CJP के प्रदर्शन के बीच जानिए किन आंदोलनों ने बदली सरकार की नीति और किनकी मांगें अब भी अधूरी
लोकतंत्र में जनता के पास अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के कई संवैधानिक तरीके होते हैं। इनमें धरना, प्रदर्शन, रैली और संसद मार्च सबसे प्रभावी माध्यम माने जाते हैं। जब किसी वर्ग को लगता है कि उसकी मांगों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है, तब वह राजधानी दिल्ली का रुख करता है ताकि उसका मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन सके। हालांकि हर आंदोलन संसद भवन तक पहुंचने में सफल नहीं होता, लेकिन कई बार बिना संसद पहुंचे भी उसका असर सरकार की नीतियों और कानूनों पर दिखाई देता है। हाल के दिनों में काकरोच जनता…
