अब हम मिल नहीं पाएंगे…ये सुनकर ब्वॉयफ्रेंड का सुसाइड:मरने से पहले गर्लफ्रेंड की कॉल; बोली-बात करनी है, तो पापा को पैसे देने होंगे

अब हम मिल नहीं पाएंगे…ये सुनकर ब्वॉयफ्रेंड का सुसाइड:मरने से पहले गर्लफ्रेंड की कॉल; बोली-बात करनी है, तो पापा को पैसे देने होंगे ‘मेरे पिता को सब पता चला गया है, अब मैं तुमसे बात नहीं कर पाऊंगी। या तो मेरे पिता को रुपए देकर उनका मुंह बंद करना पड़ेगा’ गर्लफ्रेंड की फोन पर ये बात सुनकर रविवार को कानपुर में युवक ने सुसाइड कर लिया। परिजनों का आरोप है कि लड़की के पिता और उसने बेटे को सुसाइड करने के लिए उकसाया था। जूही थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया-मामले की तहरीर नहीं मिली है। मिलने पर जांच होगी। विस्तार से जानिए पूरा मामला… पिता बोले-पिटाई से आहत था बेटा
जूही मिलिट्री कैंप चौकी क्षेत्र निवासी मोनू (27) गाड़ी चालक थे। पिता लक्ष्मण ने बताया-मोनू मोहल्ले की एक युवती से प्रेम प्रसंग था। लड़की के पिता ने शनिवार देर शाम दोनों को मोहल्ले के एक खंडहर से पकड़ लिया था। इस दौरान लड़की के पिता ने मोनू से मारपीट की। गाली-गलौज करते हुए भगा दिया था। इसके बाद बेटी को साथ में लेकर चला गया था। इसके कुछ घंटे बाद ही शनिवार देर रात मोनू ने अपने कमरे में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। मौत से पहले मोनू के पास उसकी प्रेमिका का फोन आया था। पैसे की डिमांड कर रही थी, डिमांड पूरी नहीं होने पर बात नहीं करने की धमकी दी। इसके बाद युवक ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। युवती के चक्कर में एक लड़का पहले कर चुका सुसाइड
पिता लक्ष्मण ने बताया-यह कोई पहला मामला नहीं है, जब युवती के चक्कर में फंसकर किसी ने सुसाइड किया है। इससे पहले युवती अपनी शादी के चंद दिनों बाद ही प्रेमी के साथ जेवरात लेकर भाग निकली थी। बदनामी से आहत उसके पति ने भी फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था। पुलिस मामले को दबा रही
पिता लक्ष्मण ने बताया-बेटे के मोबाइल में प्रेमिका की लास्ट कॉल मिली है। पुलिस ने बेटे का मोबाइल जांच के लिए कब्जे में लिया है। जबकि पुलिस इस बात से इनकार कर रही है। वहीं, परिवारजनों ने थानेदार और चौकी इंचार्ज की भूमिका को संदिग्ध बताया है। आरोप है कि जूही पुलिस सुसाइड केस को दबाना चाह रही है। ————————– यह खबर भी पढ़ें सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से डरे यूपी के विधायक-सांसद, यहां सबसे ज्यादा दागी; अगर सजा हुई तो एक तिहाई सीटें खाली होंगी ‘अगर किसी सरकारी कर्मचारी को दोषी ठहराया जाता है तो वह जीवन भर के लिए नौकरी से बाहर हो जाता है। फिर दोषी व्यक्ति संसद में कैसे लौट सकता है? इस टिप्पणी के बाद अपराधी छवि और केस में फंसे विधायक और सांसद परेशान हैं। सबसे ज्यादा दागी विधायक किस पार्टी में हैं? किन मामलों में केस है? अब तक कितनों ने विधायकी गंवाई? पढ़िए पूरी स्टोरी…

अयोध्या जा रहे मां-बेटे समेत 4 श्रद्धालुओं की मौत:पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हादसा, खड़ी बस से टकराई ट्रैवलर; 6 जख्मी

अयोध्या जा रहे मां-बेटे समेत 4 श्रद्धालुओं की मौत:पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हादसा, खड़ी बस से टकराई ट्रैवलर; 6 जख्मी बाराबंकी में बस और टेंपो ट्रैवलर की टक्कर हो गई। हादसे में 4 श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई। 6 घायल हैं। हादसा रविवार सुबह 5 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर लोनी कटरा थाना क्षेत्र के फूटहा भवनियपुर गांव के पास हुआ। छत्तीसगढ़ से अयोध्या जा रही बस खराब होने के चलते हाईवे पर किनारे खड़ी थी। इसी दौरान महाराष्ट्र से अयोध्या जा रही टेंपो ट्रैवलर ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैवलर के अंदर बैठे सभी श्रद्धालु फंस गए। पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने टेंपो ट्रैवलर को गैस कटर से काटकर शवों और घायलों को निकाला। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। 3 तस्वीरें देखिए… 120 की स्पीड से टकराई ट्रैवलर
पुलिस ने बताया सभी मृतक महाराष्ट्र के हैं। मृतकों में दो महिला और दो पुरुष हैं। इनके नाम दीपक, सुनील बाडमेर, अनुसुइया और जयश्री हैं। सुनील बाडमेर और अनुसुइया मां-बेटे हैं। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैवलर बस से चिपक गई। गैस कटर मंगाकर ट्रैवलर को काटा गया। करीब दो घंटे के रेस्क्यू के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा सका।
पुलिस ने बताया कि हादसे की शुरुआती वजह ओवर स्पीड है। ट्रैवलर की स्पीड 120 के करीब थी। पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। हादसा कैसे हुआ इसकी जांच की जा रही है। ये खबर भी पढ़ेंः- श्रद्धालु को हार्ट अटैक, पुलिसकर्मी ने बचाई जान, VIDEO:वाराणसी रेलवे स्टेशन पर खड़े-खड़े अचानक गिरा, CPR देकर होश में लाया वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर एक श्रद्धालु को हार्ट अटैक आ गया। वह खड़े-खड़े अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। दोस्त ने चिल्लाकर लोगों से मदद मांगी, लेकिन किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था। इतने में GRP जवान दौड़ते हुए पहुंचे। एक ने श्रद्धालु को CPR दिया। दूसरे ने जूते उतारकर उसके पैर को रगड़ा। इसके बाद 7 से 8 मिनट में श्रद्धालु को होश आया। रेलवे अस्पताल के डॉक्टरों को बुलाकर श्रद्धालु अजय की मेडिकल जांच की गई। पढ़ें पूरी खबर…

काशी-अयोध्या में 25 लाख श्रद्धालु:गंगा आरती 26 फरवरी तक नहीं होगी, शाम 6 बजे के बाद नाव नहीं चलेंगी; अयोध्या में 10km पैदल चल रहे

काशी-अयोध्या में 25 लाख श्रद्धालु:गंगा आरती 26 फरवरी तक नहीं होगी, शाम 6 बजे के बाद नाव नहीं चलेंगी; अयोध्या में 10km पैदल चल रहे काशी और अयोध्या में वीकेंड पर करीब 25 लाख श्रद्धालु मौजूद हैं। अयोध्या में श्रद्धालुओं को करीब 10km तक पैदल चलना पड़ रहा है। पुलिस बॉर्डर पर ही गाड़ियों को पार्क करवा रही है। बिहार, महाराष्ट्र ,पंजाब, तेलंगाना और दक्षिण भारत से पहुंचे श्रद्धालु गलियों में भटकने को मजबूर हैं। वहीं, काशी में रविवार को 20 लाख लोगों की मौजूदगी बताई जा रही है। घाटों पर सीमित क्षमता होने की वजह से शाम 6 बजे के बाद नाव चलाने पर रोक लगा दी गई है। गंगा आरती को भी 26 फरवरी तक रोक दिया गया है। सिक्योरिटी कारणों से लोगों को जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाकर रोका जा रहा है। काशी विश्वनाथ में भोर 2.45 बजे पट खोलने के बाद पुजारियों ने विधि विधान से बाबा का अभिषेक किया। भव्य मंगला आरती के बीच हर हर महादेव की जयघोष गूंजता रहा। अयोध्या में रामलला भी सुबह 6 बजे से भक्तों को दर्शन देने लगे हैं। वही हनुमानगढ़ी के बाहर भी करीब 2km लंबी लाइन लग चुकी है। अयोध्या और काशी में वीकेंड पर भीड़ और दर्शन-पूजन की व्यवस्थाएं जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

यूपी की बड़ी खबरें:उन्नाव में तिलक समारोह में हर्ष फायरिंग के दौरान युवक की मौत; ज्यादा खून बहने से गई जान

यूपी की बड़ी खबरें:उन्नाव में तिलक समारोह में हर्ष फायरिंग के दौरान युवक की मौत; ज्यादा खून बहने से गई जान उन्नाव के गंगाघाट थाना क्षेत्र में तिलक समारोह में हर्ष फायरिंग के दौरान एक युवक की मौत हो गई।राजवाखेड़ा गांव में सुनील कुमार निषाद का तिलकोत्सव था। रात करीब 9 बजे जीतू (26) नाम के शख्स ने खुशी में फायरिंग की। इस दौरान गोली पीपरखेड़ा डेरावाला निवासी रवि (25) को लग गई, जिसे कानपुर के काशीराम हॉस्पिटल ले जाया गया। ज्यादा खून बहने से उसकी जान चली गई। पढ़ें पूरी खबर कानपुर में गर्लफ्रेंड बोली- पापा अब मिलने नहीं देंगे, बॉयफ्रेंड ने जान दे दी; एक दिन पहले की थी पिटाई ‘मेरे पिता को सब पता चला गया है, अब मैं तुमसे बात नहीं कर पाऊंगी। या तो मेरे पिता को रुपए देकर उनका मुंह बंद करना पड़ेगा’ गर्लफ्रेंड की फोन पर ये बात सुनकर रविवार को कानपुर में युवक ने सुसाइड कर लिया। परिजनों का आरोप है कि लड़की के पिता और उसने बेटे को सुसाइड करने के लिए उकसाया था। जूही थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया-मामले की तहरीर नहीं मिली है। मिलने पर जांच होगी। पढ़ें पूरी खबर सहारनपुर में दूल्हे ने दहेज में मिले सात लाख लौटाए: बोला-दुल्हन ही दहेज सहारनपुर में एक युवक ने शादी के दौरान दहेज में मिले सात लाख रुपए लौटा दिए। उसने कहा-दुल्हन ही दहेज है। लोगों को जब दूल्हे के बारें में पता चला तो इलाके में चर्चा शुरू हो गई। रविवार को कस्बा बड़गांव में हरियाणा के जिला करनाल के गांव कैरवाली निवासी बिजेंद्र सिंह के बेटे अजय राणा की बारात आई हुई थी। यहां दीपक पुंडीर की बेटी वंशिका पुंडीर से शादी के दौरान टीका प्रथा के लिए जब दुल्हन पक्ष सात लाख रुपए लेकर दूल्हे के पास पहुंचे तो उसने थाली में से सिर्फ एक रुपए नारियल शगुन के तौर पर स्वीकार करते हुए थाली उठाकर शगुन की सारी राशि हाथ जोड़कर ससम्मान लौटा दी। यहां पढ़ें पूरी खबर आचार्य प्रमोद कृष्णम बोले- आतंकवादियों का साथ देना सपा का चरित्र संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के मोहल्ला में रहने वाले आतंकवादी मोहम्मद उस्मान को पाकिस्तान में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने सपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा- शफीकुर्रहमान बर्क की रिश्तेदारी आतंकवादियों से नहीं होगी तो किससे होगी। डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क तो खुलेआम तालिबान के सपोर्ट में थे। अब वह नहीं हैं मरहूम हो गए। उनके स्टेटमेंट जग जाहिर हैं। आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने सपा को घेरते हुए कहा कि आतंकवादियों से रिश्तेदारी होना, आतंकवादियों का साथ देना, आतंकवादियों की हिमायत करना यह तो सपा का चरित्र है। आपको बता दें कि पाकिस्तान की लाहौर सेंट्रल जेल में उस्मान बंद है। 16 दिसंबर 2024 को पाकिस्तान पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। पढ़ें पूरी खबर… दो प्रेमियों ने मिलकर महिला की हत्या की; शाहजहांपुर में तीसरे प्रेमी से बात करने से नाराज थे शाहजहांपुर में महिला की हत्या का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने आरोपी भतीजे आशीष को गिरफ्तार कर लिया है। घटना शुक्रवार रात की है। जहां मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र के कटैया गांव में रहने वाली महिला की उसके ही रिश्ते के भतीजे ने हत्या कर दी। आरोपी ने पहले महिला से जबरदस्ती करने की कोशिश की, जब उसने विरोध किया तो एल्युमिनियम की फंटी से सिर पर वार कर बेहोश कर दिया और फिर गला घोंटकर जान ले ली। पढ़ें पूरी खबर… लाहौर जेल में बंद उस्मान के भाई से पूछताछ, बोला- 12 साल से हम नहीं मिले; दिल्ली में पढ़ने के बाद वो चला गया था संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के मोहल्ला दीपा सराय निवासी मोहम्मद उस्मान पाकिस्तान की लाहौर सेंट्रल जेल में बंद है। आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के चलते पाकिस्तान पुलिस ने उसे 16 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार किया है। संभल में उसका परिवार रहता है लेकिन पिछले 12 साल से उस्मान के बारे में परिवार के किसी सदस्य को कोई जानकारी नहीं है। हालांकि पुलिस उस्मान की पूरी कुंडली खंगाल रही है। वो कब-कब संभल आया और किस-किस से मिला या वर्तमान में वह किसके संपर्क में था। संभल पुलिस को गृह एवं विदेश मंत्रालय और उत्तर प्रदेश शासन का पत्र मिला है। यहां पढ़ें पूरी खबर कानपुर में सगाई के 2 दिन बाद युवती ने ट्रेन के आगे सिर रखकर दी जान, अप्रैल में होनी थी शादी कानपुर में गोदभराई के 2 दिन बाद युवती ने ट्रेन के सामने रेलवे ट्रैक पर सिर रखकर जान दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि घटना से कुछ देर पहले युवती से मिलने एक युवक आया था। सूचना पर परिजन मॉर्च्युरी पहुंचे और शिनाख्त की। परिजनों ने बताया कि अभी बेटी की गोदभराई हुई थी और अप्रैल में उसकी शादी होनी थी। पढ़िए पूरी खबर लखनऊ में बाइक डिवाइडर से टकराई..2 दोस्तों की मौत; लोहे की रेलिंग तक उखड़ी लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में शनिवार देर रात रोड एक्सीडेंट में दो दोस्तों की मौत हो गई। तेज रफ्तार बाइक बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर की वजह से डिवाइडर पर लगी रेलिंग तक उखड़ गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजन बिना पोस्टमॉर्टम शव ले जाने की जिद पर अड़ गए। मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर ने समझा बुझाकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। पढ़िए पूरी खबर संभल में पारिवारिक विवाद में महिला ने किया सुसाइड; फंदे पर लटकता मिला शव, मायके वाले बोले- हत्या की गई संभल में महिला ने फांसी के फंदे पर लटककर सुसाइड कर लिया। सवा साल के बेटे के रोने की आवाज सुनकर परिजनों ने गेट तोड़कर देखा तो महिला फांसी के फंदे पर लटक रही थी। मृतका के मायके पक्ष के लोग भी पहुंच गए उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने कहा- मेरी बेटी की हत्या की गई। पढ़िए पूरी खबर गाजियाबाद में MR को बंधक बनाकर पीटा; सिहानीगेट में 5 घंटे तक बंधक बनाकर रखा, पुलिस को दिखाए चोटों के निशान गाजियाबाद में एक दवा कंपनी के एमआर को 5 घंटे तक बंधक बनाकर यातनाएं दीं। जहां शरीर पर गहरी चोट पहुंची है। वहीं कान का एक पर्दा भी फट गया। पीड़ित का कहना है कि मुझ पर एक मेडिकल स्टोर मालिक और उसके साथियों ने चोरी में शामिल होने का आरोप लगाया। पीड़ित व्यक्ति ने पुलिस कमिश्नर गाजियाबाद से भी शिकायत की है। पढ़िए पूरी खबर

500 करोड़ रुपए की बेनामी प्रॉपर्टी मिली:SNK पान मसाला पर IT रेड की मंत्रालय कर रहा निगरानी; मॉल, होटल में खपाई काली कमाई

500 करोड़ रुपए की बेनामी प्रॉपर्टी मिली:SNK पान मसाला पर IT रेड की मंत्रालय कर रहा निगरानी; मॉल, होटल में खपाई काली कमाई कानपुर समेत देश के 47 ठिकानों पर SNK पान मसाला समूह पर IT रेड 5वें दिन भी जारी है। यह रेड 12 फरवरी से चल रही है। छापेमारी में करीब 300 से ज्यादा IT अफसर लगे हैं। पूरे रेड की निगरानी सीधे वित्त मंत्रालय से की जा रही है। दिल्ली में बैठे अधिकारी हर घंटे अपडेट ले रहे हैं। SNK पान मसाला समूह और करीबियों के ठिकानों पर आयकर की छापेमारी के दौरान बड़े खुलासे हो रहे हैं। छापेमारी में अभी तक 500 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्तियां हाथ लगी हैं। समूह ने पान मसाला कारोबार की काली कमाई का बड़ा हिस्सा होटल, रिसॉर्ट और मॉल निर्माण में लगाया है। नेपाल में गत्ता कारोबारी भी रडार पर
छापेमारी में नेपाल के गत्ते का बड़ा कारोबारी भी सामने आया है। एसएनके ग्रुप की ओर से बड़े पैमाने पर नेपाल से गत्ते और कारोबार से जुड़ा अन्य माल मंगाया गया है। इसकी जांच को लेकर अलग टीम लगाई गई है। नौकर तक हैं करोड़ों के मालिक
पान मसाला समूह के मालिक नवीन कुरेले ने नौकरों तक के नाम पर करोड़ों रुपए का कारोबार किया है और उनके नाम संपत्तियां भी खरीदी हैं। उनके पास कानपुर ही नहीं बल्कि नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली, मुंबई में भी अच्छी-खासी संपत्तियां हैं। 7 जगह खत्म हुई रेड, 13 जगह जारी
4 दिन से जारी छापेमारी में अब तक 500 करोड़ की बेनामी संपत्ति उजागर हुई है। हालांकि आयकर विभाग ने अपनी कार्रवाई 45 से 23 ठिकानों तक समेट दी है। कानपुर में 20 में सिर्फ 13 जगह टीमें जांच कर रही हैं। इनमें 7 जगह रेड खत्म हो गई है। कई करीबियों पर आयकर की निगाहें टेढ़ी
आयकर छापों की जद में एसएनके समूह से जुड़े तमाम करीबी भी आए हैं। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे इनका भी खेल सामने आता गया। आयकर सूत्रों की मानें तो छापे से पहले तमाम गड़बड़ियों का इनपुट सही साबित हुआ। कई करीबी भी आयकर विभाग के रडार पर हैं। समूह के चेयरमैन ने जताई नाराजगी
सूत्रों के अनुसार, समूह के चेयरमैन नवीन कुरेले के आवास पर छापेमारी के दौरान कुछ लोगों की नाराजगी सामने आ गई। किसी ने त्योहार के पहले ही छापा मारने की बात कह दी। यह आयकर अधिकारियों को नागवार लगी और वह उखड़ भी गए। इस पर परिजनों ने कहा कि दिवाली के पहले डीजीजीआई और अब होली के पहले आयकर विभाग कार्रवाई करने आ गया। फोरेंसिक एक्सपर्ट ने डाटा किया रिकवर
दिल्ली, मुंबई से आए फॉरेंसिंक एक्सपर्ट ने ठिकानों से मिले कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को खंगाला है। सूत्रों के अनुसार, कई अहम डेटा डिवाइस से डिलीट भी मिले हैं। इनको रिकवरी करने में एक्सपर्ट को पसीना छूटा रहा है। बताया जा रहा है कि काली कमाई के बड़े राज डिलीट डाटा में है। छापेमारी से पहले इनको डिलीट कर दिया गया। कन्नौज में 15 किलो सोना बरामद हुआ
कन्नौज में इत्र कारोबारी के यहां 15 किलो सोना और करीब 22 करोड़ रुपए कैश भी मिला है। सुपाड़ी कारोबारी ने मुनाफा कमाया पर जमकर टैक्स भी चुराया। वहीं, मुंबई व नोएडा में एक नजदीकी रिश्तेदार ने भी अरबों की संपत्ति कुछ सालों में ही खड़ी कर दी। एक गत्ता कारोबारी की संपत्ति नेपाल व देश के दूसरे शहरों में होने के साक्ष्य मिले हैं। जीएसटी की भी पड़ चुकी है रेड
18 अक्टूबर 2024 को समूह व इनके सहयोगियों के ठिकानों पर सीजीएसटी-डीजीजीआई ने 11 प्रतिष्ठानों पर छापा मारा था। 45 घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान करोड़ों की टैक्स चोरी, दस्तावेजों में बड़ी गड़बड़ी के कई राज खुले थे। उस वक्त 55 लाख रुपए बरामदगी के साथ 60 करोड़ से अधिक की चोरी का अनुमान था। तीसरी कार्रवाई आयकर विभाग ने की है।
……………… ये खबर भी पढ़ें… ब्रजवासी बोले- प्रेमानंद महाराज नहीं, शोर-शराबे का विरोध:धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जोशीले सनातनी, संभलकर बयान दें वृंदावन में विरोध के चलते संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा स्थगित हो गई। अब वह कार से आश्रम जाते हैं। विरोध करने वालों के खिलाफ कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री का बयान सामने आया। उन्होंने कहा- देवियों साधु के भजन में रोक लगाओगी, तुम इंसान तो हो ही नहीं सकती। ऐसे लोगों को वृंदावन छोड़कर दिल्ली चले जाना चाहिए। पढ़िए पूरी खबर

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से डरे यूपी के विधायक-सांसद:यहां सबसे ज्यादा दागी; अगर सबको सजा हुई तो एक तिहाई सीटें खाली होंगी

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से डरे यूपी के विधायक-सांसद:यहां सबसे ज्यादा दागी; अगर सबको सजा हुई तो एक तिहाई सीटें खाली होंगी ‘अगर किसी सरकारी कर्मचारी को दोषी ठहराया जाता है तो वह जीवन भर के लिए नौकरी से बाहर हो जाता है। फिर दोषी व्यक्ति संसद में कैसे लौट सकता है? कानून तोड़ने वाले, कानून बनाने का काम कैसे कर सकते हैं?’ सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी दोषी सांसदों और विधायकों के चुनाव लड़ने पर हमेशा के लिए बैन लगाने की याचिका की सुनवाई के दौरान की। याचिका में कोर्ट से विधायक और सांसदों के केसों की सुनवाई में जल्द करने की भी मांग की गई है। इस टिप्पणी के बाद अपराधी छवि और केस में फंसे विधायक और सांसद परेशान हैं। सबसे ज्यादा दागी विधायक किस पार्टी में हैं? किन मामलों में केस है? अब तक कितनों ने विधायकी गंवाई? इस बार संडे बिग स्टोरी में पढ़िए पूरी स्टोरी… ग्राफिक्स: प्रदीप तिवारी ———————— ये खबर भी पढ़ें… महाकुंभ में लगी आग की तस्वीरें, नोटों से भरे बैग और पंडाल जला, भीड़ में फायर ब्रिगेड को पहुंचने में हुई दिक्कत महाकुंभ में शनिवार को फिर आग लगी है। एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंच गई। मेले में जबरदस्त भीड़ के चलते गाड़ियों को मौके पर पहुंचने में दिक्कत हुई। कई टेंट जल गए। नोटों से भरा बैग निकालने वाले एक बाबा ने बताया- नोटों के 3 बैग थे। इसमें 2 बैग मिले नहीं हैं, जिनके जलने की आशंका है। तीसरे बैग के कुछ नोट भी जल गए हैं। पढ़ें पूरी खबर

महाकुंभ- संडे की छुट्टी पर जबरदस्त भीड़:शहर के बाहर गाड़ी पार्क कर पैदल जाना पड़ रहा, संगम स्टेशन बंद; आज योगी आएंगे

महाकुंभ- संडे की छुट्टी पर जबरदस्त भीड़:शहर के बाहर गाड़ी पार्क कर पैदल जाना पड़ रहा, संगम स्टेशन बंद; आज योगी आएंगे महाकुंभ में आज रविवार की छुट्टी होने के चलते भीड़ बढ़ गई है। परिवार के साथ बड़ी संख्या में लोग आए हैं। प्रशासन ने मेला क्षेत्र में वाहनों की एंट्री रोक दी है। साथ ही सभी तरह के पास भी रद्द कर दिए हैं। संगम रेलवे स्टेशन भी बंद रखा गया है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहन भी संगम से 10-12 किमी पहले बनाई गई पार्किंग में रोके जा रहे हैं। पार्किंग और स्टेशन से पैदल ही संगम तक जाना पड़ रहा है। सीएम योगी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल आज महाकुंभ आएंगे। सेक्टर-25 में ‘जलवायु सम्मेलन’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। स्वर्वेद महामंदिर ट्रस्ट (सदाफल आश्रम) जाएंगे। सेक्टर- 21 स्थित प्रदीप मिश्रा की कथा में शामिल होंगे। महाकुंभ मेले के सेक्टर- 18 और 19 के बीच शनिवार शाम 6 बजे भीषण आग लग गई। श्रीरामचरित मानस सेवा प्रवचन मंडल के शिविर के पंडाल जल गए। आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। महाकुंभ में अब तक 51 करोड़ से ज्यादा ने स्नान किया आज महाकुंभ का 35वां दिन है। 13 जनवरी से अब तक 51.47 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। इतिहास में यह सबसे बड़ा आयोजन रिकॉर्ड किया गया। महाकुंभ के अभी 10 दिन और बचे हैं। 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के साथ महाकुंभ का समापन होगा। आज से शुरू हो रहा इंटरनेशनल बर्ड फेस्टिवल महाकुंभ में आज से इंटरनेशनल बर्ड फेस्टिवल शुरू हो रहा है। यह 18 फरवरी तक चलेगा। इसमें करीब 200 प्रजातियों के पक्षियों का महाकुंभ भी होगा। इसमें लुप्तप्राय इंडियन स्कीमर, फ्लेमिंगो और साइबेरियन क्रेन आदि का दीदार कर सकेंगे। यहां साइबेरिया, मंगोलिया, अफगानिस्तान समेत 10 से अधिक देशों से साइबेरियन पक्षी का भी दीदार होगा। फेस्टिवल के दौरान फोटोग्राफी, पेंटिंग, स्लोगन लेखन, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी समेत अनेक प्रतियोगिताएं होंगी। इनके विजेताओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय बर्ड फेस्टिवल भारतीय संस्कृति, प्रकृति प्रेम और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का अनूठा मिश्रण होगा। स्टेशनों से संगम कितनी दूर, जानिए महाकुंभ से पहले गाड़ी यहां पार्क करनी होगी 10 किमी पैदल चलना पड़ेगा, VVIP पास रद्द
बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहन भी संगम से 10-12 किमी पहले बनाई गई पार्किंग में रोके जा रहे हैं। यहां से शटल बस की व्यवस्था की गई है। आगे के रास्ते पैदल चल रहे श्रद्धालुओं से भरे हैं। ऐसे में शटल बस अगर जा भी रही है, तो जाम में रेंग रही है। ट्रेन से जा रहे हैं, तो स्टेशन से लोगों को पैदल जाना पड़ रहा है। पार्किंग और स्टेशन से करीब 10 से 15 किमी की दूरी लोगों का पैदल तय करनी पड़ रही है। VVIP पास भी रद्द कर दिए गए हैं। पूरे शहर में आज वाहनों की एंट्री बंद महाकुंभ में भीषण जाम के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अफसरों से कड़े लहजे में कहा है- किसी भी स्थिति में जाम नहीं लगना चाहिए। ट्रैफिक प्लान बदला गया है। अब मेला क्षेत्र ही नहीं, पूरे शहर में वाहनों की एंट्री बैन है। सिर्फ प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के वाहन चलेंगे। महाकुंभ में शनिवार शाम लगी आग, नोटों से भरे बैग और पंडाल जले महाकुंभ में शनिवार को फिर आग लगी है। एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंच गई। मेले में जबरदस्त भीड़ के चलते गाड़ियों को मौके पर पहुंचने में दिक्कत हुई। घटना सेक्टर 18 और 19 की है। शाम करीब 6 बजे श्रीरामचरित मानस सत्संग प्रचार मंडल के शिविर में आग लगी। आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। नोटों से भरा बैग निकालने वाले एक बाबा ने बताया- नोटों के 3 बैग थे। इसमें 2 बैग मिले नहीं हैं, जिनके जलने की आशंका है। तीसरे बैग के कुछ नोट भी जल गए हैं। महाकुंभ में 28 दिन में आग की यह चौथी घटना है। पढ़ें पूरी खबर… एक दिन पहले क्या हुआ? शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, केरल के CM पिनाराई विजयन, गोवा सीएम प्रमोद सावंत, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने संगम में डुबकी लगाई। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पत्नी लक्ष्मी पुरी के साथ संगम पहुंचे। शनिवार को करीब 15 हजार सफाई कर्मचारियों की ओर से एक साथ घाटों की सफाई की। ऐसे में यह पहला बड़ा रिकॉर्ड कायम हुआ। इससे पहले साल 2019 में लगे कुंभ के दौरान 10 हजार सफाई कर्मियों ने सफाई की थी। पढ़ें पूरी खबर…

ब्रजवासी बोले- प्रेमानंद महाराज नहीं, शोर-शराबे का विरोध:धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की माफी स्वीकार; वह जोशीले सनातनी, संभलकर बयान दें

ब्रजवासी बोले- प्रेमानंद महाराज नहीं, शोर-शराबे का विरोध:धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की माफी स्वीकार; वह जोशीले सनातनी, संभलकर बयान दें वृंदावन में विरोध के चलते संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा स्थगित हो गई। अब वह कार से आश्रम जाते हैं। विरोध करने वालों के खिलाफ कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री का बयान सामने आया। उन्होंने कहा- देवियों साधु के भजन में रोक लगाओगी, तुम इंसान तो हो ही नहीं सकती। ऐसे लोगों को वृंदावन छोड़कर दिल्ली चले जाना चाहिए। दावा किया गया कि ब्रज के लोग अब धीरेंद्र शास्त्री से नाराज हो गए हैं। इसके बाद धीरेंद्र शास्त्री ने एक वीडियो जारी करके कहा- ब्रज के लोग हमारे प्राण हैं। हमें माफ करें। तो क्या वाकई ब्रज के लोग धीरेंद्र शास्त्री से नाराज है? क्या प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा का विरोध हो रहा है? इन सवालों के साथ दैनिक भास्कर डिजिटल ऐप की टीम ने ब्रज के लोगों से बात की। इसमें 2 बातें सामने आईं… पढ़िए क्या कहते हैं, ब्रज के लोग… पदयात्रा का नहीं, शोर-शराबे का विरोध…
ब्रजवासी पंडा सभा के अध्यक्ष श्याम गौतम ने कहा- हम लोग धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री या संत प्रेमानंद महाराज का विरोध नहीं कर रहे थे। हम लोग कुछ समस्याओं को लेकर विरोध कर रहे थे। ब्रजवासी और संत एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा- कुछ लोगों ने अफवाह उड़ा दी कि प्रेमानंद महाराज की यात्रा का विरोध हो रहा है, ये पूरी तरह से गलत है। उस पदयात्रा के साथ चल रहे बैंड-बाजा और पटाखों के शोर का विरोध था। लोग आधी रात को जयकारे लगाते हैं। हम उनका कैसे विरोध कर सकते हैं? हम तो कहते हैं कि महाराज जी कहें कि ब्रजवासी भी आएं, प्रत्येक दिन ब्रजवासियों का आह्वान करें। उनके साथ वृंदावन का ब्रजवासी हमेशा चलने को तैयार है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री युवा, वह गंभीरता से रहें
श्याम गौतम ने कहा- धीरेंद्र शास्त्री युवा और जोशीले सनातनी हैं। हिंदू धर्म की ध्वजा को आगे लेकर चल रहे हैं। कोई भी युवा हो, वह गंभीरता से रहे, अपने बुजुर्गों के बताए रास्ते पर चले। किसी भी बात की सच्चाई को जानें और तह तक पहुंचने के बाद ही बयान दें, तब अच्छा लगेगा। उन्होंने कहा- उनको माफी मांगने की जरूरत नहीं थी, लेकिन बयान से मन दुखी था। जो विरोध कर रहे थे, चाहे वह बाहर से आकर बसे हुए लोग हों। मगर हैं तो सनातनी हिंदू ही न। वह बाहर से आए विदेशी लोग नहीं हैं या मुगल शासक नहीं हैं, जो विरोध कर रहे हैं। आप सनातन बोर्ड की मांग कर रहे हो, सनातनियों को एक करने की बात कर रहे हो, इस समय ऐसी चर्चा करना तो आपस में विघटन को बढ़ावा देने जैसा है। प्रेमानंद बहुत अच्छे, मगर फॉलोअर हल्ला करते हैं…
राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ के संस्थापक चंद्र लाल शर्मा ने कहा- सभी संगठनों के साथ एक बैठक की गई। क्योंकि कहा जा रहा था कि प्रेमानंद जी का विरोध किया जा रहा है। इस पर चर्चा की गई। हम किसी यात्रा का विरोध नहीं कर रहे हैं। सुख शांति से वृंदावन में संत रहते आए हैं। जिस तरह से ध्वनि प्रदूषण से वहां के लोगों को परेशानी होती थी। तब उस शोर का विरोध किया गया। मगर धीरेंद्र शास्त्री का बयान आया कि पद यात्रा का विरोध किया था। अब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का स्पष्टीकरण भी आ गया। इसके बाद इस आंदोलन को विश्राम दे दिया गया है। वृंदावन में रात्रि के समय में संत साधना करते हैं, हल्ला गुल्ला नहीं करते, लेकिन संत प्रेमानंद महाराज के यहां उनके फॉलोअर हल्ला करते हैं। मैं कहना चाहता हूं कि संत प्रेमानंद महाराज बहुत अच्छा बोलते हैं। धीरेंद्र शास्त्री को पूरी जानकारी नहीं, इसलिए बयान दे बैठे
राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ के अध्यक्ष आनंद बल्लभ गोस्वामी ने कहा- शुक्रवार को धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से फोन पर बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि उनको बताया गया कि NRI सोसाइटी में विदेश से आकर लोग रहते हैं। ऐसा नहीं है कि इसमें ब्रजवासी ही रहते हैं। उन्होंने कहा- ऐसे में बयान नहीं देना था। इसके बाद उन्होंने स्पष्टीकरण का वीडियो बनाकर भेजा। इसमें आचार्य मृदुल कांत शास्त्री ने अहम भूमिका निभाई। संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा को लेकर जल्द प्रतिनिधि मंडल मिलेगा, आग्रह करेगा कि अगर कोई बात गलत तरीके से रखी गई है, तो उसको ठीक कर लें। संत प्रेमानंद महाराज ने तकलीफ समझी
धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने कहा- संत प्रेमानंद महाराज की रात में पदयात्रा को लेकर कुछ लोगों को तकलीफ थी। वह बात ठीक है। इसको संत प्रेमानंद महाराज ने समझा और उन्होंने उस तरह की पदयात्रा बंद कर दी। इसी बात को लेकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बयान दिया था। हालांकि उन्होंने ऐसे कोई अपशब्द नहीं बोले थे, जिसको लेकर ब्रजवासियों के सम्मान पर चोट पहुंचे। फिर भी ब्रजवासियों को बहला फुसलाया और विरोध कराया। जिसके बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपना एक बयान दिया, जिसमें कहा कि मेरा ऐसा कोई भाव ब्रजवासियों के प्रति कभी रहा है और न ही रहेगा। सौरभ गौड़ ने कहा कि ऐसे लोग जो षडयंत्र के तहत बाबा बागेश्वर वाले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को बाबा प्रेमानंद महाराज को बदनाम करने के लिए मुहिम चलाए हुए हैं। ऐसे लोगों को अपनी मुहिम बंद कर देनी चाहिए l पूरा मामला समझिए- संत प्रेमानंद महाराज की रात में होने वाली पदयात्रा के दौरान बजने वाले ढोल और आतिशबाजी का 4 फरवरी को NRI ग्रीन सोसाइटी के लोगों ने विरोध किया था। सोसाइटी की महिलाओं का कहना था कि रात 2 बजे शोर होने से हमारे बच्चे सो नहीं पाते। इससे बच्चे देरी से उठते हैं। इस वजह से उन्हें स्कूल जाने में लेट हो जाता है। इसके बाद प्रेमानंद महाराज ने पदयात्रा बंद कर दी। अब वह कार से रमणरेती जाते हैं, फिर 100 मीटर की पैदल यात्रा करके आश्रम पहुंचते हैं। अब धीरेंद्र शास्त्री का पूरा बयान पढ़िए- संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा स्थगित होने पर महाकुंभ में धीरेंद्र शास्त्री ने मीडिया से बातचीत की। कहा था- वर्तमान समय में ब्रज की विभूति के रूप में जिनकी वाणी को करोड़ों लोग सुन रहे हैं। ऐसे संत प्रेमानंद महाराज की रात्रि पदयात्रा को लेकर जिन महिलाओं ने विरोध किया। उनके बारे में एक प्रार्थना करेंगे। देवियों साधुओं के भजन में ही रोक लगाओगी तो तुम इंसान हो ही नहीं सकती। पुराने समय में हवन कुंड में राक्षसों को दिक्कत होती थी। जो प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा का विरोध कर रहा, वह शुद्ध रूप से मानव नहीं है, जिनके पेट में दर्द है, वह वृंदावन छोड़कर दिल्ली में बस जाएं। शुक्रवार को विभिन्न संगठन से जुड़े लोगों ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बयान का विरोध किया था। वृंदावन में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान का विरोध पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बयान सामने आने के बाद वृंदावन के लोग विरोध में उतर गए। शुक्रवार को राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ ने मीटिंग बुलाई। इसमें मौजूद विभिन्न संगठनों के लोगों ने धीरेंद्र शास्त्री से माफी मांगने की मांग की। विरोध बढ़ा तो धीरेंद्र शास्त्री ने दिया स्पष्टीकरण विरोध के बाद पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने आज वीडियो जारी किया। इसमें वह कह रहे हैं- मीडिया के कुछ लोगों ने मुझे बताया और दिखाया कि प्रेमानंद महाराज की, जो केली कुंज वाली पदयात्रा थी, उसका कुछ लोगों ने विरोध किया। इस बात से मन को दुख पहुंचा। मैंने कहा- जिन्हें राधे-राधे कहने में दिक्कत है, उन्हें बाहर चले जाना चाहिए। उन्हें दिल्ली या मुंबई में जाकर बस जाना चाहिए, लेकिन मुझे बताया गया कि कुछ ब्रजवासियों ने इस बात को अपने ऊपर ले लिया। जो कि मैंने कही नहीं है। उस बात को दूसरे तरीके से अपने भाव में रख लिया। मैं ब्रजवासियों को यही कहूंगा कि आप सब हमारे प्राण हैं। हमारे विचार में ब्रजवासियों के प्रति कुभाव प्रकट नहीं हो सकता है। हमारी बातों को अनर्गल प्रस्तुत करके किसी प्रकार का ऐसा कुभाव मन में मत लाएं। यही ब्रजवासियों से हम हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रहे हैं। ——————– प्रेमानंद महाराज से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… वृंदावन में जहां प्रेमानंद महाराज पदयात्रा करते थे, वहां सन्नाटा:2 हजार दुकानदारों का कारोबार चौपट; बोले- अब लोग इस तरफ आते भी नहीं वृंदावन में प्रेमानंद महाराज बीते 9 दिन से पदयात्रा पर नहीं निकल रहे हैं। श्री कृष्णम शरणम् सोसाइटी से लेकर प्रेमानंदजी के आश्रम तक 2Km लंबे रास्ते पर अब पहले वाली रौनक नहीं है। पहले यहां 50 हजार से ज्यादा लोग उनके दर्शन के लिए जिस रास्ते पर खड़े होते थे। करीब 2 हजार छोटी-छोटी दुकानें लगती थीं। प्रेमानंद महाराज की तस्वीर, धार्मिक साहित्य, फूल, कंठी-माला बेचकर लोग अपने परिवार चलाते थे। अब दुकानें भी कम हो गई हैं। पढ़ें पूरी खबर…

यूपी बजट में कृषि, MSME और व्यापार पर हो फोकस:7 एक्सपर्ट ने टॉक शो में बताया रोडमैप, किसानों की बिजली फ्री करने का सुझाव

यूपी बजट में कृषि, MSME और व्यापार पर हो फोकस:7 एक्सपर्ट ने टॉक शो में बताया रोडमैप, किसानों की बिजली फ्री करने का सुझाव 20 फरवरी को प्रदेश का बजट पेश होगा। इस बार बजट का आकार करीब 8.50 लाख करोड़ रहने का अनुमान है। बजट किसी भी सरकार की आर्थिक नीति का विश्लेषण है कि वह कितना जल्द डेवलपमेंट स्टेट बनना चाहता है। बजट इसका एक रोडमैप है। विशेषज्ञों की राय में उत्तर प्रदेश जैसे राज्य को आगे बढ़ना है तो बजट में 3 सेक्टर कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) और कैपिटल स्ट्रक्चर पर फोकस करना चाहिए। तभी हम प्रदेश की अर्थव्यवस्था को अगले दो साल में 1 ट्रिलियन डालर तक ले जा पाएंगे। सवाल है, किसी राज्य का बजट कैसे तैयार होता है? कितने महीने पहले इसकी प्रक्रिया शुरू होती है? अलग-अलग विभागों को किस आधार पर राशि आवंटित होती है? बजट से प्रदेश के किसानों, व्यापारियों, महिलाएं, युवा, उद्योगपतियों और छोटे उद्योग-धंधों से जुड़े लोगों की अपेक्षाएं क्या हैं? उनके सुझाव, जिससे बजट समावेशी और विकासोन्मुखी बन पाए। दैनिक भास्कर ने अलग-अलग क्षेत्र के 7 एक्सपर्ट से चर्चा की। पढ़िए हमारी खास पहल बजट पर टॉक शो… 4 महीने पहले बजट बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है यूपी के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन के मुताबिक, 1997-98 में वित्त सचिव रहते हुए दो बार बजट बनाने का अनुभव है। तब पहली बार विभाग के लोगों ने सीडी से बजट का एनालिसिस किया था। बजट की प्रक्रिया तीन-चार महीने पहले से शुरू हो जाती है। वित्त विभाग सबसे पहले अलग-अलग विभागों से प्रस्ताव मांगता है। प्रस्ताव देने वाले विभाग देखते हैं कि पिछले साल उनका क्या बजट था? उसमें कितना खर्च हुआ? प्रस्ताव में पिछले साल का बजट इस्टीमेट, रिवाइज इस्टीमेट और अगले साल का बजट इस्टीमेट शामिल रहता है। किसी भी बजट के लिए जरूरी होता है कि हमारे संसाधन क्या हैं? यूपी को आबादी के अनुसार केंद्र सरकार से लगभग 17 फीसदी राशि केंद्र के टैक्स पूल से मिलती है। दूसरा हमारे खुद के संसाधन क्या हैं? उसे बजट के अनुसार कैसे बढ़ाएं? पहले सेल्स टैक्स था, अब जीएसटी आ गया है। राज्य को उसका जीएसटी शेयर मिल जाता है। पिछले वित्त कमीशन की सिफारिश पर भारत सरकार ने राज्यों का टैक्स पूल 32 से बढ़ाकर 42 फीसदी कर दिया है। लेकिन, उन्होंने टैक्स पूल की राशि बढ़ाकर एक खेल कर दिया। पहले केंद्र की स्कीम को या तो खत्म कर दिया या फिर उसका अंशदान कम कर दिया। 2015-16 में इसकी वजह से यूपी को 8000 करोड़ रुपए कम मिले थे। बजट के लिए दूसरा संसाधन राज्य के टैक्सेस हैं। इससे कितना रेवन्यू मिल सकता है? दूसरे नॉन रेवन्यू वाले सेक्टर से कितना टैक्स और मिल सकता है? इसके लिए एक लक्ष्य निर्धारित किया जाता है। इसके बाद आता है कि बजट में अलग-अलग विभागों को राशि कितनी दिया जाए। तो एफएआरबीएम (फिस्कल रिस्पांसिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट) का एक्ट कहता है कि बजट बनाते समय फिजिकल डेफिसिटी 3 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इससे पता चलता है कि हम किस सीमा तक खर्च कर सकते हैं। इसके आधार पर विभागों को बजट आवंटित किया जाता है। सरकार के प्राथमिकता वाले सेक्टर का बजट बढ़ा दिया जाता है। वहीं दूसरे का सामान्य रखते हैं। प्रदेश की 46 फीसदी आबादी कृषि पर निर्भर है। ऐसे में कृषि पर फोकस बढ़ाना होगा। दूसरा एमएसएमई सेक्टर है, जो रोजगार उपलब्ध कराते हैं। इसमें कई छोटे उद्योग बंद होते जा रहे हैं। ये नॉन फार्मर सेक्टर हैं और रजिस्टर्ड भी नहीं हैं। इसकी वजह से इन्हें सरकारी योजनाओं का फायदा भी नहीं मिल रहा है। इसे बचाने के लिए सरकार को फोकस करना चाहिए। तीसरा कैपिटल स्ट्रक्चर पर फोकस करना चाहिए। बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर, पावर सेक्टर, पुल, सड़क, सिंचाई पर कितना खर्च कर रहे हैं? इस पर जितना खर्च करेंगे, उतना नया रोजगार मिलेगा। प्रदेश में आज भी सबसे ज्यादा रोजगार कृषि सेक्टर से मिल रहा है। इसके बावजूद कृषि यूपी सरकार बजट का लगभग 3 फीसदी ही खर्च करती है। किसान नेता हरनाम सिंह वर्मा के मुताबिक, किसान इस प्रदेश और देश की रीढ़ हैं। सबसे ज्यादा रोजगार कृषि में है, लेकिन दुर्भाग्य है कि इसके ही आंकड़े नहीं हैं। इस प्रदेश को खुशहाल करना है तो कृषि को बढ़ावा देना होगा। क्या कारण है कि एक दाने से 100 दाने गेहूं पैदा करने वाला किसान जान दे रहा है। लेकिन, उसके ही एक किलो गेहूं से 900 ग्राम का दलिया बनाकर बेचने वाला व्यापारी सुखी है। फर्क बस इतना है कि व्यापारी को उसकी कीमत तय करने का अधिकार है। किसान को अपनी उपज सरकार के समर्थन मूल्य पर बेचने की मजबूरी है। 1967 में 12 ग्राम सोने की कीमत 3 क्विंटल गेहूं के बराबर थी। तब 12 ग्राम का एक तोला होता था। 220 रुपए में एक तोला सोना मिल जाता था। आज क्या 3 क्विंटल गेहूं में कोई किसान एक तोला सोना खरीद सकता है? सरकार के अधीन काम करने वाले गन्ना शोध संस्थानों की रिपोर्ट है कि एक क्विंटल गन्ना पैदा करने की लागत 450 रुपए है। लेकिन, सरकार एक क्विंटल गन्ना की कीमत किसानों को 370 रुपए दे रही है। बिजली सेक्टर को बजट से क्या चाहिए
प्रदेश के 42 जिलों की बिजली को प्राइवेट सेक्टर के हाथों में देने की तैयारी है। देश में यूपी ऐसा इकलौता राज्य है, जहां अभी भी रोस्टर से बिजली दी जा रही है। कृषि को छोड़कर पूरे देश में 24 घंटे बिजली देने का कानून बन गया। लेकिन, अभी भी सबसे कम बिजली ग्रामीण क्षेत्रों को यूपी में मिल रही है। यूपी राज्य उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि पूरे देश में यूपी में सबसे कम प्रति व्यक्ति बिजली खपत 629 यूनिट है। जबकि देश में औसत प्रति व्यक्ति बिजली की खपत 1300 यूनिट है। यूपी में कम बिजली खपत के दो ही कारण हैं। पहला या तो यहां के लोगों को जरूरत से कम बिजली मिल रही है या फिर बिजली महंगी मिल रही है। सरकार प्रदेश के बिजली सेक्टर को प्राइवेट हाथों में सौंपकर सुधारना चाहती है। जबकि इस तरह का प्रयास 2014-15 में हुआ था, जो फिजिबल रिपोर्ट के आधार पर खारिज कर दिया गया। बिजली का सुधार सार्वजनिक क्षेत्र में रखकर ही किया जा सकता है। तभी इस पर सरकार का नियंत्रण होगा। जब किसी व्यापारी के हाथों में बिजली होगी, तो उसका उद्देश्य सिर्फ फायदा कमाने पर रहेगा। प्रदेश में बिजली की खपत के अनुसार ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क ही नहीं है। ऐसे में इन दोनों सेक्टर में सुधार की जरूरत है। ये बिना सरकारी मदद के नहीं हो सकता। देश में 4.50 लाख मेगावाट बिजली की उपलब्धता है। जबकि मांग सिर्फ 2.50 लाख मेगावाट की है। इसके बावजूद हम लोगों को 24 घंटे बिजली नहीं दे पा रहे हैं। अवधेश कुमार वर्मा कहते हैं- प्रदेश के किसानों को हम फ्री बिजली देने का ढिंढोरा पीटते रहते हैं। जबकि सच्चाई ये है कि 1350 यूनिट से अधिक खपत पर सब्सिडी बंद करने का नियम बना रखा है। बजट से व्यापारियों को क्या है उम्मीद
केंद्र हो या राज्य सरकार, व्यापारियों का दर्द वो समझना ही नहीं चाहते। जबकि ई-कॉमर्स के चलते व्यापार सिमट रहा है। इंस्पेक्टर राज के चंगुल में व्यापारियों को इस कदर फंसा दिया गया है कि जीएसटी और इनकम टैक्स के अलावा उन्हें वर्तमान में 19 तरीके के टैक्स देने पड़ रहे हैं। लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा के मुताबिक, व्यापारियों को प्रोत्साहन नहीं देंगे तो वह माइग्रेट कर जाएगा। राज्य का राजस्व घट जाएगा। इस प्रदेश की सच्चाई ये है कि यहां व्यवसायिक प्रोडक्शन महज 5 फीसदी है। 95 फीसदी माल बाहर के राज्य से आता है। यूपी में सिर्फ ट्रेडिंग अधिक होती है। ऑनलाइन व्यापार के चलते खुदरा व्यापार डूब रहा है। कृषि के बाद व्यापार सेक्टर ही ऐसा है, जहां सबसे अधिक रोजगार मिल सकता है। आलम यह है कि एक दवा की दुकान में फूड सप्लीमेंट रखकर बेचना हो तो उसे अलग से फूड सेफ्टी लाइसेंस लेना पड़ता है। क्या व्यापारी एक ही पोर्टल से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस नहीं कर सकता? आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय गुप्ता के मुताबिक, जीएसटी देने वाले व्यापारियों का 10 लाख का दुर्घटना बीमा मिलता है। सरकार को इसके साथ में 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा देने का प्रावधान करना चाहिए। प्रदेश सरकार अपने बजट में प्रमुख बाजारों में सीसीटीवी लगाने की योजना को शामिल करें। इससे व्यापार और व्यापारी सुरक्षित रहेगा। प्रदेश के सभी बाजारों में पिंक और पब्लिक टॉयलेट बनाना चाहिए। विदेशी ई-कॉमर्स और रिटेल ट्रेड की अलग-अलग पॉलिसी लाना चाहिए। सरकार के पास फंड दैवीय आपदा (आग, बाढ़ और भूकंप) की हालत में ऐसी राशि मिल सके कि दोबारा से व्यापारी अपने पैर पर खड़ा हो सके। दैवीय आपदा पालिसी व्यापारियों के लिए लाना चाहिए। महिलाओं और युवाओं को बजट से क्या हैं उम्मीदें
बेरोजगारी प्रदेश और देश की सबसे बड़ी समस्या है। जब तक स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम सही तरीके से लागू नहीं होंगे, ये समस्या बनी रहेगी। हम सस्ते कर्ज देकर कोई छोटे-मोटे उद्योग-धंधे तो खुलवा देते हैं, लेकिन स्किल न होने की वजह से वे घाटे में बंद कर देने पड़ते हैं। ऑनलाइन और एआई का दौर है। ऐसे में इस तरह की स्किल में उन्हें दक्ष बनाने का एक प्रोग्राम लागू करना होगा। सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल गुप्ता के मुताबिक, युवाओं में आधी आबादी भी शामिल है। ऐसे में सरकार को बजट में उन्हें सम्मिलित रूप से शामिल करते हुए ऐसी योजना बनानी चाहिए, जिससे वे खुद कोई बिजनेस कर दूसरे को भी रोजगार देने में सक्षम बन सकें। आईआईए की अध्यक्ष और आंत्रप्रन्योर अपर्णा मिश्रा कहती हैं कि अक्सर बजट में आधी आबादी को भुला दिया जाता है। जब तक महिलाओं की भागीदारी नहीं मिलेगी, प्रदेश की ग्रोथ नहीं हो सकती। हमारे प्रदेश में बड़ी आबादी ऐसी महिलाओं की है, जो घर के काम ही कर पाती हैं। क्या हम ऐसी महिलाओं काे स्किल ट्रेनिंग देकर कोई ऐसा बिजनेस नहीं शुरू करा सकते हैं, जो वो घर बैठे कर पाएं। ——————– ये खबर भी पढ़ें… यूपी में विभागों को 54% ही बजट मिला, जो मिला 98% खर्च किया; उखड़ी सड़कें नहीं बन पाईं; बिजली कटौती भी नहीं सुधरी यूपी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभिन्न विभागों को अब तक करीब आधा बजट (54.50%) ही जारी किया है। दिलचस्प तो यह है कि विभागों ने मिले बजट का 98.05% 5 फरवरी तक खर्च भी कर दिया। अब वित्तीय वर्ष खत्म होने में सिर्फ डेढ़ महीने बचे हैं। ऐसे में अब बजट जारी करने और उसे खर्च करने में जल्दबाजी दिखाई जाएगी। पढ़ें पूरी खबर

अद्भूत ताज, बेमिसाल सुनक की सादगी:ब्रिटेन के पूर्व PM की सादगी के कायल हुए टूरिस्ट, हाथ जोड़कर किया नमस्कार

अद्भूत ताज, बेमिसाल सुनक की सादगी:ब्रिटेन के पूर्व PM की सादगी के कायल हुए टूरिस्ट, हाथ जोड़कर किया नमस्कार दुनिया की सबसे खूबसूरत इमारतों में से एक संगमरमरी ताजमहल की सुंदरता शनिवार को कुछ देर के लिए फीकी पड़ गई। मुख्य स्मारक की ओर बढ़ने वाले टूरिस्ट के कदम ठहर गए…धवल सफेद स्मारक की ओर टिकी रहने वाली निगाहें छरहरे बदन वाले एक शख्स की ओर ठहर गईं। चेहरे पर मुस्कान…दिल में हिंदुस्तान के संस्कार…सहज ही टूरिस्ट को आकर्षित कर रहे थे। जी हां, शनिवार को ताजमहल को भूल..टूरिस्ट सुनक की सादगी में खो गए। सुनक की सादगी की 4 तस्वीर… ब्रिटेन के पूर्व PM ऋषि सुनक को देखकर लोगों को एक पल के लिए भी नहीं लगा कि ये उसी देश के प्रधानमंत्री रहे हैं, जिसका कभी सूरज अस्त नहीं होता था। कभी भारत पर राज करने वाले ब्रिटेन के इस पूर्व PM की सादकी के लोग कायल हो गए। सुनक को देख कोई राधे-राधे से उनका अभिवादन कर रहा था तो कोई नमस्कार कर रहा था। सुनक भी सहजता के साथ हाथ जोड़कर उनका अभिवादन कर रहे थे।
वे लगभग एक घंटे तक ताजमहल में रुके। बिना किसी प्रोटोकॉल के उन्होंने परिवार के साथ सामान्य टूरिस्ट की तरह से ताजमहल का दीदार किया। उनके आसपास सुरक्षा का घेरा तो था लेकिन वे इसके बंधन में नहीं थे। सफेद शर्ट और पेंट पहने ऋषि सुनक टूरिस्ट को देखकर कुछ दूर चलने के बाद रुक जाते और हाथ हिलाकर उनकाे रेस्पांस करते। उनके प्रति लोगों के आकर्षण का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जो टूरिस्ट मुख्य गुम्बद की ओर जा रहे थे, वे सुनक को देखकर वहीं रुक गए। एक झलक देखने को बेताब टूरिस्ट
सुरक्षाकर्मी बार-बार टूरिस्ट को आगे बढ़ने के लिए कह रहे थे लेकिन वे सुनक की एक झलक देखने को बेताब थे। ब्रिटेन के पूर्व PM और उनके परिजनों को ताजमहल का भ्रमण कराने वाले गाइड शमशुद्दीन का कहते हैं कि भ्रमण के दौरान भी वे काफी सहज और सरल रहे। उन्होंने ताजमहल के इतिहास और इसकी पच्चीकारी के जानने में काफी रुचि दिखाई। आज फतेहपुर सीकरी और किला जा सकते हैं
ब्रिटेन के पूर्व PM अपने परिवार के साथ दो दिवसीय आगरा दौरे पर हैं। वे शनिवार सुबह लगभग 10.45 बजे होटल अमर विलास पहुंचे। प्रशासनिक कार्यक्रम के अनुसार, उन्हें रविवार सुबह ताजमहल देखने जाना था लेकिन वे शनिवार शाम को ही अचानक इस स्मारक का दीदार करने पहुंच गए। अब रविवार को वे फतेहपुर सीकरी और आगरा किला जा सकते हैं। इससे पहले कलाकृति में भी जा सकते हैं। वे सोमवार को रवाना होंगे।