जमात-ए-इस्लामी चीफ का भारत पर बड़ा बयान, कहा- रिश्ते समानता पर हों, तीस्ता हमारा अधिकार

बांग्लादेश की प्रमुख विपक्षी इस्लामिक राजनीतिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान ने भारत-बांग्लादेश संबंधों और तीस्ता नदी परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध विश्वास, समानता और परस्पर सम्मान के आधार पर आगे बढ़ने चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तीस्ता मास्टर प्लान पूरी तरह बांग्लादेश का आंतरिक विषय है और इस पर अंतिम निर्णय केवल ढाका अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ही करेगा। ढाका में संसद भवन परिसर में समाचार एजेंसी ANI को दिए एक इंटरव्यू के दौरान शफीकुर रहमान ने पड़ोसी देशों के साथ…

तीस्ता प्रोजेक्ट पर चीन की ओर झुका बांग्लादेश, भारत-बांग्लादेश रिश्तों में बढ़ सकती है नई चुनौती

बांग्लादेश की महत्वाकांक्षी तीस्ता नदी पुनर्वास और जल प्रबंधन परियोजना इन दिनों दक्षिण एशिया की कूटनीति में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। ढाका ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए चीन से सहयोग लेने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इससे क्षेत्रीय राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है और भारत-बांग्लादेश संबंधों के भविष्य को लेकर रणनीतिक विशेषज्ञों की नजर इस घटनाक्रम पर टिक गई है। तीस्ता नदी केवल एक जल स्रोत नहीं है, बल्कि यह भारत और बांग्लादेश दोनों के लिए कृषि, पर्यावरण और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। वर्षों से इस नदी के…

बंगाल-असम में बदली सियासी तस्वीर, बांग्लादेश में बढ़ी चिंता

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम सामने आने के बाद भारत की राजनीति में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। खासतौर पर पूर्वी भारत के राजनीतिक परिदृश्य में पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हुई है। इन दोनों राज्यों की भौगोलिक स्थिति और बांग्लादेश के साथ साझा सीमा को देखते हुए वहां होने वाले राजनीतिक बदलावों का असर केवल घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पड़ोसी देश के रणनीतिक और कूटनीतिक हलकों में भी उसकी चर्चा होती है। पश्चिम बंगाल और असम दोनों ही भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण राज्य हैं।…