कराची में रेंजर्स मुख्यालय पर बड़ा आतंकी हमला, आत्मघाती धमाके के बाद घंटों चली मुठभेड़; 10 की मौत

पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची एक बार फिर बड़े आतंकी हमले का गवाह बनी। शनिवार रात शहर के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित पाकिस्तान रेंजर्स के प्रांतीय मुख्यालय को निशाना बनाकर किए गए हमले ने पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने पहले विस्फोटकों से भरे वाहन के जरिए सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की और उसके बाद भारी हथियारों से लैस आतंकियों ने परिसर की ओर बढ़ते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच कई घंटों तक मुठभेड़ चली। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक…

बलूचिस्तान में सरकारी कर्मचारियों का बड़ा आंदोलन, वेतन-पेंशन को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों लोग

पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में सरकारी कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों का असंतोष अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है। विभिन्न कर्मचारी संघों और ट्रेड यूनियनों के साझा मंच ने सरकार की नीतियों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी के खिलाफ व्यापक आंदोलन शुरू कर दिया है। इस आंदोलन के तहत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि आने वाले दिनों में बड़े धरने और रैलियों की भी योजना बनाई गई है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई, वेतन में असमानता और पेंशन संबंधी फैसलों ने लाखों सरकारी कर्मचारियों के सामने आर्थिक…

PoK में 9 जून को बड़े बंद की तैयारी: पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बढ़ा असंतोष, इंटरनेट सेवाएं रोकी गईं

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक असंतोष खुलकर सामने आता दिखाई दे रहा है। क्षेत्र में सक्रिय संगठन जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने 9 जून को व्यापक बंद, विरोध प्रदर्शन और जनआंदोलन की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों की अनदेखी, आर्थिक समस्याओं और प्रशासनिक मुद्दों के समाधान में देरी के कारण जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी वजह से अब बड़े स्तर पर विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बंद के आह्वान के बाद पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल देखा जा…

कश्मीर का जिक्र कर EU-पाकिस्तान बयान ने बढ़ाई हलचल, भारत के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?

यूरोपीय यूनियन (EU) और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुई रणनीतिक वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान ने दक्षिण एशिया की कूटनीति को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। इस संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर का उल्लेख किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विशेषज्ञ, विदेश नीति के जानकार और राजनीतिक विश्लेषक अलग-अलग दृष्टिकोण से इसकी समीक्षा कर रहे हैं। भारत लंबे समय से यह स्पष्ट करता आया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उसके अभिन्न अंग हैं तथा इस विषय पर किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं है। ऐसे में संयुक्त बयान में इस मुद्दे का शामिल होना…