पहले बैच के उम्मीदवारों को आयु सीमा में पांच साल की रियायत, स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता; सेवा प्रमाणपत्र, चरित्र सत्यापन और मेडिकल जांच अनिवार्य
चंडीगढ़। चंडीगढ़ पुलिस में कॉन्स्टेबल (कार्यकारी) के पदों पर भर्ती के लिए पूर्व अग्निवीरों को बड़ी राहत दी गई है। चंडीगढ़ प्रशासन के गृह विभाग ने भर्ती प्रक्रिया में पूर्व अग्निवीरों को आयु सीमा में छूट देने के साथ लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) से भी छूट देने का प्रावधान किया है। इसके अलावा, निर्धारित दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत करने वाले पात्र उम्मीदवारों को शारीरिक माप परीक्षा (पीएमटी) से भी राहत मिल सकती है। पूर्व अग्निवीरों के लिए अनिवार्य सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) कोर्स और ड्राइविंग लाइसेंस की शर्त भी लागू नहीं होगी।
प्रशासन ने इस संबंध में 8 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की थी, जिसे 9 अक्टूबर को चंडीगढ़ प्रशासन के राजपत्र में प्रकाशित किया गया। अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। इसके तहत चंडीगढ़ पुलिस भर्ती नियम, 2023 के नियम 12 के अंतर्गत पूर्व अग्निवीरों को निर्धारित शर्तों के अनुसार विभिन्न रियायतें दी गई हैं।
इस फैसले से अग्निवीर योजना के तहत सेना, नौसेना या वायुसेना में अपनी निर्धारित सेवा पूरी कर चुके युवाओं को चंडीगढ़ पुलिस में भर्ती होने का अवसर मिल सकेगा। हालांकि, इन रियायतों का लाभ सभी पूर्व अग्निवीरों को स्वतः नहीं मिलेगा। इसके लिए अधिसूचना में निर्धारित पात्रता, दस्तावेज और आरक्षण संबंधी शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा।
पहले बैच को आयु सीमा में पांच साल की छूट
नई अधिसूचना के तहत पूर्व अग्निवीरों को कॉन्स्टेबल भर्ती में निर्धारित ऊपरी आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी। वहीं, अग्निवीर योजना के पहले बैच के उम्मीदवारों को अधिक राहत देते हुए पांच वर्ष की आयु छूट का प्रावधान किया गया है।
यह रियायत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को पहले से लागू नियमों के तहत मिलने वाली आयु सीमा की छूट के अतिरिक्त होगी। इससे पात्र आरक्षित वर्ग के पूर्व अग्निवीरों को नियमानुसार दोनों प्रावधानों के तहत लाभ मिल सकेगा।
प्रशासन ने इससे पहले 13 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना में पूर्व अग्निवीरों के लिए चार वर्ष की आयु छूट का प्रावधान किया था। अब नई अधिसूचना के माध्यम से इस व्यवस्था में संशोधन किया गया है। पहले बैच के उम्मीदवारों के लिए पांच वर्ष और अन्य पात्र पूर्व अग्निवीरों के लिए तीन वर्ष की छूट निर्धारित की गई है।
आयु सीमा में रियायत का उद्देश्य पूर्व अग्निवीरों को सैन्य सेवा पूरी करने के बाद पुलिस भर्ती में शामिल होने का अवसर देना है। सैन्य सेवा के दौरान प्राप्त अनुभव और प्रशिक्षण को ध्यान में रखते हुए भर्ती के कुछ चरणों में भी राहत दी गई है।
हालांकि, उम्मीदवारों को भर्ती के लिए निर्धारित अन्य पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी। केवल आयु सीमा में छूट मिलने से किसी उम्मीदवार की नियुक्ति सुनिश्चित नहीं होगी।
लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा से राहत
अधिसूचना का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान पूर्व अग्निवीरों को लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट देना है। सामान्य भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों को निर्धारित चयन चरणों से गुजरना पड़ता है, लेकिन अधिसूचना के दायरे में आने वाले पूर्व अग्निवीरों को इन दोनों परीक्षाओं से राहत दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, शारीरिक माप परीक्षा से भी छूट का प्रावधान किया गया है। इसके लिए उम्मीदवार को निर्धारित वैध दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे। दस्तावेजों के आधार पर पात्रता की पुष्टि होने के बाद ही संबंधित रियायत का लाभ मिल सकेगा।
प्रशासन ने पूर्व अग्निवीरों के लिए अनिवार्य सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) कोर्स और ड्राइविंग लाइसेंस की शर्त से भी छूट दी है। इससे भर्ती के दौरान इन शर्तों को पूरा करने की अतिरिक्त बाध्यता नहीं रहेगी।
इन रियायतों का लाभ लेने के लिए उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अधिसूचना में निर्धारित सभी शर्तों के अंतर्गत आते हों। भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेजों की जांच और अन्य अनिवार्य सत्यापन संबंधी प्रावधान लागू रहेंगे।
चंडीगढ़ के स्थानीय पूर्व अग्निवीरों को प्राथमिकता
नई व्यवस्था के तहत इन रियायतों का लाभ सबसे पहले चंडीगढ़ के वास्तविक निवासी पूर्व अग्निवीरों को दिया जाएगा। प्रशासन ने स्थानीय उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था स्पष्ट की है, ताकि पात्र स्थानीय युवाओं को पुलिस भर्ती में अवसर मिल सके।
यदि आरक्षित पदों पर योग्य स्थानीय उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होते और पद खाली रह जाते हैं, तो नियमानुसार इन पदों को पंजाब या हरियाणा के वास्तविक निवासी पात्र पूर्व अग्निवीरों से भरा जा सकेगा।
इस प्रावधान के तहत दूसरे राज्यों के उम्मीदवारों को लाभ तभी मिल सकेगा, जब निर्धारित शर्तों के अनुसार स्थानीय स्तर पर पात्र उम्मीदवार उपलब्ध न हों और पद रिक्त रह जाएं। इसके लिए संबंधित उम्मीदवारों को अपने निवास और पात्रता से जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
प्रशासन की ओर से निर्धारित यह व्यवस्था भर्ती में स्थानीय उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने के साथ-साथ रिक्त पदों को पात्र पूर्व अग्निवीरों के माध्यम से भरने का अवसर भी उपलब्ध कराती है।
निर्धारित सेवा पूरी करना और डिस्चार्ज प्रमाणपत्र जरूरी
अधिसूचना के अनुसार, रियायतों का लाभ लेने के लिए उम्मीदवार का अग्निवीर के रूप में निर्धारित सेवा अवधि सफलतापूर्वक पूरी करना जरूरी होगा। इसके साथ ही सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी वैध डिस्चार्ज प्रमाणपत्र या सेवा प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
दस्तावेजों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उम्मीदवार ने अग्निवीर योजना के तहत निर्धारित सेवा पूरी की है और वह अधिसूचना के अंतर्गत मिलने वाली रियायतों के लिए पात्र है।
उम्मीदवारों का चरित्र एवं पृष्ठभूमि सत्यापन भी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, चिकित्सा परीक्षण की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इस तरह लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट मिलने के बावजूद उम्मीदवारों को निर्धारित सत्यापन और चिकित्सा संबंधी शर्तें पूरी करनी होंगी।
चरित्र सत्यापन और मेडिकल जांच भर्ती प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेंगे। इनका उद्देश्य उम्मीदवार की पात्रता तथा पुलिस सेवा के लिए आवश्यक मानकों की पुष्टि करना है।
शैक्षणिक योग्यता के लिए मैट्रिक या समकक्ष प्रमाणपत्र मान्य
भर्ती में शैक्षणिक योग्यता के संबंध में भी अधिसूचना में प्रावधान स्पष्ट किए गए हैं। उम्मीदवार के पास न्यूनतम मैट्रिक या उसके समकक्ष शैक्षणिक प्रमाणपत्र होना चाहिए।
इसके अलावा, सेना, नौसेना या वायुसेना की ओर से जारी 10+2 अथवा मैट्रिक के समकक्ष शैक्षणिक योग्यता के प्रमाणपत्र को भी स्वीकार किया जाएगा। इससे सैन्य सेवा के दौरान प्राप्त मान्य शैक्षणिक प्रमाणपत्र रखने वाले पात्र उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया में सुविधा मिलेगी।
उम्मीदवारों को आवेदन करते समय अपनी शैक्षणिक योग्यता और सैन्य सेवा से जुड़े प्रमाणपत्र तैयार रखने होंगे। संबंधित दस्तावेजों की जांच भर्ती के नियमों और अधिसूचना में निर्धारित शर्तों के अनुसार की जाएगी।
क्षैतिज आरक्षण के तहत निर्धारित पदों पर ही लाभ
प्रशासन ने अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि पूर्व अग्निवीरों को दी जाने वाली रियायतें उनके लिए लागू क्षैतिज आरक्षण नीति के तहत निर्धारित पदों पर ही मिलेंगी। इसका अर्थ है कि अधिसूचना में दी गई छूट के आधार पर किसी उम्मीदवार को नियुक्ति का स्वतः अधिकार नहीं मिल जाएगा।
भर्ती में उपलब्ध रिक्तियों, आरक्षण नीति और अन्य लागू नियमों के प्रावधानों का पालन करना होगा। उम्मीदवारों को निर्धारित पात्रता पूरी करने के साथ संबंधित पदों के लिए लागू शर्तों के अधीन ही चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
क्षैतिज आरक्षण के तहत निर्धारित पदों पर पात्र पूर्व अग्निवीरों को अवसर मिलेगा, लेकिन पदों की संख्या और अन्य भर्ती संबंधी नियमों के अनुसार ही नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसलिए आयु सीमा, परीक्षा और अन्य शर्तों में राहत को सीधे नियुक्ति की गारंटी नहीं माना जा सकता।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत जारी हुआ आदेश
चंडीगढ़ प्रशासन ने यह आदेश केंद्रीय गृह मंत्रालय के 22 अगस्त 2026 के पत्र के अनुपालन में जारी किया है। अधिसूचना चंडीगढ़ पुलिस भर्ती नियम, 2023 के नियम 12 के तहत जारी की गई है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पूर्व अग्निवीरों के लिए निर्धारित विशेष रियायतों के अलावा भर्ती के अन्य नियम पहले की तरह लागू रहेंगे। यानी उम्मीदवारों को संबंधित पद के लिए लागू शेष पात्रता शर्तों और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
अधिसूचना गृह सचिव मंदीप सिंह बराड़ ने प्रशासक की ओर से जारी की है। 8 अक्टूबर को जारी आदेश को 9 अक्टूबर को प्रशासन के राजपत्र में प्रकाशित किया गया और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया।
इस फैसले से चंडीगढ़ पुलिस में कॉन्स्टेबल (कार्यकारी) भर्ती के लिए पात्र पूर्व अग्निवीरों को आयु सीमा, लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और कुछ अन्य शर्तों में राहत मिलेगी। साथ ही, स्थानीय उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने, सैन्य सेवा के प्रमाणपत्रों की जांच और क्षैतिज आरक्षण के तहत निर्धारित पदों पर ही लाभ देने की शर्तें भी लागू रहेंगी।



