मानसून से पहले पक्षियों के व्यवहार कैसे बदल जाते हैं? विज्ञान की नजर से पूरी व्याख्या
भारत में बारिश का मौसम सिर्फ एक मौसम नहीं, बल्कि जीवन, खेती और संस्कृति से जुड़ी एक गहरी प्रक्रिया है। जब आसमान में बादल घिरने लगते हैं, हवा में नमी बढ़ जाती है और तापमान में हल्की गिरावट महसूस होती है, तब कई लोग इसे पक्षियों के व्यवहार से भी जोड़कर देखने लगते हैं। मोर का नाचना, कोयल की तेज आवाज, अबाबील का कम ऊंचाई पर उड़ना, ऐसे कई संकेत सदियों से लोक-ज्ञान में मानसून के आने से जोड़े जाते रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि आधुनिक विज्ञान ने भी इन परंपरागत अवलोकनों को पूरी तरह खारिज नहीं किया…
