भगवंत मान ने किया ‘पंजाब दा इतिहास’ का विमोचन, तीन खंडों में दर्ज प्रदेश की विरासत
समय बीतने के साथ किसी भी समाज की कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्मृतियाँ धीरे-धीरे धुंधली पड़ने लगती हैं। कई घटनाएं किताबों तक सीमित रह जाती हैं, जबकि उनके पीछे छिपे सामाजिक बदलाव, लोक परंपराएं, भाषा, संस्कृति और आम लोगों का जीवन इतिहास के व्यापक विमर्श से बाहर हो जाता है। पंजाब की धरती भी ऐसे ही असंख्य प्रसंगों, परंपराओं और बदलावों की गवाह रही है। इसी समृद्ध अतीत को अलग-अलग पहलुओं के साथ सामने लाने का प्रयास तीन खंडों में प्रकाशित पुस्तक ‘पंजाब दा इतिहास’ में किया गया है। पुस्तक का विमोचन चंडीगढ़ के सेक्टर-16 स्थित पंजाब कला भवन में आयोजित…
