भारत-रूस रक्षा साझेदारी में बड़ा कदम: RELOS समझौता लागू, सैनिकों और सैन्य संसाधनों की साझा तैनाती संभव
भारत और रूस के बीच दशकों से चले आ रहे रणनीतिक संबंधों में रक्षा सहयोग की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। दोनों देशों के बीच सैन्य उपकरणों की खरीद, तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और संयुक्त सैन्य अभ्यास के क्षेत्र में लंबे समय से साझेदारी रही है। अब इस संबंध को लॉजिस्टिक सहयोग के स्तर पर भी मजबूती मिलने जा रही है। भारत और रूस के बीच Reciprocal Exchange of Logistics Support यानी RELOS समझौते के लागू होने से दोनों देशों की सेनाओं के बीच संसाधनों और सैन्य सुविधाओं के इस्तेमाल को लेकर सहयोग का एक औपचारिक ढांचा तैयार हुआ है। यह…
