UN का नया वर्ल्ड मैप क्यों चर्चा में? 500 साल पुराने नक्शे को बदलने की जरूरत क्यों महसूस हुई

दुनिया को हम जिस नक्शे पर देखते आए हैं, वह धरती के वास्तविक आकार की पूरी तस्वीर नहीं दिखाता. स्कूलों की किताबों, ग्लोब के साथ इस्तेमाल होने वाले चार्ट, दफ्तरों और कई डिजिटल मैप्स में लंबे समय से जिस विश्व मानचित्र का इस्तेमाल होता रहा है, उसमें कुछ देशों और महाद्वीपों का आकार वास्तविकता से काफी अलग नजर आता है. यही वजह है कि संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी एक नई मैप पहल ने एक बार फिर दुनिया के नक्शे को लेकर बहस छेड़ दी है. इस चर्चा का केंद्र है इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन, जिसे धरती के अलग-अलग हिस्सों के वास्तविक…