श्रीकृष्ण के 108 नामों का क्या है रहस्य? हर नाम में छिपी है कान्हा की लीला और स्वरूप की अलग कहानी

श्रीकृष्ण को भारतीय धार्मिक परंपरा में प्रेम, करुणा, नीति, ज्ञान और भक्ति का अद्भुत संगम माना जाता है। बाल गोपाल से लेकर योगेश्वर तक उनका स्वरूप अलग-अलग नामों में दिखाई देता है। यही वजह है कि भगवान कृष्ण के नाम केवल उन्हें पुकारने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि उनके व्यक्तित्व, शक्तियों, लीलाओं और दिव्य स्वरूप को समझने का एक रास्ता भी माने जाते हैं। श्रीकृष्ण के अनेक नाम प्रचलित हैं और अलग-अलग धार्मिक ग्रंथों व परंपराओं में उनके नामों की संख्या भी अलग मिलती है। हालांकि पूजा-पाठ और नाम-जप की परंपरा में उनके 108 नामों यानी अष्टोत्तरशतनामावली का विशेष महत्व…

पूजा में परिक्रमा का नियम: हर देवी-देवता के लिए अलग है संख्या, जानिए सही विधि

सनातन धर्म में पूजा-पाठ केवल भगवान के सामने प्रार्थना करने तक सीमित नहीं माना जाता। मंदिर में प्रवेश करने से लेकर दर्शन, आरती, प्रसाद ग्रहण करने और परिक्रमा करने तक हर धार्मिक क्रिया का अपना अलग महत्व बताया गया है। इनमें परिक्रमा को विशेष स्थान प्राप्त है। श्रद्धालु जब किसी देवी-देवता या मंदिर के गर्भगृह के चारों ओर घूमते हैं, तो इसे भगवान के प्रति श्रद्धा, समर्पण और आस्था की अभिव्यक्ति माना जाता है। हिंदू धार्मिक परंपराओं में यह मान्यता प्रचलित है कि मंदिर में स्थापित देवता को जीवन का केंद्र मानकर उनके चारों ओर परिक्रमा करने से मन में…