UPI पर चार्ज को लेकर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, बोले- मुफ्त सेवा हमेशा नहीं चल सकती, लागत किसी को तो उठानी होगी

देश में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पर संभावित शुल्क लगाए जाने की चर्चाओं के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ऐसा बयान दिया है जिसने इस बहस को और तेज कर दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी डिजिटल भुगतान प्रणाली को चलाने और लगातार बेहतर बनाने में खर्च होता है, इसलिए अंततः उसकी कीमत किसी न किसी को चुकानी ही पड़ती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल UPI पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। हाल ही में संसद में पेश…

₹2,000 से अधिक के UPI बिजनेस पेमेंट पर लग सकती है फीस! सरकार के नए प्रस्ताव से क्या बदलेगा

देश में डिजिटल भुगतान का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन चुका यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब एक बड़े बदलाव के दौर में पहुंच सकता है। सरकार ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रही है, जिसके लागू होने के बाद 2,000 रुपये से अधिक के कुछ यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) यानी सेवा शुल्क लगाया जा सकता है। हालांकि यह प्रस्ताव हर तरह के ट्रांजैक्शन पर लागू नहीं होगा। आम लोगों द्वारा एक-दूसरे को भेजे जाने वाले पैसे पहले की तरह मुफ्त रहेंगे, जबकि केवल व्यापारिक भुगतान इसकी सीमा में आ सकते हैं। इस प्रस्ताव के सामने आने के बाद लोगों…

जुलाई में UPI ने रचा नया इतिहास, 2,366 करोड़ ट्रांजैक्शन के साथ डिजिटल भुगतान ने पकड़ी रफ्तार; IMPS और AePS में भी बढ़त, FASTag में हल्की गिरावट

भारत में डिजिटल भुगतान का दायरा लगातार तेजी से बढ़ रहा है और इसका सबसे बड़ा उदाहरण जुलाई 2026 के आंकड़ों में देखने को मिला है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड कायम करते हुए महीनेभर में 2,366 करोड़ लेनदेन दर्ज किए। यह अब तक का सबसे अधिक मासिक ट्रांजैक्शन वॉल्यूम है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इन लेनदेन की कुल राशि करीब 29.88 लाख करोड़ रुपये रही। जून के मुकाबले जुलाई में ट्रांजैक्शन की संख्या और कुल मूल्य दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली, जिससे साफ संकेत मिलता…

OTP और पासवर्ड की जगह अब बायोमेट्रिक पेमेंट का दौर, Visa ने भारत में लॉन्च किया नया Passkey सिस्टम

देश में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल जिस तेजी से बढ़ा है, उसी रफ्तार से ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले भी सामने आए हैं। खासतौर पर ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड) चोरी कर लोगों के बैंक खातों और कार्ड से पैसे उड़ाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में अब ऑनलाइन भुगतान को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। वैश्विक डिजिटल पेमेंट कंपनी Visa ने भारत में अपना नया Visa Payment Passkey (VPP) समाधान लॉन्च किया है, जिसके जरिए ग्राहक बिना OTP दर्ज किए भी सुरक्षित तरीके से ऑनलाइन कार्ड पेमेंट कर सकेंगे। इस नई…

भारत-सेशेल्स रिश्तों में नई उड़ान: UPI से डिजिटल क्रांति की शुरुआत, 19 समझौतों के साथ मजबूत हुई दोस्ती

भारत और सेशेल्स के बीच रविवार को रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में कई अहम फैसले लिए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की मौजूदगी में दोनों देशों ने 19 महत्वपूर्ण समझौतों और विकास परियोजनाओं की घोषणा की। इन समझौतों से रक्षा, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, शिक्षा, समुद्री सुरक्षा, अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ेगा। इस दौरे की सबसे बड़ी उपलब्धियों में भारत की UPI आधारित डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को सेशेल्स में लागू करने का फैसला शामिल है। अब सेशेल्स में भी भारतीय डिजिटल भुगतान प्रणाली का इस्तेमाल किया…

RBI का बड़ा फैसला: विदेश से आने वाले पैसे अब होंगे जल्दी क्रेडिट, नए नियम लागू

विदेश से भारत में पैसा प्राप्त करने वाले लाखों लोगों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने क्रॉस-बॉर्डर इनवर्ड पेमेंट (Cross-Border Inward Payments) की प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नए नियमों का उद्देश्य विदेश से भेजी जाने वाली रकम को लाभार्थी के बैंक खाते में जल्द पहुंचाना, भुगतान से जुड़ी जानकारी को अधिक स्पष्ट बनाना और पूरी प्रक्रिया को आधुनिक डिजिटल मानकों के अनुरूप तैयार करना है। RBI ने 9 अप्रैल 2026 को जारी अपने नए सर्कुलर में बैंकों और अधिकृत भुगतान प्रणाली संचालकों (Authorised Payment…

OTP से छुटकारा! सिम बदलते ही बैंकिंग पर लगेगा ब्रेक, नया ‘साइलेंट ऑथेंटिकेशन’ होगा लागू

भारत में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। UPI, मोबाइल बैंकिंग और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन ने लोगों के लिए भुगतान प्रक्रिया को आसान बना दिया है, लेकिन इसके साथ ही साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले भी सामने आते रहे हैं। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए बैंक और टेलीकॉम कंपनियां डिजिटल लेनदेन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नई तकनीकों पर काम कर रही हैं। इसी दिशा में “साइलेंट ऑथेंटिकेशन” (Silent Authentication) नाम की एक नई सुरक्षा तकनीक चर्चा में है। इस सिस्टम का उद्देश्य यूजर को बार-बार OTP डालने की जरूरत कम करना और बैकग्राउंड में…