ऑटिज्म के लक्षणों को समय रहते पहचानें, बच्चों के भविष्य को दें बेहतर दिशा
आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन, टैबलेट, स्मार्ट टीवी और अन्य स्क्रीन बच्चों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। पढ़ाई, मनोरंजन और ऑनलाइन गतिविधियों के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ने के साथ छोटे बच्चों का स्क्रीन के सामने बिताया जाने वाला समय भी कई परिवारों में बढ़ा है। कई माता-पिता बच्चों को व्यस्त रखने या खाना खिलाने के लिए मोबाइल और टीवी का सहारा लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार बहुत कम उम्र में लंबे समय तक स्क्रीन देखने की आदत बच्चे की नींद, शारीरिक गतिविधि, भाषा सीखने और सामाजिक व्यवहार को प्रभावित कर सकती है।…
