मोबाइल की ओवरयूज से बढ़ रहा मानसिक दबाव, डॉक्टरों ने दी स्क्रीन टाइम कम करने की सलाह

लगातार मोबाइल चलाना और देर रात तक स्क्रीन देखना क्यों बन रहा है दिमाग के लिए खतरा? विशेषज्ञों ने बताया मानसिक थकान, नींद और फोकस पर पड़ने वाला असर स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। काम, पढ़ाई, मनोरंजन, बैंकिंग, खरीदारी और सामाजिक संपर्क जैसे अधिकांश कार्य अब डिजिटल माध्यमों से पूरे होने लगे हैं। तकनीक ने जीवन को पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक बनाया है, लेकिन इसके बढ़ते उपयोग ने मानसिक स्वास्थ्य और मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को लेकर नई चुनौतियां भी पैदा की हैं। आज अधिकांश लोगों…