पितृपक्ष 2026: गया जी में ही क्यों किया जाता है पिंडदान? जानिए पितरों के मोक्ष से जुड़ी धार्मिक मान्यता
पितृपक्ष हिंदू धर्म में पूर्वजों को समर्पित एक महत्वपूर्ण अवधि मानी जाती है। भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष के दौरान आने वाले इन 15 दिनों में लोग अपने दिवंगत परिजनों और पूर्वजों का स्मरण करते हैं। मान्यता है कि इस दौरान श्रद्धा और विधि-विधान के साथ किया गया श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान पितरों को संतुष्टि प्रदान करता है। यही वजह है कि पितृपक्ष के दौरान देशभर में लोग अपने पूर्वजों के निमित्त अलग-अलग धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। हालांकि, पितरों के लिए किए जाने वाले कर्मकांडों में बिहार के गया धाम का विशेष स्थान माना जाता है। यहां पिंडदान करने के…
