नवरात्रि अष्टमी पर मां महागौरी की आराधना: सफेद वस्त्र पहनकर करें पूजा, नारियल के भोग का है विशेष महत्व

नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी अपने भक्तों को सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। इस दिन मंदिरों और घरों में विशेष पूजा की जाती है। कई श्रद्धालु अष्टमी के अवसर पर व्रत रखते हैं, मां के मंत्रों का जाप करते हैं और विधि-विधान से पूजा करके परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। मां महागौरी को सफेद रंग प्रिय माना जाता है। यही वजह है कि अष्टमी की पूजा में सफेद या हल्के रंग के वस्त्र पहनने की परंपरा प्रचलित है।…

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना, जानें पूजा का शुभ तरीका, प्रिय भोग, शक्तिशाली मंत्र और आरती

शारदीय नवरात्रि में सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की उपासना की जाती है। देवी का यह रूप अधर्म, भय और नकारात्मक शक्तियों के विनाश का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि अपने भक्तों को संकटों से लड़ने का साहस देती हैं और उन्हें निर्भय रहने की प्रेरणा देती हैं। उनका स्वरूप भले ही अत्यंत उग्र है, लेकिन भक्त उन्हें कल्याण करने वाली और शुभ फल प्रदान करने वाली देवी के रूप में पूजते हैं। इसी वजह से मां कालरात्रि को ‘शुभंकरी’ नाम से भी जाना जाता है। नवरात्रि के सातवें दिन मंदिरों…

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व, पढ़ें पौराणिक कथा, आरती और प्रभावशाली मंत्र

नवरात्रि के छह दिन पूरे होने के साथ ही मां दुर्गा के छठे स्वरूप देवी कात्यायनी की उपासना का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी अपने भक्तों के कष्ट दूर करने वाली और उन्हें साहस, शक्ति तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देने वाली देवी हैं। नवरात्रि के छठे दिन विधि-विधान से माता की पूजा करने के साथ उनकी कथा सुनना और मंत्रों का जाप करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि मां कात्यायनी की कृपा से साधक को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष जैसे चार पुरुषार्थों की प्राप्ति का मार्ग मिलता है। ऐसे में आइए जानते हैं…

आश्विन मास में त्योहारों की लंबी श्रृंखला, नवरात्रि-दशहरा से लेकर शरद पूर्णिमा तक जानें पूरी तारीखें

हिंदू पंचांग में आश्विन मास का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस महीने में पितरों के लिए किए जाने वाले श्राद्ध कर्म से लेकर देवी आराधना, नवरात्रि, दशहरा और शरद पूर्णिमा जैसे प्रमुख पर्व आते हैं। वर्ष 2026 में आश्विन मास का समापन 26 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा के साथ होगा। इस दौरान कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार पड़ेंगे। हालांकि इस बार कुछ पर्वों की तारीख को लेकर पंचांगों में अंतर दिखाई दे रहा है। खास तौर पर दुर्गा नवमी और विजयादशमी को लेकर अलग-अलग पंचांगों में अलग तारीखें बताई गई हैं। ऐसे में श्रद्धालु अपने क्षेत्र में प्रचलित…