एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की विजयी हुंकार, बांग्लादेश के खिलाफ 13 गोल से दर्ज की एकतरफा जीत

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की विजयी हुंकार, बांग्लादेश के खिलाफ 13 गोल से दर्ज की एकतरफा जीत

भारतीय हॉकी टीम ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 में अपने अभियान का आगाज शानदार अंदाज में किया। जालंधर में खेले गए टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में टीम इंडिया ने बांग्लादेश को 13-0 से हराकर अपनी ताकत का परिचय दिया। घरेलू दर्शकों के सामने भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे 60 मिनट तक आक्रामक खेल दिखाया और विरोधी टीम को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किए, जबकि मनदीप सिंह ने हैट्रिक लगाकर जीत में अहम भूमिका निभाई। भारत की ओर से अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल दागे और टीम ने शुरुआत से लेकर आखिरी सीटी बजने तक अपना दबदबा बनाए रखा।

मंगलवार, 27 अक्टूबर को जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में भारत ने पहले ही क्वार्टर से बांग्लादेश पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। मेजबान टीम ने तेज पासिंग, बेहतर तालमेल और लगातार आक्रमण के जरिए प्रतिद्वंद्वी के डिफेंस को संभलने का अवसर नहीं दिया। मैच आगे बढ़ने के साथ भारत की बढ़त लगातार बढ़ती गई। पहले दो क्वार्टर में छह गोल करने के बाद भारतीय टीम ने तीसरे क्वार्टर में तीन और अंतिम क्वार्टर में चार गोल किए। इस तरह मुकाबले का अंत 13-0 के बड़े अंतर से हुआ।

पहले क्वार्टर में ही भारत ने बना ली चार गोल की बढ़त

भारतीय टीम ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। मैच के दूसरे मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गोल करके भारत का खाता खोला। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और बढ़ गया। बांग्लादेश की टीम अभी पहले गोल से उबर भी नहीं पाई थी कि मनदीप सिंह ने तीसरे मिनट में गेंद को गोलपोस्ट तक पहुंचा दिया। लगातार दो मिनट के भीतर मिले इन गोलों ने मुकाबले की दिशा तय करने के संकेत दे दिए थे।

भारत ने यहीं रुकने के बजाय अपने हमले जारी रखे। मनदीप सिंह ने 10वें मिनट में एक और गोल करके स्कोर 3-0 कर दिया। उनका यह दूसरा गोल था और बांग्लादेश की टीम के सामने भारतीय आक्रमण को रोकने की चुनौती लगातार बढ़ रही थी। भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर तेजी से मूवमेंट किया और गोल करने के लिए लगातार मौके बनाए।

पहले क्वार्टर के अंतिम चरण में शिलानंद लकड़ा ने 15वें मिनट में गोल करके भारत की बढ़त को 4-0 तक पहुंचा दिया। शुरुआती 15 मिनट में चार गोल करना भारतीय टीम के आक्रामक प्रदर्शन को दर्शाता है। वहीं, बांग्लादेश की टीम इस दौरान भारतीय गोलकीपर को खास चुनौती नहीं दे सकी। पहले क्वार्टर के खत्म होने तक मुकाबले में भारत पूरी तरह आगे था।

दूसरे क्वार्टर में अभिषेक और नीलकंठ ने बढ़ाया अंतर

दूसरे क्वार्टर में भी भारतीय खिलाड़ियों ने गोल करने का सिलसिला जारी रखा। बांग्लादेश की टीम ने भारतीय हमलों को रोकने और अपने डिफेंस को मजबूत करने की कोशिश की, लेकिन मेजबान टीम के खिलाड़ियों ने उसे वापसी का अवसर नहीं दिया। मैच के 18वें मिनट में अभिषेक ने गोल करके भारत के खाते में पांचवां गोल जोड़ दिया।

इस गोल के बाद बांग्लादेश पर दबाव और बढ़ गया। भारतीय टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखते हुए अपने आक्रमण को लगातार आगे बढ़ाया। विरोधी टीम के लिए चुनौती केवल गोल होने से रोकना नहीं थी, बल्कि भारत की बढ़त कम करने के लिए खुद भी गोल करने जरूरी थे। हालांकि, दूसरे क्वार्टर में भी बांग्लादेश को सफलता नहीं मिली।

भारत की ओर से नीलकंठ शर्मा ने 26वें मिनट में गोल करके स्कोर 6-0 कर दिया। इस गोल के साथ ही दूसरे क्वार्टर का खेल समाप्त होने तक भारतीय टीम छह गोल की बढ़त बना चुकी थी। शुरुआती 30 मिनट में भारत ने अपने आक्रमण और डिफेंस, दोनों में बेहतर प्रदर्शन किया। एक तरफ भारतीय खिलाड़ी लगातार गोल कर रहे थे, तो दूसरी तरफ बांग्लादेश की टीम का खाता अब तक नहीं खुला था।

हाफ टाइम के बाद मुकाबले में वापसी करने के लिए बांग्लादेश को अपने खेल में काफी सुधार की जरूरत थी। उसे भारतीय आक्रमण को रोकने के साथ-साथ गोल करने के अवसर भी तलाशने थे। लेकिन मैच की अब तक की स्थिति ने स्पष्ट कर दिया था कि भारत इस मुकाबले को अपने नियंत्रण में रखे हुए है।

तीसरे क्वार्टर में आखिरी मिनटों में दागे तीन गोल

तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में बांग्लादेश ने भारतीय टीम को गोल करने से रोकने में कुछ हद तक सफलता हासिल की। इस क्वार्टर के शुरुआती हिस्से में दोनों में से कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। भारत की ओर से लगातार गोल होने का सिलसिला कुछ समय के लिए थमा, लेकिन इससे मैच पर भारतीय टीम की पकड़ कमजोर नहीं हुई।

क्वार्टर के अंतिम हिस्से में भारतीय खिलाड़ियों ने एक बार फिर तेजी दिखाई। 43वें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने गोल करके भारत की बढ़त को 7-0 कर दिया। इस गोल के तुरंत बाद भारतीय टीम ने फिर आक्रमण किया और दिलप्रीत सिंह ने 44वें मिनट में अपना दूसरा गोल दाग दिया। लगातार दो गोल होने से बांग्लादेश की मुश्किलें और बढ़ गईं।

इसी दौरान कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी अपना दूसरा गोल किया। 44वें मिनट में हुए इस गोल के साथ भारत का स्कोर 9-0 हो गया। तीसरे क्वार्टर के अंतिम कुछ मिनटों में भारत ने तीन गोल करके अपनी बढ़त को नौ गोल तक पहुंचा दिया। मैच के इस चरण में भारतीय टीम ने दिखाया कि विरोधी टीम के डिफेंस के कुछ समय तक टिके रहने के बावजूद वह सही मौके मिलने पर तेजी से गोल कर सकती है।

तीन क्वार्टर पूरे होने तक भारत के नौ गोल हो चुके थे, जबकि बांग्लादेश की टीम अभी भी गोल करने में नाकाम रही। अब मुकाबले के अंतिम 15 मिनट बाकी थे और भारतीय टीम के पास अपनी बढ़त को और बड़ा करने का अवसर था।

अंतिम क्वार्टर में चार गोल, 13-0 पर खत्म हुआ मुकाबला

चौथे क्वार्टर में भी भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल जारी रखा। नौ गोल की बढ़त मिलने के बावजूद टीम ने अपने हमले कम नहीं किए। 46वें मिनट में जुगराज सिंह ने गोल करके भारत के स्कोर को दो अंकों में पहुंचा दिया। इस गोल के बाद भारतीय टीम की बढ़त 10-0 हो गई।

इसके बाद मनदीप सिंह ने एक बार फिर अपनी गोल करने की क्षमता का प्रदर्शन किया। मैच के 54वें मिनट में उन्होंने अपना तीसरा गोल दागा और इसी के साथ अपनी हैट्रिक पूरी कर ली। किसी एक मुकाबले में तीन गोल करना उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। मनदीप के इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

मनदीप की हैट्रिक के बाद भारत का स्कोर 11-0 हो गया था। मुकाबले के अंतिम मिनट में हार्दिक सिंह ने दो गोल करके भारत की बढ़त को और बड़ा कर दिया। उपलब्ध मैच विवरण के अनुसार, उन्होंने 60वें मिनट में ये गोल किए। अंतिम क्वार्टर में भारत ने कुल चार गोल दागे और मुकाबला 13-0 से अपने नाम कर लिया।

पूरे मैच के दौरान बांग्लादेश की टीम भारत के खिलाफ एक भी गोल नहीं कर सकी। भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रमण में प्रभावशाली प्रदर्शन किया और डिफेंस में भी विरोधी टीम को गोल करने से रोके रखा। चारों क्वार्टर में गोलों का अंतर बढ़ता गया और भारत ने एकतरफा जीत दर्ज की।

कप्तान हरमनप्रीत और मनदीप सिंह रहे चर्चा में

इस मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत सिंह और मनदीप सिंह का प्रदर्शन खास तौर पर उल्लेखनीय रहा। हरमनप्रीत ने दूसरे मिनट में गोल करके भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई और तीसरे क्वार्टर में अपना दूसरा गोल किया। वहीं, मनदीप सिंह ने तीसरे मिनट, 10वें मिनट और 54वें मिनट में गोल करके हैट्रिक पूरी की। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार भी मिला।

इसके अलावा शिलानंद लकड़ा, अभिषेक, नीलकंठ शर्मा, दिलप्रीत सिंह, जुगराज सिंह और हार्दिक सिंह ने भी गोल किए। भारतीय टीम की ओर से कई खिलाड़ियों का स्कोरशीट में योगदान देना उसके सामूहिक प्रदर्शन को दिखाता है। भारत ने शुरुआती मिनटों से ही बांग्लादेश पर दबाव बनाया और अंतिम सीटी तक अपनी बढ़त कायम रखी।

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की दमदार शुरुआत

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के अपने पहले मुकाबले में 13-0 की जीत से भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत बड़े अंतर से की। घरेलू मैदान पर खेले गए इस मैच में टीम ने आक्रमण, पासिंग और गोल करने के मौकों का प्रभावी इस्तेमाल किया। बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम ने चारों क्वार्टर में अपना दबदबा बनाए रखा और विपक्षी टीम को कोई गोल नहीं करने दिया।

हालांकि, टूर्नामेंट का यह शुरुआती मुकाबला था और आगे के मैचों में भारतीय टीम के सामने अलग-अलग चुनौतियां होंगी। इस जीत से टीम को अभियान की शुरुआत में अच्छा परिणाम मिला है। जालंधर में खेले गए मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण भारत के 13 गोल, कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दो गोल और मनदीप सिंह की हैट्रिक रही। अब भारतीय टीम की कोशिश इस प्रदर्शन की लय को आगामी मुकाबलों में भी बनाए रखने की होगी।