गोल्डी बराड़ पर FBI का शिकंजा, टॉप-10 भगोड़ों की सूची में शामिल; गिरफ्तारी की सूचना पर 10 लाख डॉलर तक इनाम

गोल्डी बराड़ पर FBI का शिकंजा, टॉप-10 भगोड़ों की सूची में शामिल; गिरफ्तारी की सूचना पर 10 लाख डॉलर तक इनाम

अमेरिका ने भारत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को अपनी Ten Most Wanted Fugitives सूची में शामिल कर लिया है। एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी तक पहुंचाने वाली जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए 10 लाख अमेरिकी डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है। FBI ने यह कदम 28 सितंबर 2026 को उठाया।

FBI के लॉस एंजिल्स फील्ड ऑफिस के मुताबिक बराड़ इस ऐतिहासिक सूची में शामिल होने वाला 543वां भगोड़ा है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वह लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े संगठित अपराध नेटवर्क में उत्तरी अमेरिका की गतिविधियों में कथित तौर पर अहम भूमिका निभाता रहा है। एजेंसी ने उसे बेहद खतरनाक और हथियारबंद व्यक्ति बताते हुए लोगों से सीधे संपर्क करने के बजाय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सूचना देने की अपील की है।

अमेरिका में किन मामलों में घिरा है बराड़?

अमेरिकी अदालत में गोल्डी बराड़ के खिलाफ कई संघीय आरोप लगाए गए हैं। इनमें RICO के तहत साजिश, जबरन वसूली के जरिए कारोबार में हस्तक्षेप की साजिश और नियंत्रित नशीले पदार्थों को बांटने तथा उन्हें बांटने के इरादे से रखने की साजिश जैसे आरोप शामिल हैं। ये आरोप अभी अदालत में विचाराधीन हैं और इन्हें दोषसिद्धि के रूप में नहीं देखा जा सकता।

FBI के अनुसार बराड़ को लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध समूह से जोड़कर जांच की जा रही है। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि इस नेटवर्क की गतिविधियां केवल एक देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अमेरिका और कनाडा समेत कई इलाकों में फैली हुई हैं।

जांच एजेंसियों ने इस नेटवर्क पर हत्या, गोलीबारी, अपहरण, धमकी, जबरन वसूली, हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े होने के आरोप लगाए हैं। FBI के अनुसार संगठन ने कथित तौर पर हिंसा और धमकी का इस्तेमाल कर लोगों में डर पैदा किया और फिर इसी भय का इस्तेमाल वसूली के लिए किया।

543वें भगोड़े के तौर पर FBI की सूची में एंट्री

FBI की Ten Most Wanted Fugitives सूची अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसी की सबसे चर्चित भगोड़ा सूचियों में से एक है। गोल्डी बराड़ का नाम इसमें शामिल किए जाने के साथ ही वह इस सूची में जगह बनाने वाला 543वां भगोड़ा बन गया है।

FBI के लॉस एंजिल्स कार्यालय के अधिकारी पैट्रिक ग्रैंडी ने कहा कि एजेंसी और उसके सहयोगियों ने बराड़ को पकड़ना प्राथमिकता बनाया है। इसी वजह से उसका नाम टॉप-10 सूची में जोड़ा गया और उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी के लिए 10 लाख डॉलर तक के इनाम की घोषणा की गई।

अमेरिकी एजेंसी का कहना है कि इस सूची में शामिल किए जाने के बाद बराड़ की तस्वीर और पहचान संबंधी जानकारी को व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाएगा। FBI ने जनता से अपील की है कि अगर किसी व्यक्ति के पास उसके बारे में विश्वसनीय जानकारी है तो वह सीधे कानून प्रवर्तन एजेंसियों से संपर्क करे।

ऑपरेशन हार्डबॉल से जुड़ा पूरा मामला

गोल्डी बराड़ के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई को ऑपरेशन हार्डबॉल से भी जोड़कर देखा जा रहा है। FBI के अनुसार यह कई वर्षों से चल रही जांच का हिस्सा है, जिसका मकसद भारत से जुड़े ऐसे अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्कों पर कार्रवाई करना है जिनकी गतिविधियां कई देशों तक फैली बताई गई हैं।

जुलाई 2026 में अमेरिकी अधिकारियों ने इस अभियान के तहत तीन भारत-आधारित अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध समूहों से जुड़े 37 आरोपियों के खिलाफ आरोप घोषित किए थे। इनमें लॉरेंस बिश्नोई से जुड़ा नेटवर्क भी शामिल था। जांच में हत्या, जबरन वसूली, रैकेटियरिंग और ड्रग तस्करी जैसे मामलों को शामिल किया गया था।

FBI के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान कई आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं या पहले से हिरासत में थे। एजेंसी और उसके अंतरराष्ट्रीय साझेदारों ने कुछ भगोड़ों को भी पकड़ा है, जबकि गोल्डी बराड़ समेत कुछ अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

बिश्नोई नेटवर्क में बराड़ की कथित भूमिका

अमेरिकी जांच एजेंसियों के अनुसार लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल भारत की जेल में बंद है। FBI का आरोप है कि इसके बावजूद प्रतिबंधित संचार साधनों और अन्य माध्यमों का इस्तेमाल कर वह अपने आपराधिक नेटवर्क के सदस्यों के संपर्क में रहता था।

अमेरिकी अभियोग में बराड़ को बिश्नोई संगठन का एक भरोसेमंद सहयोगी और उत्तरी अमेरिका में कथित प्रमुख ऑपरेशनल व्यक्ति बताया गया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह संगठन के सदस्यों और सहयोगियों की गतिविधियों को दिशा देने में भूमिका निभाता था।

FBI ने यह भी आरोप लगाया है कि इस नेटवर्क की गतिविधियां अमेरिका और कनाडा के अलावा दूसरे देशों तक फैली हुई थीं। एजेंसी के मुताबिक नेटवर्क से जुड़े मामलों में हिंसा, वसूली और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी गतिविधियों की जांच की जा रही है।

निज्जर हत्याकांड का भी अमेरिकी केस में जिक्र

गोल्डी बराड़ के खिलाफ अमेरिकी दस्तावेजों में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में जून 2023 में हुई हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का भी उल्लेख किया गया है। FBI के मुताबिक जांच में बिश्नोई नेटवर्क से जुड़े आरोपियों पर इस हत्या का आदेश देने का आरोप लगाया गया है। निज्जर की 18 जून 2023 को सरे स्थित एक सिख मंदिर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

यह मामला कनाडा और भारत के बीच भी लंबे समय से कूटनीतिक विवाद का विषय रहा है। हालांकि अमेरिकी मामले में लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है।

FBI के दस्तावेजों में बराड़ और बिश्नोई नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधों का भी उल्लेख है। इनमें अमेरिका के लॉस एंजिल्स क्षेत्र में प्रतिद्वंद्वी ड्रग गिरोहों से बड़ी मात्रा में कोकीन चोरी करने का आरोप भी शामिल है। FBI के अनुसार मार्च 2024 से जुलाई 2025 के बीच लगभग 520 किलोग्राम कोकीन चोरी किए जाने की बात अभियोग में कही गई है।

कनाडा ने भी बिश्नोई संगठन पर की कार्रवाई

अमेरिकी कार्रवाई से पहले कनाडा सरकार ने सितंबर 2025 में बिश्नोई संगठन को आतंकवादी इकाई के रूप में सूचीबद्ध किया था। इसके बाद अमेरिका और कनाडा की एजेंसियों के बीच इस नेटवर्क से संबंधित जांच और सहयोग का दायरा बढ़ा।

FBI के मुताबिक गोल्डी बराड़ को कैलिफोर्निया और कनाडा के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाला माना जाता है। एजेंसी ने उसे पकड़ने के लिए अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग जारी रहने की बात कही है।

भारत में भी लंबे समय से वांछित

गोल्डी बराड़ का नाम भारत में भी कई आपराधिक मामलों से जुड़ा रहा है। वह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में भी वांछित है। मूसेवाला की 2022 में पंजाब के मानसा जिले में हत्या कर दी गई थी और इस मामले की जांच के दौरान बराड़ का नाम सामने आया था।

अमेरिका की मौजूदा कार्रवाई के बाद बराड़ की तलाश अब सिर्फ भारत या कनाडा तक सीमित नहीं रह गई है। FBI ने उसे अपनी सबसे चर्चित भगोड़ा सूची में शामिल करके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी तलाश को और प्रमुख बना दिया है।

FBI ने लोगों से कहा है कि बराड़ के बारे में जानकारी होने पर उससे खुद संपर्क न करें। सूचना सीधे FBI की टिप लाइन, स्थानीय FBI कार्यालय, नजदीकी अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास के माध्यम से दी जा सकती है। एजेंसी के अनुसार सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जा सकती है।

इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण बात यह है कि अमेरिकी अदालत में बराड़ पर लगाए गए आरोप अभी आरोप ही हैं। उसकी आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा। फिलहाल FBI की कार्रवाई ने उसे अमेरिका की Ten Most Wanted Fugitives सूची में शामिल कर दिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए 10 लाख डॉलर तक का इनाम घोषित किया गया है।