गोवत्स द्वादशी पर क्यों की जाती है गाय और बछड़े की पूजा? 5 नवंबर को वसु बारस, जानें शुभ मुहूर्त और व्रत के नियम

हिंदू धर्म में गाय को पूजनीय माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गाय में देवी-देवताओं का वास होता है और उसकी सेवा करने से जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि आती है। इसी आस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण त्योहार गोवत्स द्वादशी है। इसे वसु बारस, बछ बारस और नन्दिनी व्रत के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन गाय और उसके बछड़े की पूजा करके परिवार की खुशहाली और संतान की लंबी उम्र की कामना की जाती है। दिवाली के पांच दिवसीय उत्सव से पहले आने वाले इस पर्व का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। साल 2026…