बच्चों की परवरिश में न करें ये 5 गलतियां, आत्मसम्मान पर पड़ सकता है बच्चों की पसंद और सीमाओं का सम्मान क्यों है जरूरी?बुरा प्रभाव

बच्चों की पसंद और सीमाओं का सम्मान क्यों जरूरी है? बच्चों के लिए परिवार और रिश्तेदारों के बीच होने वाली छोटी-छोटी बातें भी काफी मायने रखती हैं। शादी, जन्मदिन, पूजा, पार्टी या किसी पारिवारिक कार्यक्रम में अक्सर बच्चे सभी के आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं। लोग उनसे बातचीत करना चाहते हैं, उनके साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं और कई बार मजाक-मजाक में उनसे कुछ ऐसा करने के लिए भी कह देते हैं, जिसमें बच्चा सहज महसूस नहीं करता। कई माता-पिता भी सामाजिक दबाव में आकर बच्चे को वह काम करने के लिए कह देते हैं। बड़ों के लिए भले ही…

बच्चा गुस्से में माता-पिता को मारने लगे तो क्या करें? इन तरीकों से समझाएं सही और गलत की सीमा

छोटे बच्चों में गुस्सा, जिद, चिड़चिड़ापन और अपनी बात मनवाने की कोशिश करना उनके विकास का सामान्य हिस्सा माना जाता है। कई बार बच्चा अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त नहीं कर पाता और ऐसे में वह रोने, चिल्लाने, चीजें फेंकने या हाथ-पैर चलाने लगता है। लेकिन जब यही व्यवहार माता-पिता को मारने तक पहुंच जाए, तो इसे केवल बच्चे की मासूम शरारत समझकर छोड़ देना सही नहीं है। बच्चे का किसी पेरेंट पर हाथ उठाना इस बात का संकेत हो सकता है कि उसे अपनी भावनाओं को नियंत्रित करना और अपनी सीमाओं को समझना अभी सीखना है। ऐसे समय…

बच्चों में अनुशासन लाने के लिए डांट नहीं, समझदारी है सबसे बड़ा हथियार; इन गलतियों से बचें वरना पड़ सकता है उल्टा असर

हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा संस्कारी, जिम्मेदार और अच्छे व्यवहार वाला बने। इसी चाहत में कई बार पैरेंट्स बच्चों की गलतियों पर तुरंत सख्ती दिखाने लगते हैं। उन्हें लगता है कि ऊंची आवाज में डांटने, बार-बार रोकने या सजा देने से बच्चा जल्दी सुधर जाएगा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अनुशासन और डर, दोनों अलग-अलग बातें हैं। डर के सहारे बच्चा कुछ समय के लिए आपकी बात मान सकता है, लेकिन लंबे समय में उसका आत्मविश्वास, मानसिक स्वास्थ्य और माता-पिता के साथ रिश्ता प्रभावित हो सकता है। हाल के वर्षों में बच्चों के व्यवहार और…