चीन से आयात की रफ्तार ने बढ़ाई भारत की मुश्किलें: बैटरी से लेकर इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों तक निर्भरता बढ़ी, 5320 अरब रुपये के पार पहुंचा व्यापार घाटा

भारत में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और विदेशी उत्पादों पर निर्भरता घटाने की कोशिशों के बीच चीन से होने वाला आयात लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। इलेक्ट्रिक वाहनों, मोबाइल फोन, कंप्यूटर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मांग बढ़ने के साथ भारतीय बाजार में चीनी सामानों की हिस्सेदारी भी बढ़ रही है। खासकर बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के मामले में चीन पर निर्भरता भारत के लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती बनती जा रही है। इसका असर दोनों देशों के बीच व्यापार के संतुलन पर भी दिखाई दे रहा है। वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती पांच महीनों यानी अप्रैल…