जन्माष्टमी की आधी रात को ही क्यों हुआ श्रीकृष्ण का प्राकट्य, क्या है इस पावन रात की विशेष महिमा?

सनातन परंपरा में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि अधर्म पर धर्म, अज्ञान पर ज्ञान और निराशा पर आशा की विजय का प्रतीक माना जाता है। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाने वाली जन्माष्टमी से जुड़ी मान्यताओं में सबसे खास बात भगवान श्रीकृष्ण का मध्यरात्रि में प्रकट होना है। यही वजह है कि जन्माष्टमी की रात को अत्यंत पवित्र और मंगलकारी माना जाता है। शास्त्रों में श्रीकृष्ण को भगवान विष्णु का पूर्णावतार और परम पुरुषोत्तम बताया गया है। उनके अवतरण का उद्देश्य केवल कंस जैसे अत्याचारी का अंत करना नहीं था,…