UPI से पेमेंट पर ज्यादा पैसे मांग रहा है दुकानदार? जानिए आपके अधिकार और शिकायत का तरीका

आज के समय में जेब में कैश रखने के बजाय मोबाइल से भुगतान करना लोगों की रोजमर्रा की आदत बन चुका है। किराने की दुकान से लेकर रेस्टोरेंट, मेडिकल स्टोर, पेट्रोल पंप और ऑनलाइन खरीदारी तक, UPI के जरिए कुछ ही सेकंड में पेमेंट हो जाता है। यही वजह है कि छोटे-बड़े कारोबारियों के बीच भी UPI QR कोड के जरिए भुगतान स्वीकार करने का चलन तेजी से बढ़ा है। NPCI के आंकड़ों में भी UPI के जरिए बड़े पैमाने पर Person-to-Merchant यानी P2M भुगतान होने की बात सामने आती है। लेकिन कई बार ग्राहकों को ऐसी स्थिति का सामना…

रैपिडो पर ₹10 लाख जुर्माना, CCPA ने प्री-राइड टिप और ज्यादा किराया देने के लिए दबाव डालने वाले ऐप डिजाइन पर जताई आपत्ति

राइड बुकिंग के दौरान ग्राहक को सिर्फ किराया नहीं, बल्कि कई तरह के विकल्प और संकेत दिखाई देते हैं। अगर इन्हीं विकल्पों के जरिए ग्राहक को ज्यादा भुगतान करने के लिए प्रेरित किया जाए, तो यह सामान्य मोलभाव से अलग मामला बन सकता है। राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म रैपिडो के मामले में उपभोक्ता मामलों की केंद्रीय प्राधिकरण (CCPA) ने इसी तरह के कुछ तरीकों पर आपत्ति जताई है। CCPA ने रैपिडो की मूल कंपनी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। देशभर में कैब और बाइक-टैक्सी सेवाओं के तौर-तरीकों की जांच के दौरान अथॉरिटी ने रैपिडो के ऐप पर किराया तय…

Grocery ऐप पर खरीदारी से पहले मिलेगी जरूरी जानकारी, अब छिपी नहीं रहेगी सामान की तारीख

ऑनलाइन Grocery और Quick Commerce की सुविधा ने लोगों की खरीदारी का तरीका काफी बदल दिया है। अब घर का राशन खरीदने के लिए बाजार जाने या लंबी लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ती। मोबाइल फोन पर कुछ क्लिक करते ही आटा, चावल, दाल, तेल, दूध, ब्रेड, बिस्किट और दूसरे पैकेज्ड फूड घर तक पहुंच जाते हैं। खासकर बड़े शहरों में कुछ मिनटों में सामान पहुंचाने वाले प्लेटफॉर्म लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। हालांकि, ऑनलाइन Grocery खरीदारी के साथ एक ऐसी समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिसका सामना ग्राहकों को…

डाबर के खाद्य उत्पादों पर FSSAI की सख्ती, ‘100%’ दावों को बताया भ्रामक; कई आइटम्स की बिक्री रोकने का आदेश

देश में खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ताओं के हितों की निगरानी करने वाली संस्था भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने डाबर इंडिया लिमिटेड के कुछ खाद्य उत्पादों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। रेगुलेटर ने कंपनी को ऐसे कई प्रोडक्ट्स की बिक्री तुरंत रोकने का निर्देश दिया है, जिन पर “100%” से जुड़े विभिन्न दावे किए जा रहे थे। इनमें डाबर का शहद, गाय का घी और कुछ अन्य पैक्ड फूड प्रोडक्ट्स भी शामिल बताए गए हैं। FSSAI का कहना है कि इन उत्पादों पर लिखे गए दावे मौजूदा खाद्य विज्ञापन नियमों के अनुरूप नहीं हैं और उपभोक्ताओं को…

डिफॉल्ट सर्विस चार्ज पर CCPA का बड़ा शिकंजा, 41 रेस्टोरेंट्स के खिलाफ कार्रवाई; ग्राहकों के अधिकारों की सुरक्षा पर सख्ती

देशभर में रेस्टोरेंट्स द्वारा ग्राहकों के बिल में बिना अनुमति सर्विस चार्ज जोड़ने के मामलों पर अब सख्ती तेज हो गई है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने इस तरह की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए 41 रेस्टोरेंट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। जांच में सामने आया कि कई प्रतिष्ठानों ने ग्राहकों की स्पष्ट सहमति के बिना बिल में स्वतः सर्विस चार्ज जोड़ दिया, जिसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन और अनुचित व्यापारिक व्यवहार माना गया है। इस कार्रवाई की जानकारी केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से…

क्या रिकवरी एजेंट्स कर्ज वसूलने के नाम पर दुर्व्यवहार कर सकते हैं? जानिए RBI के नियम, बैंक की जिम्मेदारियां और आपके कानूनी अधिकार

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कुछ लोगों को एक व्यक्ति के साथ कथित तौर पर मारपीट और अभद्र व्यवहार करते हुए देखा गया। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि ये लोग एक बैंक या वित्तीय संस्था की ओर से भेजे गए रिकवरी एजेंट्स थे, जो क्रेडिट कार्ड का बकाया वसूलने पहुंचे थे। वीडियो में पीड़ित की पत्नी भी बीच-बचाव करती नजर आती है। हालांकि, वायरल वीडियो से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि हर मामले में संभव नहीं होती, लेकिन इस घटना ने एक महत्वपूर्ण सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—क्या…

Ludhiana GLADA को High Court से बड़ा झटका: Plot खरीदार को पैसे लौटाने के आदेश को चुनौती देने वाली Petition खारिज

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GLADA) की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उपभोक्ता आयोग द्वारा पारित धनवापसी संबंधी आदेश को चुनौती दी गई थी। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान उपलब्ध रिकॉर्ड और संबंधित तथ्यों का परीक्षण करते हुए कहा कि GLADA यह साबित करने में सफल नहीं रही कि उसने आवंटित प्लॉट का कब्जा निर्धारित समय के भीतर देने के लिए आवश्यक सभी विकास कार्य पूरे कर लिए थे। यह मामला वर्ष 2012 में शुरू की गई एक आवासीय प्लॉट योजना से जुड़ा है, जिसमें प्लॉट आवंटन, कब्जा सौंपने की समय-सीमा,…