करवाचौथ पर दिनभर कैसे बनाए रखें ऊर्जा? सरगी की थाली में शामिल करें ये पौष्टिक चीजें, जानें सही समय और परंपरा

करवाचौथ का व्रत केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और वैवाहिक रिश्ते की मजबूती का प्रतीक भी माना जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए उपवास रखती हैं। परंपरा के अनुसार, महिलाएं सुबह सूर्योदय से पहले भोजन ग्रहण करती हैं और इसके बाद चंद्रमा के दर्शन तथा पूजा-अर्चना करने तक अन्न-जल से दूर रहती हैं। व्रत की शुरुआत में खाए जाने वाले इसी भोजन को सरगी कहा जाता है। साल 2026 में करवाचौथ का पर्व गुरुवार, 29 अक्टूबर को…