चातुर्मास 2026: भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने के बाद किस देवता के हाथों में रहती है सृष्टि की कमान? जानिए पौराणिक रहस्य
सनातन परंपरा में चातुर्मास का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। यह वह पवित्र अवधि होती है जब भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा के लिए प्रस्थान करते हैं और चार महीने तक विश्राम करते हैं। चातुर्मास की शुरुआत आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि यानी देवशयनी एकादशी से होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान भगवान विष्णु सृष्टि के नियमित संचालन से कुछ समय के लिए अलग हो जाते हैं। ऐसे में लोगों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि जब पालनहार भगवान विष्णु योगनिद्रा में होते हैं, तो पूरे संसार की व्यवस्था कौन संभालता…
