ऑटिज्म के लक्षणों को समय रहते पहचानें, बच्चों के भविष्य को दें बेहतर दिशा

आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन, टैबलेट, स्मार्ट टीवी और अन्य स्क्रीन बच्चों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। पढ़ाई, मनोरंजन और ऑनलाइन गतिविधियों के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ने के साथ छोटे बच्चों का स्क्रीन के सामने बिताया जाने वाला समय भी कई परिवारों में बढ़ा है। कई माता-पिता बच्चों को व्यस्त रखने या खाना खिलाने के लिए मोबाइल और टीवी का सहारा लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार बहुत कम उम्र में लंबे समय तक स्क्रीन देखने की आदत बच्चे की नींद, शारीरिक गतिविधि, भाषा सीखने और सामाजिक व्यवहार को प्रभावित कर सकती है।…

छोटे बच्चों के हाथ में मोबाइल? AIIMS की स्टडी ने दी गंभीर चेतावनी

नई दिल्ली स्थित All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) से जुड़ी एक हालिया रिसर्च ने छोटे बच्चों के माता-पिता के बीच स्क्रीन टाइम को लेकर एक महत्वपूर्ण चर्चा शुरू कर दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, जीवन के शुरुआती वर्षों में बच्चे का दिमाग बहुत तेजी से विकसित होता है और इस दौरान उसे अपने आसपास के लोगों से सीधे बातचीत, खेल, आवाजों और भावनात्मक जुड़ाव के माध्यम से सीखने का अवसर मिलता है। ऐसे समय में अगर बच्चा मोबाइल फोन, टीवी, टैबलेट या किसी अन्य डिजिटल स्क्रीन के सामने अधिक समय बिताने लगे, तो उसके विकास के कुछ महत्वपूर्ण…