शारदीय नवरात्रि का आगाज, पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना और कलश स्थापना; जानें शुभ-अशुभ समय, राहुकाल और पंचांग

शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो गया है। अगले नौ दिनों तक देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की उपासना की जाएगी। नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व रहेगा। भक्त सुबह शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करके देवी का आह्वान करेंगे और इसके साथ ही नौ दिनों तक चलने वाले व्रत, जप, तप तथा धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत होगी। इस दिन घरों और मंदिरों में माता रानी की पूजा-अर्चना के साथ दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती और सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि…

Shardiya Navratri 2025 का पहला दिन: मां शैलपुत्री की पूजा, कलश स्थापना का महत्व और शुभ मुहूर्त

शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख और पवित्र पर्वों में से एक है। यह पर्व मां दुर्गा और उनके नौ दिव्य स्वरूपों की आराधना के लिए समर्पित माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में श्रद्धालु देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं, मंदिरों में दर्शन करते हैं और घरों में विशेष पूजा-अनुष्ठान आयोजित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की उपासना करने से भक्तों को शक्ति, साहस और मानसिक शांति प्राप्त होती है। वर्ष 2025 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर, सोमवार से होने की जानकारी दी गई है।…