रूस-यूक्रेन युद्ध में किस देश को हुआ ज्यादा नुकसान? जानिए अब तक का पूरा हिसाब

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म करने की कोशिशों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच शांति स्थापित करने को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां बढ़ी हैं। इसी सिलसिले में अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने शनिवार को मॉस्को स्थित क्रेमलिन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से लंबी बातचीत की। यह बैठक तीन घंटे से अधिक समय तक चली। बातचीत का मकसद कई वर्षों से चल रहे सैन्य संघर्ष को राजनीतिक समाधान की दिशा में ले जाना था। बैठक के बाद रूस और यूक्रेन के…

जेलेंस्की ने भारत की शांति पहल का किया स्वागत: जयशंकर से मुलाकात में बोले- युद्ध खत्म कराने की कोशिश के लिए शुक्रगुजार

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए भारत की ओर से किए जा रहे प्रयासों और शांति की पहल की सराहना की है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने गुरुवार को कीव में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में भारत और यूक्रेन के द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ करीब साढ़े चार साल से जारी रूस-यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने के संभावित रास्तों पर भी चर्चा हुई। जेलेंस्की ने बैठक के बाद भारत के रुख की तारीफ करते हुए कहा कि उनका देश युद्ध समाप्त करने के लिए…

पुतिन के सामने मोदी का शांति संदेश: बोले- युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है, अब अंत की ओर बढ़ना जरूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत का रुख एक बार फिर स्पष्ट किया। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। बातचीत की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया में शांति स्थापित करने के हर प्रयास का समर्थन करता है और आगे भी करता रहेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी युद्ध में बीतने वाला हर दिन मानवता को पीछे ले जाता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर…

दुश्मनी से दोस्ती तक: जब इतिहास ने बदला रुख और बदले रिश्तों के मायने

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में दोस्ती और दुश्मनी स्थायी नहीं होती। समय, परिस्थितियां, आर्थिक जरूरतें और बदलती रणनीतियां कई बार ऐसे देशों को भी करीब ला देती हैं, जो कभी एक-दूसरे के सबसे बड़े विरोधी हुआ करते थे। इतिहास गवाह है कि युद्ध, संघर्ष और कटु संबंधों से गुजरने वाले कई देशों ने बाद में बातचीत, सहयोग और कूटनीति का रास्ता अपनाया। हाल के वर्षों में भी कई वैश्विक घटनाक्रमों ने यह दिखाया है कि लंबे समय से चले आ रहे तनाव को बातचीत के जरिए कम किया जा सकता है। मध्य-पूर्व में संघर्ष विराम की कोशिशों से लेकर अलग-अलग देशों के…