बच्चे की शुरुआती डाइट तय कर सकती है भविष्य की सेहत, 2 साल तक चीनी से बचना फायदेमंद

बच्चे के जीवन के शुरुआती साल सिर्फ उसकी लंबाई और वजन बढ़ने के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं होते, बल्कि इसी दौरान उसकी खान-पान की आदतें और शरीर का मेटाबॉलिज्म भी तेजी से विकसित होता है। एक नई स्टडी में सामने आया है कि अगर बच्चे को जीवन के शुरुआती दो वर्षों में ज्यादा चीनी से दूर रखा जाए, तो आगे चलकर कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम कम किया जा सकता है। शोध में खासतौर पर बच्चों के शुरुआती 1,000 दिनों यानी गर्भावस्था से लेकर करीब दो साल की उम्र तक के खान-पान पर ध्यान दिया गया है। विशेषज्ञों का…

छोटे बच्चों की कफ-सर्दी की दवाओं पर सरकार सख्त, 4 साल से कम उम्र में बढ़ा खतरा

मौसम में बदलाव के साथ बच्चों में सर्दी, खांसी, जुकाम और नाक बहना जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं। ऐसे समय में कई माता-पिता डॉक्टर से सलाह लेने के बजाय घर में पहले से मौजूद सिरप या दवा बच्चे को दे देते हैं। लेकिन अब सरकार के एक नए फैसले के बाद इस तरह दवा देने को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। केंद्र सरकार ने कुछ ऐसी कॉम्बिनेशन दवाओं पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, जिनमें क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फिनाइलएफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड जैसे घटक शामिल होते हैं। इन दवाओं का इस्तेमाल लंबे समय से सर्दी-जुकाम, नाक बहने और एलर्जी जैसे…

बच्चों का बढ़ता वजन बन रहा खतरे की घंटी, जंक फूड और स्क्रीन टाइम से बढ़ रहा मोटापे का जोखिम

एक समय था जब बच्चे का गोल-मटोल शरीर परिवार के लिए खुशी और अच्छी सेहत का संकेत माना जाता था। बच्चे का वजन ज्यादा देखकर अक्सर यही समझा जाता था कि उसे घर में भरपूर खाना मिल रहा है और वह स्वस्थ है। लेकिन बदलते समय में यह धारणा खतरनाक साबित हो सकती है। बच्चों में जरूरत से ज्यादा वजन बढ़ना अब सिर्फ उनके व्यक्तित्व या दिखने से जुड़ा विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह आगे चलकर कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है। भारत में बच्चों और किशोरों के बीच बढ़ता मोटापा सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए चिंता…

गर्भावस्था में काम का बढ़ता दबाव बन सकता है चिंता की वजह

आज के समय में बड़ी संख्या में महिलाएं गर्भावस्था के दौरान भी अपनी नौकरी और पेशेवर जिम्मेदारियां निभाती हैं। आधुनिक जीवनशैली में यह सामान्य बात है कि महिलाएं ऑफिस के साथ-साथ घर की जिम्मेदारियों को भी संभालती हैं। हालांकि, इस दौरान लगातार काम का दबाव, समय की कमी और मानसिक तनाव मां के स्वास्थ्य के साथ-साथ गर्भ में पल रहे शिशु पर भी प्रभाव डाल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्भावस्था केवल शारीरिक बदलावों का समय नहीं होता, बल्कि इस दौरान मानसिक स्थिति भी बच्चे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हाल ही में सामने आई एक…

क्या मोबाइल और इंटरनेट बच्चों को बना रहे हैं नशे का आसान शिकार? देशभर के स्कूलों में हुए सर्वे ने बढ़ाई चिंता

देश में किशोरों के बीच नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे को लेकर सामने आया एक नया अध्ययन अभिभावकों, शिक्षकों और नीति निर्माताओं के लिए गंभीर चेतावनी लेकर आया है। विशेषज्ञ लंबे समय से इस बात पर जोर देते रहे हैं कि किशोरावस्था जीवन का सबसे संवेदनशील दौर होती है, जब बच्चों के व्यवहार, सोच और आदतों में तेजी से बदलाव आते हैं। ऐसे समय में परिवार, स्कूल और समाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। अब हाल ही में प्रकाशित एक सर्वे ने संकेत दिया है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो बड़ी संख्या में…

बच्चा तय उम्र में नहीं बोल रहा? हर देरी सामान्य नहीं, समय रहते पहचानें संकेत

हर माता-पिता अपने बच्चे के पहले शब्द का बेसब्री से इंतजार करते हैं। जब बच्चा “मम्मा” या “पापा” कहना शुरू करता है तो वह पल पूरे परिवार के लिए खास बन जाता है। लेकिन कुछ बच्चों में बोलने की शुरुआत अपेक्षा से देर से होती है। ऐसे समय में अक्सर रिश्तेदार या आसपास के लोग यह कहकर दिलासा देते हैं कि “अभी छोटा है, कुछ समय बाद अपने आप बोलने लगेगा।” हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि हर मामले में ऐसा मान लेना सही नहीं है। यदि बच्चे की भाषा और बोलने की क्षमता उम्र के हिसाब से विकसित नहीं…

स्क्रीन टाइम और गलत खानपान बना बच्चों का सबसे बड़ा दुश्मन, बढ़ रहीं लाइफस्टाइल बीमारियां

आज के डिजिटल दौर में बच्चों की जीवनशैली में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। कुछ दशक पहले तक बच्चे अपना ज्यादातर समय मैदान में खेलने, दौड़ने और अन्य शारीरिक गतिविधियों में बिताते थे, लेकिन अब उनकी दिनचर्या का बड़ा हिस्सा मोबाइल फोन, टैबलेट, टीवी और ऑनलाइन गेम्स में गुजर रहा है। इस बदलाव ने बच्चों की आदतों के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव डालना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के शरीर और दिमाग के बेहतर विकास के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि बेहद जरूरी होती है। लेकिन…