नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व, पढ़ें पौराणिक कथा, आरती और प्रभावशाली मंत्र

नवरात्रि के छह दिन पूरे होने के साथ ही मां दुर्गा के छठे स्वरूप देवी कात्यायनी की उपासना का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी अपने भक्तों के कष्ट दूर करने वाली और उन्हें साहस, शक्ति तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देने वाली देवी हैं। नवरात्रि के छठे दिन विधि-विधान से माता की पूजा करने के साथ उनकी कथा सुनना और मंत्रों का जाप करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि मां कात्यायनी की कृपा से साधक को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष जैसे चार पुरुषार्थों की प्राप्ति का मार्ग मिलता है। ऐसे में आइए जानते हैं…

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना से मिलता है धैर्य और साधना का आशीर्वाद, जानें पूजा का सही तरीका, मंत्र, पौराणिक कथा और आरती

नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा के नौ दिव्य स्वरूपों की उपासना के लिए विशेष महत्व रखता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक उत्सव में हर दिन देवी के एक अलग स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी के इस स्वरूप की आराधना करने से व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास, संयम, धैर्य और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित होती है। मां ब्रह्मचारिणी को तपस्या, त्याग, भक्ति और आध्यात्मिक साधना का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो भक्त सच्चे…

शारदीय नवरात्रि का आगाज, पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना और कलश स्थापना; जानें शुभ-अशुभ समय, राहुकाल और पंचांग

शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो गया है। अगले नौ दिनों तक देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की उपासना की जाएगी। नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व रहेगा। भक्त सुबह शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करके देवी का आह्वान करेंगे और इसके साथ ही नौ दिनों तक चलने वाले व्रत, जप, तप तथा धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत होगी। इस दिन घरों और मंदिरों में माता रानी की पूजा-अर्चना के साथ दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती और सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि…

11 अक्टूबर से नौ दिन मां दुर्गा की आराधना, नवरात्रि की तैयारी के लिए घर पर पहले ही जुटा लें ये पूजन सामग्री

हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह नौ दिवसीय पर्व मां दुर्गा की आराधना, उपवास और साधना के लिए समर्पित होता है। साल 2026 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी और इसका समापन 19 अक्टूबर को होगा। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा करते हैं। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के साथ पूजा की शुरुआत होती है। इस दौरान घरों और मंदिरों में माता रानी की चौकी सजाई जाती है, कलश स्थापित किया जाता है और कई श्रद्धालु शुभता के प्रतीक के रूप…

शारदीय नवरात्रि 2026: 11 अक्टूबर को होगी कलश स्थापना, जानें सुबह-दोपहर के शुभ मुहूर्त से लेकर राहुकाल तक पूरी जानकारी

शारदीय नवरात्रि का पर्व इस बार 11 अक्टूबर 2026, रविवार से शुरू होगा। मां दुर्गा की आराधना के लिए नवरात्रि के पहले दिन घरों और मंदिरों में कलश स्थापना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घटस्थापना के साथ ही नवरात्रि की विधिवत शुरुआत मानी जाती है। भक्त इस दिन मां दुर्गा का आह्वान करते हैं और अगले नौ दिनों तक देवी के नौ स्वरूपों की पूजा, व्रत, जप और आराधना करते हैं। नवरात्रि के समापन पर कन्या पूजन और हवन के माध्यम से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त करने की परंपरा है। इस साल प्रतिपदा तिथि के आधार पर…

नवरात्र 2026 में तिथियों का अनोखा संयोग: अष्टमी के तुरंत बाद नवमी, जानें कब रखें व्रत और करें कन्या पूजन

शारदीय नवरात्र को लेकर भक्तों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना वाला यह पर्व हर साल आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होता है। नवरात्र के दौरान घरों और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, अखंड ज्योत जलाई जाती है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व का समापन विजयादशमी के साथ होता है। इस बार शारदीय नवरात्र की तारीखों को लेकर एक खास बात सामने आ रही है। पंचांग की गणना के मुताबिक 2026 में अष्टमी और नवमी तिथि का संयोग बनेगा।…

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026: दुर्लभ शुभ योगों के बीच होगी शुरुआत, जानें घटस्थापना का समय, पूजा विधि और पूरे नौ दिनों का महत्व

आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि इस वर्ष 15 जुलाई 2026 से प्रारंभ होकर 23 जुलाई 2026 तक चलेगी। नौ दिनों तक चलने वाला यह पर्व शक्ति उपासना, मंत्र-जप, साधना और आध्यात्मिक अनुशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेष रूप से शाक्त परंपरा और तांत्रिक साधना से जुड़े साधकों के लिए गुप्त नवरात्रि का समय अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। इस बार ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह पर्व खास माना जा रहा है क्योंकि शुरुआत कई दुर्लभ और शुभ योगों के बीच होगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष गुप्त नवरात्रि की शुरुआत ऐसे ग्रह-नक्षत्रों के संयोग में हो रही…