में उस व्यक्ति से जुड़ी जानकारी मिली, जिसने उनके भाई का पोस्टमार्टम किया था। उनके मुताबिक, उस व्यक्ति ने सुशांत के शरीर पर चोटों, पैर टूटने, आंखों को नुकसान पहुंचने और स्टन गन के इस्तेमाल जैसी बातें बताई थीं। हालांकि, इन दावों को अभी स्वतंत्र रूप से स्थापित करने वाली कोई नई मेडिकल रिपोर्ट या आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया गया है।
अटलांटा से लौटने के बाद श्वेता ने शेयर किया वीडियो
श्वेता सिंह कीर्ति ने यह बात एक वीडियो संदेश में कही। रिपोर्टों के मुताबिक, वह हाल ही में अटलांटा में एक मेडिटेशन रिट्रीट में शामिल हुई थीं। वहां से लौटने के बाद उन्होंने अपने अनुभव और लोगों से मिले प्यार के बारे में बात की। इसी दौरान बातचीत सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े मामले तक पहुंच गई। श्वेता ने बताया कि उनके भाई को लेकर आज भी लोगों के मन में भावनाएं हैं और कई लोग उनसे मिलकर सुशांत को याद करते हैं। इसके बाद उन्होंने कहा कि उन्हें हाल ही में पोस्टमार्टम से संबंधित कुछ ऐसी बातें पता चली हैं, जिनके बारे में पहले जानकारी नहीं थी। उनका दावा है कि पोस्टमार्टम करने वाले व्यक्ति की ओर से उन्हें सुशांत के शरीर पर गंभीर चोटों की जानकारी दी गई थी।
पैर टूटने और आंखों में चोट का किया दावा
श्वेता के मुताबिक, उन्हें बताया गया कि सुशांत का पैर टूटा हुआ था और उनके शरीर पर काफी बल प्रयोग किया गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि सुशांत की आंखों पर चोट थी। वीडियो में श्वेता ने स्टन गन के इस्तेमाल की बात भी कही। रिपोर्टों में उनके बयान को इस तरह दर्ज किया गया है कि पोस्टमार्टम करने वाले व्यक्ति ने गर्दन के आसपास स्टन गन के इस्तेमाल की जानकारी दी थी। श्वेता ने इन बातों को अपने भाई की मौत से जुड़े गंभीर सवालों के संदर्भ में रखा। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये बातें फिलहाल श्वेता की ओर से साझा किए गए दावे हैं और इनकी पुष्टि किसी नए आधिकारिक पोस्टमार्टम दस्तावेज से नहीं हुई है।
श्वेता ने अपने वीडियो में सिर्फ आरोपों या जांच की बात नहीं की, बल्कि इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ी अपनी भावनात्मक स्थिति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति के साथ कुछ गलत होता है तो उसे माफ करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन जब ऐसी घटना किसी बेहद करीबी और प्रिय व्यक्ति के साथ हो, तो उस दर्द को स्वीकार करना और उससे आगे बढ़ना और भी कठिन हो जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने भीतर नफरत, बदले या नाराजगी को जगह नहीं देना चाहतीं। उनके मुताबिक, वह प्रेम, विश्वास, अच्छाई और ईश्वर में आस्था के साथ आगे बढ़ना चाहती हैं।
2020 की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या दर्ज था?
श्वेता के हालिया दावों को समझने के लिए उस समय सार्वजनिक हुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट का उल्लेख भी जरूरी है। जून 2020 में सुशांत सिंह राजपूत का शव मुंबई के बांद्रा स्थित उनके अपार्टमेंट में मिला था। इसके बाद उनका पोस्टमार्टम कराया गया था। उस समय सामने आई अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी के कारण दम घुटना यानी ‘asphyxia due to hanging’ बताई गई थी। रिपोर्ट में शरीर पर संघर्ष के निशान या बाहरी चोटें नहीं मिलने की बात कही गई थी। साथ ही नाखूनों के साफ होने का भी उल्लेख किया गया था और रिपोर्ट में किसी तरह के फाउल प्ले की पुष्टि नहीं की गई थी।
यही वजह है कि श्वेता की ओर से अब बताए गए कथित चोटों के विवरण और उस समय सार्वजनिक हुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बीच अंतर दिखाई देता है। एक तरफ 2020 की सार्वजनिक रिपोर्ट में बाहरी चोट या संघर्ष के निशान नहीं मिलने की बात कही गई थी, वहीं अब श्वेता ऐसे व्यक्ति के हवाले से पैर टूटने, आंखों पर चोट और बल प्रयोग का दावा कर रही हैं, जिसने कथित तौर पर पोस्टमार्टम किया था। उपलब्ध खबरों में इस नए दावे के समर्थन में कोई संशोधित आधिकारिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने की जानकारी नहीं है। इसलिए इन दोनों बयानों को एक ही तथ्य मानने के बजाय अलग-अलग स्रोतों के रूप में देखना जरूरी है।
सुशांत की मौत को लेकर पहले भी उठते रहे हैं सवाल
सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को अपने बांद्रा स्थित घर में मृत पाए गए थे। उस समय उनकी उम्र 34 साल थी। उनकी मौत की खबर सामने आते ही देशभर में शोक की लहर फैल गई थी और कुछ ही समय में यह मामला देश के सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले मामलों में शामिल हो गया। परिवार, प्रशंसकों और अलग-अलग पक्षों की ओर से मामले की जांच को लेकर कई सवाल उठाए गए। इसके बाद पुलिस जांच के साथ-साथ केंद्रीय एजेंसियों की जांच भी इस मामले से जुड़ी। मौत की परिस्थितियों को लेकर सोशल मीडिया पर भी लंबे समय तक तरह-तरह के दावे और चर्चाएं चलती रहीं।
हालांकि, इस पूरे मामले में सार्वजनिक रिकॉर्ड और अलग-अलग समय पर सामने आई जांच संबंधी जानकारियों को आपस में मिलाकर देखना जरूरी है। 2020 की अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी के कारण दम घुटने को मौत का कारण बताया गया था और बाहरी चोटों या संघर्ष के निशान नहीं मिलने की बात कही गई थी। दूसरी ओर, श्वेता का नया बयान एक ऐसे व्यक्ति से कथित तौर पर मिली जानकारी पर आधारित है, जिसे वह पोस्टमार्टम प्रक्रिया से जुड़ा हुआ बताती हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस दावे के समर्थन में कोई नया मेडिकल रिकॉर्ड या आधिकारिक दस्तावेज जांच एजेंसियों के सामने प्रस्तुत किया गया है या नहीं।
दिशा सालियान की मौत का मामला भी फिर चर्चा में
सुशांत सिंह राजपूत की मौत से कुछ दिन पहले उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की भी मौत हुई थी। दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई में एक इमारत से गिरने के बाद हुई थी। दोनों घटनाओं के बीच समय का अंतर कम होने की वजह से बाद में दिशा सालियान का मामला भी सार्वजनिक चर्चाओं में सुशांत केस से जोड़ा जाता रहा। हालांकि, दोनों मामलों से संबंधित दावों और जांच के निष्कर्षों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
हाल के समय में दिशा सालियान के परिवार की ओर से भी मामले की जांच को लेकर मांग उठने की खबरें सामने आई हैं। सितंबर 2026 में उनके पिता की ओर से सीबीआई जांच की मांग किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। इस वजह से सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़ी पुरानी चर्चाओं के बीच दिशा सालियान का मामला भी फिर चर्चा में आया।
नए दावों के बाद फिर बढ़ी लोगों की दिलचस्पी
श्वेता सिंह कीर्ति के ताजा वीडियो ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े सवालों को एक बार फिर सार्वजनिक बहस में ला दिया है। खासतौर पर पोस्टमार्टम से जुड़े उनके दावे सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बने हैं। हालांकि, इस तरह के संवेदनशील मामले में किसी भी नए दावे को अंतिम निष्कर्ष मानने से पहले उसके समर्थन में उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेज, मेडिकल रिकॉर्ड और जांच एजेंसियों की पुष्टि देखना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना स्पष्ट है कि श्वेता ने अपने हालिया वीडियो में पोस्टमार्टम से जुड़ी कुछ नई बातें सामने रखी हैं और उनके मुताबिक उन्हें यह जानकारी पोस्टमार्टम करने वाले व्यक्ति से मिली। दूसरी तरफ, 2020 में सार्वजनिक हुई अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी के कारण दम घुटना बताई गई थी तथा बाहरी चोटों और संघर्ष के निशान नहीं मिलने की बात कही गई थी। इसलिए श्वेता के नए दावों और पुराने आधिकारिक रिकॉर्ड के बीच मौजूद अंतर को लेकर आगे किसी आधिकारिक स्पष्टीकरण या दस्तावेज का सामने आना इस मामले में महत्वपूर्ण होगा।




