आज करें अमावस्या के बाद पहले चंद्रमा के दर्शन, जानें क्यों माना जाता है शुभ और क्या है पूजा का सही समय

हिंदू धर्म में पंचांग और तिथियों का विशेष महत्व माना जाता है। प्रत्येक तिथि का अपना अलग धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व होता है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण अवसर है अमावस्या के बाद होने वाला प्रथम चंद्र दर्शन, जिसे कई श्रद्धालु शुभता, नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानते हैं। वर्ष 2026 में अमावस्या समाप्त होने के बाद 16 जून को प्रथम चंद्र दर्शन का विशेष संयोग बन रहा है। इस दिन श्रद्धालु शाम के समय चंद्रदेव के दर्शन कर पूजा-अर्चना करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि, मानसिक शांति तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हैं। भारतीय परंपराओं…

14-15 जून की अधिकमास अमावस्या विशेष: पूर्वजों की कृपा पाने का शुभ अवसर, जानें तर्पण और पूजा का महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ अधिकमास की अमावस्या इस बार विशेष महत्व लेकर आई है। तिथियों के संयोग के कारण यह अमावस्या 14 और 15 जून, दोनों दिनों तक प्रभावी रहेगी। अधिकमास स्वयं में अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है और लगभग तीन वर्ष में एक बार आता है। ऐसे में इस महीने की अमावस्या को धार्मिक दृष्टि से बहुत फलदायी माना जा रहा है। धर्मग्रंथों में वर्णित मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए जप, तप, दान, तर्पण और पूजा-पाठ का पुण्य लंबे समय तक शुभ फल प्रदान करता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार अमावस्या तिथि 14 जून को दोपहर लगभग…