IT इंडस्ट्री में भारी कटौती: 3 महीनों में 73 हजार नौकरियां खत्म, बड़ी कंपनियां भी शामिल

IT इंडस्ट्री में भारी कटौती: 3 महीनों में 73 हजार नौकरियां खत्म, बड़ी कंपनियां भी शामिल

साल 2026 की शुरुआत वैश्विक टेक्नोलॉजी उद्योग के लिए बड़े बदलावों का संकेत लेकर आई है। पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विस्तार करने वाली कई प्रमुख टेक कंपनियां अब अपने व्यवसायिक मॉडल, लागत संरचना और भविष्य की रणनीति की समीक्षा कर रही हैं। इसी प्रक्रिया के तहत दुनिया भर में कर्मचारियों की छंटनी (Layoffs) का सिलसिला लगातार जारी है।

उद्योग से जुड़े विभिन्न आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से मार्च 2026 के बीच केवल तीन महीनों में लगभग 95 कंपनियों ने मिलकर 73,200 से अधिक कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि छंटनी अब केवल स्टार्टअप या छोटी कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई वैश्विक टेक दिग्गज भी अपने संगठनात्मक ढांचे में बदलाव कर रहे हैं।

इस दौरान Snap Inc., Meta Platforms, The Walt Disney Company और Oracle Corporation जैसी बड़ी कंपनियों के नाम भी सामने आए हैं। इन कंपनियों का कहना है कि बदलते कारोबारी माहौल, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), ऑटोमेशन, लागत नियंत्रण और भविष्य की तकनीकी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक पुनर्गठन (Restructuring) किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि टेक सेक्टर इस समय संक्रमण के दौर से गुजर रहा है, जहां कंपनियां कम संसाधनों के साथ अधिक दक्षता (Efficiency) हासिल करने पर जोर दे रही हैं। यही वजह है कि कई विभागों का पुनर्गठन किया जा रहा है और कुछ पारंपरिक भूमिकाओं की आवश्यकता पहले की तुलना में कम हो रही है।

तीन महीनों में 73 हजार से अधिक कर्मचारियों पर असर

उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में लगभग 95 कंपनियों द्वारा 73,200 से अधिक कर्मचारियों को प्रभावित करने वाले फैसले लिए गए। यह संख्या बताती है कि वैश्विक रोजगार बाजार विशेष रूप से टेक उद्योग में अभी भी स्थिर नहीं हो पाया है।

हालांकि सभी कंपनियों में छंटनी के कारण समान नहीं हैं। कहीं लागत कम करने के उद्देश्य से कर्मचारियों की संख्या घटाई जा रही है, तो कहीं नए बिजनेस मॉडल और ऑटोमेशन को अपनाने के कारण कुछ विभागों का पुनर्गठन किया जा रहा है।

Snap Inc ने घटाया कर्मचारियों का बड़ा हिस्सा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Snapchat की मूल कंपनी Snap Inc ने अपने कुल कार्यबल का लगभग 16 प्रतिशत कम करने की योजना बनाई है। रिपोर्टों के अनुसार यह संख्या लगभग 1,000 कर्मचारियों के बराबर है।

कंपनी का उद्देश्य संचालन को अधिक कुशल बनाना और लागत में कमी लाना बताया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस कदम से कंपनी को सालाना लगभग 500 मिलियन डॉलर तक की बचत होने का अनुमान है।

विश्लेषकों का कहना है कि डिजिटल विज्ञापन बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने और नई तकनीकों में निवेश की आवश्यकता के कारण कंपनी अपने संसाधनों का पुनर्वितरण कर रही है।

Meta Platforms ने भी जारी रखा पुनर्गठन

Facebook, Instagram और WhatsApp की मूल कंपनी Meta Platforms भी पिछले कुछ समय से संगठनात्मक बदलाव कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार कंपनी इस वर्ष की शुरुआत में लगभग 1,500 कर्मचारियों को प्रभावित करने वाले फैसले ले चुकी है।

इसके अतिरिक्त कैलिफोर्निया स्थित कुछ कार्यालयों में लगभग 198 पदों को भी समाप्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। कंपनी लगातार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मेटावर्स और नई डिजिटल सेवाओं में निवेश बढ़ा रही है, जिसके चलते कुछ विभागों का पुनर्गठन किया जा रहा है।

Oracle, Disney और AI के बढ़ते प्रभाव के बीच बदल रहा टेक उद्योग का रोजगार बाजार

Disney में भी संगठनात्मक बदलाव जारी

मनोरंजन उद्योग की प्रमुख कंपनी The Walt Disney Company भी अपने परिचालन ढांचे की समीक्षा कर रही है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी नए नेतृत्व के तहत लागत नियंत्रण और संचालन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है।

इसी प्रक्रिया के तहत लगभग 1,000 कर्मचारियों को प्रभावित करने वाली पुनर्गठन योजना की चर्चा सामने आई है। हालांकि किसी भी संगठनात्मक बदलाव का अंतिम स्वरूप कंपनी की आधिकारिक घोषणा और व्यावसायिक आवश्यकताओं पर निर्भर करेगा।

Oracle की संभावित योजना ने बढ़ाई चिंता

वैश्विक सॉफ्टवेयर कंपनी Oracle Corporation को लेकर भी बड़ी खबरें सामने आई हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कंपनी वैश्विक स्तर पर लगभग 20,000 से 30,000 कर्मचारियों तक को प्रभावित करने वाली पुनर्गठन योजना पर विचार कर सकती है।

यदि यह योजना पूरी तरह लागू होती है, तो इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी टेक सेक्टर छंटनियों में शामिल किया जा सकता है। हालांकि कंपनी की ओर से आधिकारिक स्तर पर उपलब्ध जानकारी और अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।

भारत में भी पड़ सकता है असर

Oracle की संभावित वैश्विक पुनर्गठन योजना का प्रभाव भारत पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार भारत में लगभग 12,000 कर्मचारियों तक पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।

विशेष रूप से क्लाउड सर्विसेज, हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी और सेल्स विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के प्रभावित होने की संभावना बताई जा रही है। हालांकि अंतिम संख्या कंपनी की आधिकारिक प्रक्रिया और व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुसार ही स्पष्ट होगी।

रिपोर्टों के अनुसार प्रभावित कर्मचारियों को कंपनी की नीतियों के अनुरूप सेवरेंस पैकेज, स्वास्थ्य बीमा और अन्य सहायता सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

आखिर क्यों बढ़ रही है छंटनी?

विशेषज्ञों के अनुसार टेक उद्योग में वर्तमान स्थिति के पीछे कई प्रमुख कारण हैं। कोरोना महामारी के दौरान डिजिटल सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ी थी। उस समय अधिकांश टेक कंपनियों ने भविष्य की संभावित वृद्धि को देखते हुए बड़े पैमाने पर नई नियुक्तियां की थीं।

अब जब वैश्विक बाजार अपेक्षाकृत सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है, कंपनियां अपने वास्तविक कारोबार और भविष्य की जरूरतों के अनुसार कर्मचारियों की संख्या का पुनर्मूल्यांकन कर रही हैं।

इसके अलावा निवेशकों द्वारा लाभप्रदता (Profitability) पर बढ़ता जोर भी कंपनियों को लागत कम करने के लिए प्रेरित कर रहा है।

AI और ऑटोमेशन ने बदला रोजगार का स्वरूप

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन तकनीकों का तेजी से विस्तार भी रोजगार बाजार में बदलाव का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। कई कंपनियां अब ऐसे कार्यों को स्वचालित (Automate) कर रही हैं जिन्हें पहले बड़ी संख्या में कर्मचारी मिलकर पूरा करते थे।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि AI केवल नौकरियां समाप्त नहीं कर रहा, बल्कि नई प्रकार की नौकरियों का भी निर्माण कर रहा है। मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, AI इंजीनियरिंग और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है।

किन स्किल्स की बढ़ रही है मांग?

रोजगार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में केवल पारंपरिक तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं होगा। कर्मचारियों को लगातार नई तकनीकों के अनुरूप स्वयं को अपडेट करना होगा।

विशेष रूप से क्लाउड कंप्यूटिंग, जनरेटिव AI, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, DevOps, ऑटोमेशन, प्रोडक्ट मैनेजमेंट और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़ी विशेषज्ञता रखने वाले पेशेवरों की मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

कर्मचारियों के लिए क्या हो सकती है रणनीति?

मानव संसाधन विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में कर्मचारियों के लिए नियमित रूप से नई तकनीकी स्किल्स सीखना, प्रोफेशनल नेटवर्क मजबूत करना और उद्योग में हो रहे बदलावों पर लगातार नजर रखना महत्वपूर्ण हो गया है।

इसके अलावा वित्तीय योजना, आपातकालीन बचत और करियर में विविधता (Career Diversification) भी बदलते रोजगार बाजार में उपयोगी साबित हो सकती हैं।

टेक इंडस्ट्री किस दिशा में बढ़ रही है?

विश्लेषकों के अनुसार आने वाले समय में टेक कंपनियां कम लागत, अधिक उत्पादकता और AI आधारित कार्यप्रणाली पर अधिक ध्यान देंगी। इससे कई पारंपरिक भूमिकाओं में बदलाव देखने को मिल सकता है, वहीं नई तकनीकी विशेषज्ञताओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

टेक सेक्टर का यह परिवर्तन केवल कर्मचारियों की संख्या घटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी उद्योग संरचना, कार्य संस्कृति और भविष्य की तकनीकी प्राथमिकताओं में व्यापक बदलाव का संकेत भी माना जा रहा है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और उद्योग से संबंधित आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है। विभिन्न कंपनियों की छंटनी योजनाएं समय-समय पर बदल सकती हैं। किसी भी कंपनी के आधिकारिक निर्णय, कर्मचारियों की अंतिम संख्या या पुनर्गठन संबंधी जानकारी के लिए संबंधित कंपनी की आधिकारिक घोषणाओं और नियामकीय फाइलिंग्स को ही अंतिम माना जाना चाहिए।